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पैट्रोल-डीजल की बढती कीमतों पर गंभीरता दिखाए सरकार
Updated Wed, 23 May 2018 01:40 AM IST
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हल्ला करने वाली पार्टी की सरकार बढ़ा रही तेल की कीमतें
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
कर्नाटक चुनाव के परिणाम के बाद जो कयास लगा जा रहे थे वे सही साबित हो रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का क्रम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। एक पखवाड़े के दौरान डीजल और पेट्रोल की कीमतों में पांच रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। लोगों का कहना है कि हल्ला करने वाली पार्टी की सरकार अब तेल की कीमतें बढ़ रही है। इस कारण जनता से लेकर व्यापारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी सरकार पर खूब गरम हो रहे हैं। सभी का कहना है कि सरकार ने आम जनता को सब्ज बाग दिखाए थे, वे महज एक छलावा थे। अब मोदी सरकार इन पर काम करके दिखाए। बढ़ती तेल की कीमतों का असर आम लोगों पर भी काफी अधिक पड़ने लगा है। लोगों का कहना है कि सरकार को आए दिन बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल की कीमतों को गंभीरता से लेकर इन पर नियंत्रण करना चाहिए, ताकि लोगों पर पड़ने वाले भार से छुटकारा मिल सके। अमर उजाला ने पेट्रोल व डीजल के बढ़ रहे भावों को लेकर अलग-अलग वर्ग के लोगों से बातचीत की।
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यह वही भाजपा है जो कांग्रेस के शासन में पेट्रोल-डीजल के मामूली भाव बढ़ते ही हल्ला कर देती थी। अब मोदी सरकार को देश को बताना चाहिए कि वे अब अंकुश क्यों नहीं लगा पा रहे हैं। यह सब सरकार की साजिश के तहत हो रहा है तथा बढ़ती कीमतों पर सरकार भी अंकुश नहीं लगानी चाहती है ताकि पेट्रोलियम कंपनियों का खजाना भर सके। बढ़ती कीमतों से हर वर्ग पर असर पड़ रहा है लेकिन सरकार बेफिक्र है।
चौधरी जसवंत सिंह बावल, पूर्व मंत्री एवं कांग्रेसी नेता।
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सरकार की मंशा ठीक नहीं है। कर्नाटक चुनावों को लेकर पेट्रोल के भावों में बढोतरी को रोका गया था। चुनाव के बाद इनमें बढ़ोत्तरी की जा रही है। पेट्रोल व डीजल के भाव बढ़ने से सबसे ज्यादा नुकसान मध्यमवर्ग का उठाना पड़ रहा है। एक तरफ बढ़ती महंगाई वहीं 100 रुपये तक पहुंचने को हो रहे डीजल-पेट्रोल से हर वर्ग बहुत प्रभावित हो रहा है। सरकार की मंशा सही नहीं है। - सुनील चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष इनेेलो।
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रोजाना बढ़ रहे रहे पेट्रोल और डीजल के भावों पर सरकार को नियंत्रण करना चाहिए। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित देश के किसान वर्ग को होनेे पड़ता है। इसके अलावा बढ़ती कीमतों की वजह से किराए भाड़े से लेकर तमाम वर्गों पर इसका असर पड़ रहा है। राधेश्याम मित्तल, व्यापारी
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सरकार को आम लोगों की बिल्कुल भी चिंता नहीं है। इतने अधिक भाव तो कभी नहीं बढ़े है। वहीं एक तरफ सरकार आम लोगों के कल्याण की बात करती है जबकि महंगाई के मुुुद्दे पर वह काम करनी की बजाय चुप बैठी हुई है। सरकार को नियंत्रण के लिए कदम उठाने चाहिए तथा इन दोनों को जीएसटी में शामिल किया जाए। अभिषेक झाम्ब, व्यापारी।
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सरकार इस मसले पर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है जबकि आम लोगों का बुरा हाल हो रहा है। सरकार को तेल कीमतों पर नियंत्रण के लिए कठोर कदम उठाते हुए इसमें कमी करें। आम आदमी के पास तो अब पेट्रोल के पैसे भी नहीं बच रहे हैं। महंगाई के इस दौर में सरकार आम लोगों को राहत देने का काम करे।
जतिन पूनिया।
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मोदी सरकार ने जो वायदा आम जनता से किया था उनमें लगभग सरकार फेल साबित हो रही है। तेल की कीमतें इतनी बढ़ गई है कि मोटरसाइकिल चलना भी मुश्किल हो गया है। एक सप्ताह के दौरान ही तेल के भावों में सीधे ही पांच रुपये से भी अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है। - बंटी कुमार
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दिनांक कीमत पेट्रोल डीजल प्रति लीटर
11 मई 74.72 66.04 रुपये
12 मई 74. 72 66. 04
13 मई 72. 47 66.32
14 मई 74. 88 66. 61
15 मई 75.03 66.83
16 मई 75. 18 67. 04
17मई 75.05 67.26
18 मई 75.69 67. 55
