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धरने पर बैठे सरपंच
Updated Wed, 04 Apr 2018 01:04 AM IST
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ई पंचायत प्रणाली का विरोध, अनिश्चितकालीन धरने पर सरपंच
अमर उजाला ब्यूरो
खोल।
खंड विकास पंचायत अधिकारी डहीना व खोल प्रांगण में ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में क्षेत्र के सरपंचों ने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ प्रदेश सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया। डहीना के सरपंचों ने डहीना ब्लॉक परिसर व खोल के सरपंचों ने खोल ब्लॉक परिसर में धरना शुरू किया। सरपंचों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों नहीं मान लेती, धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। सरपंचों ने मांग की कि ई-पंचायती प्रणाली लागू करने से पहले ग्राम पंचायतों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाएं जाएं। हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 को पूर्णतया लागू किया जाए। ग्राम सचिव की शैक्षणिक योग्यता स्नातक की जाए और ग्राम सचिव का वेतनमान पटवारी के समान किया जाए। सांसदों एवं विधायकों की तर्ज पर सरपंचों व पंचों का मानदेय तुरंत प्रभाव से बढ़ाया जाए और पेंशन निर्धारित की जाए। बैठकों में भाग लेने पर सरपंचों, पंचों का यात्रा भत्ता व दैनिक भत्ता निर्धारित कर सरकार द्वारा वहन किया जाए। ग्राम सचिवों के 20 रुपये मासिक वाहन भत्ते को बढ़ाकर 5 हजार किया जाए। गांवों में जल्द से जल्द राशन कार्ड बनवाएं जाएं और सर्वे करवा कर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बीपीएल कार्ड बनवाएं जाएं। प्रधानमंत्री आवास योजना का दायरा विस्तृत कर शहरों की तर्ज पर गांवों में गरीबी एवं कमजोर तबके के जरूरतमंद परिवारों के मकान जल्द से जल्द बनवाएं जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों को भी छत मुहैया हो सकें। प्रत्येक गांव में ग्राम सचिवालय बनाए जाएं और उनमें पर्याप्त संसाधन एवं खंड एवं जिला मुख्यालय स्तर की विभिन्न सुविधाएं दी जाएं ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
खोल।
खंड विकास पंचायत अधिकारी डहीना व खोल प्रांगण में ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में क्षेत्र के सरपंचों ने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ प्रदेश सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया। डहीना के सरपंचों ने डहीना ब्लॉक परिसर व खोल के सरपंचों ने खोल ब्लॉक परिसर में धरना शुरू किया। सरपंचों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों नहीं मान लेती, धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। सरपंचों ने मांग की कि ई-पंचायती प्रणाली लागू करने से पहले ग्राम पंचायतों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाएं जाएं। हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 को पूर्णतया लागू किया जाए। ग्राम सचिव की शैक्षणिक योग्यता स्नातक की जाए और ग्राम सचिव का वेतनमान पटवारी के समान किया जाए। सांसदों एवं विधायकों की तर्ज पर सरपंचों व पंचों का मानदेय तुरंत प्रभाव से बढ़ाया जाए और पेंशन निर्धारित की जाए। बैठकों में भाग लेने पर सरपंचों, पंचों का यात्रा भत्ता व दैनिक भत्ता निर्धारित कर सरकार द्वारा वहन किया जाए। ग्राम सचिवों के 20 रुपये मासिक वाहन भत्ते को बढ़ाकर 5 हजार किया जाए। गांवों में जल्द से जल्द राशन कार्ड बनवाएं जाएं और सर्वे करवा कर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बीपीएल कार्ड बनवाएं जाएं। प्रधानमंत्री आवास योजना का दायरा विस्तृत कर शहरों की तर्ज पर गांवों में गरीबी एवं कमजोर तबके के जरूरतमंद परिवारों के मकान जल्द से जल्द बनवाएं जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों को भी छत मुहैया हो सकें। प्रत्येक गांव में ग्राम सचिवालय बनाए जाएं और उनमें पर्याप्त संसाधन एवं खंड एवं जिला मुख्यालय स्तर की विभिन्न सुविधाएं दी जाएं ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।