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टूटी सड़कों की फोटो हरपथ एप पर करें अपलोड, 15 दिन में समाधान
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:58 PM IST
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टूटी सड़कों की फोटो हरपथ एप पर करें अपलोड, 15 दिन में समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हरियाणा की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल करते हुए हरपथ हरियाणा मोबाइल एप लांच किया है। अब आम जनता को सरकारी कार्यालयों में जाकर टूटी व खराब सड़कों के बारे में शिकायत करने की जरूरत नहीं हैं। बल्कि सड़कों की फोटो क्लिक करके एप पर डालने से ही शिकायत संबंधित विभाग को चली जाएगी। प्रदेश में अब तक इस एप को लगभग 7000 लोगों ने डाउनलोड किया है।
उपायुक्त पंकज ने बताया कि इस मोबाइल एप को किसी भी एंड्रायड फोन पर नि:शुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इसकी खास बात यह है कि इसमें प्रदेश की सभी सड़कों की जियो टैंगिंग की गई है। इस एप को डाउनलोड करने के बाद संबंधित मोबाइल यूजर को स्वयं को इस पर रजिस्टर करना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद फोन में जीपीएस ऑन किया जाना चाहिए ताकि संबंधित मोबाइल यूजर की लोकेशन चिन्हित हो सके। स्वयं को रजिस्टर करने के उपरंात यदि व्यक्ति सड़क के क्षतिग्रस्त होने की कंप्लेंट करना चाहता है तो मोबाइल एप में कंपलेंट का ऑप्शन दिया गया है। कंपलेंट ऑप्शन में जाकर व्यक्ति को सड़कों के जाल का एक चित्र दिखाई देगा जिसपर एक सुईनुमा निशान लगा होगा। इस निशान को मूव करने पर सड़कों के नाम व उसकी लोकेशन दिखाई देगी। सड़कों के जाल को सेटेलाइट मैप में भी देखा जा सकता है। इसका विकल्प भी मैप के साथ ही दिया गया है। इस सुईनुमा निशान को क्षतिग्रस्त सड़क के नाम के ऊपर ले जाने पर मैप के नीचे सड़क की लोकेशन लिखी आती है। लोकेशन के नीचे एक विकल्प आता है और उसमें सड़क की स्थिति बताने संबंधी तीन विकल्प आते हैं, जिसमें पहला डैमेज्ड रोड, दूसरा एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट और तीसरा अदर्स का होता है। इन विकल्पों में से सिलेक्ट के बाद अगला विकल्प रिमार्क्स का होता है, जिसमें व्यक्ति टिप्पणी लिख सकता है। अंतिम विकल्प फोटो अपलोड का होता है, जिस पर जाकर यूजर क्षतिग्रस्त सड़क की फोटो खींचकर अपलोड कर सकता है। शिकायत अपलोड होने के बाद इसकी सूचना संबंधित विभाग के अधिकारी व इंजीनियर के पास चली जाएगी। इसके बाद संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी कि सड़क के गड्डे भरवाकर उसकी मरम्मत करवाए।
यूजर अपनी शिकायत का स्टेटस भी एप में देख सकता है। शिकायत का समाधान होने के उपरंात उसके स्टेटस में इसकी सूचना यूजर को दी जाती है। इस एप के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायत को दूर करने के लिए सरकार ने 15 दिन का समय निर्धारित कर रखा है।
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डाउनलोड करने के दो फायदे