19 मई 75.69 67.55
20 मई 76. 32 68. 04
21 मई 76.64 68.32
22 मई 76. 94 68. 63
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
कर्नाटक चुनाव के परिणाम के बाद जो कयास लगा जा रहे थे वे सही साबित हो रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का क्रम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। एक पखवाड़े के दौरान डीजल और पेट्रोल की कीमतों में पांच रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। लोगों का कहना है कि हल्ला करने वाली पार्टी की सरकार अब तेल की कीमतें बढ़ रही है। इस कारण जनता से लेकर व्यापारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी सरकार पर खूब गरम हो रहे हैं। सभी का कहना है कि सरकार ने आम जनता को सब्ज बाग दिखाए थे, वे महज एक छलावा थे। अब मोदी सरकार इन पर काम करके दिखाए। बढ़ती तेल की कीमतों का असर आम लोगों पर भी काफी अधिक पड़ने लगा है। लोगों का कहना है कि सरकार को आए दिन बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल की कीमतों को गंभीरता से लेकर इन पर नियंत्रण करना चाहिए, ताकि लोगों पर पड़ने वाले भार से छुटकारा मिल सके। अमर उजाला ने पेट्रोल व डीजल के बढ़ रहे भावों को लेकर अलग-अलग वर्ग के लोगों से बातचीत की।
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यह वही भाजपा है जो कांग्रेस के शासन में पेट्रोल-डीजल के मामूली भाव बढ़ते ही हल्ला कर देती थी। अब मोदी सरकार को देश को बताना चाहिए कि वे अब अंकुश क्यों नहीं लगा पा रहे हैं। यह सब सरकार की साजिश के तहत हो रहा है तथा बढ़ती कीमतों पर सरकार भी अंकुश नहीं लगानी चाहती है ताकि पेट्रोलियम कंपनियों का खजाना भर सके। बढ़ती कीमतों से हर वर्ग पर असर पड़ रहा है लेकिन सरकार बेफिक्र है।
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चौधरी जसवंत सिंह बावल, पूर्व मंत्री एवं कांग्रेसी नेता।
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सरकार की मंशा ठीक नहीं है। कर्नाटक चुनावों को लेकर पेट्रोल के भावों में बढोतरी को रोका गया था। चुनाव के बाद इनमें बढ़ोत्तरी की जा रही है। पेट्रोल व डीजल के भाव बढ़ने से सबसे ज्यादा नुकसान मध्यमवर्ग का उठाना पड़ रहा है। एक तरफ बढ़ती महंगाई वहीं 100 रुपये तक पहुंचने को हो रहे डीजल-पेट्रोल से हर वर्ग बहुत प्रभावित हो रहा है। सरकार की मंशा सही नहीं है। - सुनील चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष इनेेलो।
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रोजाना बढ़ रहे रहे पेट्रोल और डीजल के भावों पर सरकार को नियंत्रण करना चाहिए। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित देश के किसान वर्ग को होनेे पड़ता है। इसके अलावा बढ़ती कीमतों की वजह से किराए भाड़े से लेकर तमाम वर्गों पर इसका असर पड़ रहा है। राधेश्याम मित्तल, व्यापारी
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सरकार को आम लोगों की बिल्कुल भी चिंता नहीं है। इतने अधिक भाव तो कभी नहीं बढ़े है। वहीं एक तरफ सरकार आम लोगों के कल्याण की बात करती है जबकि महंगाई के मुुुद्दे पर वह काम करनी की बजाय चुप बैठी हुई है। सरकार को नियंत्रण के लिए कदम उठाने चाहिए तथा इन दोनों को जीएसटी में शामिल किया जाए। अभिषेक झाम्ब, व्यापारी।
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सरकार इस मसले पर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है जबकि आम लोगों का बुरा हाल हो रहा है। सरकार को तेल कीमतों पर नियंत्रण के लिए कठोर कदम उठाते हुए इसमें कमी करें। आम आदमी के पास तो अब पेट्रोल के पैसे भी नहीं बच रहे हैं। महंगाई के इस दौर में सरकार आम लोगों को राहत देने का काम करे।
जतिन पूनिया।
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मोदी सरकार ने जो वायदा आम जनता से किया था उनमें लगभग सरकार फेल साबित हो रही है। तेल की कीमतें इतनी बढ़ गई है कि मोटरसाइकिल चलना भी मुश्किल हो गया है। एक सप्ताह के दौरान ही तेल के भावों में सीधे ही पांच रुपये से भी अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है। - बंटी कुमार
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दिनांक कीमत पेट्रोल डीजल प्रति लीटर
11 मई 74.72 66.04 रुपये
12 मई 74. 72 66. 04
13 मई 72. 47 66.32
14 मई 74. 88 66. 61
15 मई 75.03 66.83
16 मई 75. 18 67. 04
17मई 75.05 67.26
18 मई 75.69 67. 55
19 मई 75.69 67.55
20 मई 76. 32 68. 04
21 मई 76.64 68.32
22 मई 76. 94 68. 63
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