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लोगों के विरोध के बीच पुलिस ने हटवाई कोर्ट के समीप रैहड़ियां----15
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रेवाड़ी। कोर्ट के आसपास से रेहड़ियों को पुलिस ने लोगों के विरोध के बीच शुक्रवार को हटवा दिया। इस दौरान रेहड़ी संचालकों व पुलिस के बीच कई बार तनातनी की नौबत भी आई। वहीं रेहड़ी संचालकों का कहना है कि जिला बार एसोसिएशन को रेहड़ी लगाने की एवज में शुल्क भी देते हैं।
जिला कोर्ट परिसर की ग्रिल के आसपास लोगों द्वारा लगाई गई रेहड़ियों को शुक्रवार को पुलिस ने हटवा दिया। रेहड़ी संचालकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध भी किया। इस दौरान पुलिस व रेहड़ी वालों के बीच कई बार तनातनी की नौबत भी आई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि रोड के समीप खड़ी होने के कारण यहां दिनभर जाम की स्थित बनी रहती है, जिससे यहां हादसों की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा लोगों ने उपायुक्त को इसकी शिकायत भी की हुई है। उधर, रेहड़ी संचालकों का कहना है कि वे जिला बार एसोसिएशन की अनुमति के बाद ही रेहड़ी लगा रहे है, जिसकी एवज में बार को मासिक किराया भी दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि यहां करीब एक दर्जन लोगों ने अपनी रोजी-रोटी के लिए रेहड़ी लगाई हुई है, जिससे उनके परिवार का भरण पोषण होता है। रेहड़ी संचालकों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को हटवाने से पहले सूचना देनी चाहिए थी, जिससे उनका सामान खराब नहीं होता।
जिला कोर्ट परिसर की ग्रिल के आसपास लोगों द्वारा लगाई गई रेहड़ियों को शुक्रवार को पुलिस ने हटवा दिया। रेहड़ी संचालकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध भी किया। इस दौरान पुलिस व रेहड़ी वालों के बीच कई बार तनातनी की नौबत भी आई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि रोड के समीप खड़ी होने के कारण यहां दिनभर जाम की स्थित बनी रहती है, जिससे यहां हादसों की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा लोगों ने उपायुक्त को इसकी शिकायत भी की हुई है। उधर, रेहड़ी संचालकों का कहना है कि वे जिला बार एसोसिएशन की अनुमति के बाद ही रेहड़ी लगा रहे है, जिसकी एवज में बार को मासिक किराया भी दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि यहां करीब एक दर्जन लोगों ने अपनी रोजी-रोटी के लिए रेहड़ी लगाई हुई है, जिससे उनके परिवार का भरण पोषण होता है। रेहड़ी संचालकों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को हटवाने से पहले सूचना देनी चाहिए थी, जिससे उनका सामान खराब नहीं होता।
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