इस एप को डाउनलोड करने के दो फायदे हैं। पहला फायदा यह है कि इससे प्रदेश की सड़कों की मॉनीटरिंग करने में आसानी होगी। वहीं दूसरा फायदा ये है कि सड़कों की दशा सुधरेगी। रेवाड़ी में इस मोबाइल एप का महत्व और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि सड़कों के गड्ढे से वाहनों की रफ्तार धीमी होती है, जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। सड़कों की मरम्मम से दुर्घटनाओं में गिरावट आएगी। उपायुक्त ने कहा कि सड़कों की खराब स्थिति को हरपथ हरियाणा मोबाइल एप पर अपलोड करें ताकि तुरंत उनका समाधान हो सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हरियाणा की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल करते हुए हरपथ हरियाणा मोबाइल एप लांच किया है। अब आम जनता को सरकारी कार्यालयों में जाकर टूटी व खराब सड़कों के बारे में शिकायत करने की जरूरत नहीं हैं। बल्कि सड़कों की फोटो क्लिक करके एप पर डालने से ही शिकायत संबंधित विभाग को चली जाएगी। प्रदेश में अब तक इस एप को लगभग 7000 लोगों ने डाउनलोड किया है।
उपायुक्त पंकज ने बताया कि इस मोबाइल एप को किसी भी एंड्रायड फोन पर नि:शुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इसकी खास बात यह है कि इसमें प्रदेश की सभी सड़कों की जियो टैंगिंग की गई है। इस एप को डाउनलोड करने के बाद संबंधित मोबाइल यूजर को स्वयं को इस पर रजिस्टर करना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद फोन में जीपीएस ऑन किया जाना चाहिए ताकि संबंधित मोबाइल यूजर की लोकेशन चिन्हित हो सके। स्वयं को रजिस्टर करने के उपरंात यदि व्यक्ति सड़क के क्षतिग्रस्त होने की कंप्लेंट करना चाहता है तो मोबाइल एप में कंपलेंट का ऑप्शन दिया गया है। कंपलेंट ऑप्शन में जाकर व्यक्ति को सड़कों के जाल का एक चित्र दिखाई देगा जिसपर एक सुईनुमा निशान लगा होगा। इस निशान को मूव करने पर सड़कों के नाम व उसकी लोकेशन दिखाई देगी। सड़कों के जाल को सेटेलाइट मैप में भी देखा जा सकता है। इसका विकल्प भी मैप के साथ ही दिया गया है। इस सुईनुमा निशान को क्षतिग्रस्त सड़क के नाम के ऊपर ले जाने पर मैप के नीचे सड़क की लोकेशन लिखी आती है। लोकेशन के नीचे एक विकल्प आता है और उसमें सड़क की स्थिति बताने संबंधी तीन विकल्प आते हैं, जिसमें पहला डैमेज्ड रोड, दूसरा एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट और तीसरा अदर्स का होता है। इन विकल्पों में से सिलेक्ट के बाद अगला विकल्प रिमार्क्स का होता है, जिसमें व्यक्ति टिप्पणी लिख सकता है। अंतिम विकल्प फोटो अपलोड का होता है, जिस पर जाकर यूजर क्षतिग्रस्त सड़क की फोटो खींचकर अपलोड कर सकता है। शिकायत अपलोड होने के बाद इसकी सूचना संबंधित विभाग के अधिकारी व इंजीनियर के पास चली जाएगी। इसके बाद संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी कि सड़क के गड्डे भरवाकर उसकी मरम्मत करवाए।
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यूजर अपनी शिकायत का स्टेटस भी एप में देख सकता है। शिकायत का समाधान होने के उपरंात उसके स्टेटस में इसकी सूचना यूजर को दी जाती है। इस एप के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायत को दूर करने के लिए सरकार ने 15 दिन का समय निर्धारित कर रखा है।
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डाउनलोड करने के दो फायदे
इस एप को डाउनलोड करने के दो फायदे हैं। पहला फायदा यह है कि इससे प्रदेश की सड़कों की मॉनीटरिंग करने में आसानी होगी। वहीं दूसरा फायदा ये है कि सड़कों की दशा सुधरेगी। रेवाड़ी में इस मोबाइल एप का महत्व और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि सड़कों के गड्ढे से वाहनों की रफ्तार धीमी होती है, जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। सड़कों की मरम्मम से दुर्घटनाओं में गिरावट आएगी। उपायुक्त ने कहा कि सड़कों की खराब स्थिति को हरपथ हरियाणा मोबाइल एप पर अपलोड करें ताकि तुरंत उनका समाधान हो सके।