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558 किसानों को तीसरे चरण में ट्यूबवेल मिलने का इंतजार
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बिजली निगम की सुस्त रफ्तार के चलते किसानों को तीसरे चरण में ट्यूबवेल मिलने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। निगम की ओर से तीसरे चरण के कनेक्शन के लिए जनवरी में 558 किसानों को मोटर की राशि जमा कराने के लिए पत्र भेजे गए थे।
वहीं पिछले साल सितंबर में निगम की ओर से ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए लाइन खींचने व ट्रांसफार्मर लगाने संबंधित प्रक्रिया के लिए टेंडर जारी कर दिया था लेकिन करीब 10 माह के पश्चात भी अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसके चलते किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी बहुत धीमी है। इससे किसानों को खरीफ के सीजन में भी ट्यूबवेल कनेक्शन मिलने की संभावना कम ही दिख रही है। गिरते जलस्तर सिंचाई के लिए नहरी उपलब्धता नहीं होने के कारण किसान ट्यूबवेल पर ही निर्भर हैं। ऐसे में ट्यूबवेल कनेक्शन में हो रही देरी के कारण किसानों की परेशानी और अधिक बढ़ गई है।
चार साल से चल रही है कनेक्शन देने की प्रक्रिया
सरकार की तरफ से वर्ष 2014 से 2018 तक आवेदन करने वाले किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन देने का फैसला लिया था। इन चार सालों में जिले में 2900 से अधिक किसानों ने आवेदन किया था। सरकार के आदेश के पश्चात निगम की ओर से किसानों को डिमांड नोटिस भेजे गए थे जिसके चलते 2158 किसानों ने राशि जमा कराई थी। इसके पश्चात निगम की ओर से वरिष्ठता के अनुसार कनेक्शन जारी करने शुरू कर दिए थे। निगम की ओर से पहले चरण में जहां 250 से अधिक किसानों को केबल लगाकर कनेक्शन दिए थे। वहीं दूसरे चरण में निगम की ओर से 1350 किसानों को खंभे लगने और तार खींचने के के बाद कनेक्शन दिए थे। अब तीसरे चरण में 558 किसानों को कनेक्शन के लिए इंतजार है।
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लाइन खींचने व ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। बीच में रबी फसल की बुआई होने से यह काम थोड़ा धीमा हो गया था। अगस्त के पहले सप्ताह तक सभी किसानों को कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे।
- एमएल रोहिल्ला, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।
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वहीं पिछले साल सितंबर में निगम की ओर से ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए लाइन खींचने व ट्रांसफार्मर लगाने संबंधित प्रक्रिया के लिए टेंडर जारी कर दिया था लेकिन करीब 10 माह के पश्चात भी अभी तक यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसके चलते किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी बहुत धीमी है। इससे किसानों को खरीफ के सीजन में भी ट्यूबवेल कनेक्शन मिलने की संभावना कम ही दिख रही है। गिरते जलस्तर सिंचाई के लिए नहरी उपलब्धता नहीं होने के कारण किसान ट्यूबवेल पर ही निर्भर हैं। ऐसे में ट्यूबवेल कनेक्शन में हो रही देरी के कारण किसानों की परेशानी और अधिक बढ़ गई है।
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चार साल से चल रही है कनेक्शन देने की प्रक्रिया
सरकार की तरफ से वर्ष 2014 से 2018 तक आवेदन करने वाले किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन देने का फैसला लिया था। इन चार सालों में जिले में 2900 से अधिक किसानों ने आवेदन किया था। सरकार के आदेश के पश्चात निगम की ओर से किसानों को डिमांड नोटिस भेजे गए थे जिसके चलते 2158 किसानों ने राशि जमा कराई थी। इसके पश्चात निगम की ओर से वरिष्ठता के अनुसार कनेक्शन जारी करने शुरू कर दिए थे। निगम की ओर से पहले चरण में जहां 250 से अधिक किसानों को केबल लगाकर कनेक्शन दिए थे। वहीं दूसरे चरण में निगम की ओर से 1350 किसानों को खंभे लगने और तार खींचने के के बाद कनेक्शन दिए थे। अब तीसरे चरण में 558 किसानों को कनेक्शन के लिए इंतजार है।
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लाइन खींचने व ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। बीच में रबी फसल की बुआई होने से यह काम थोड़ा धीमा हो गया था। अगस्त के पहले सप्ताह तक सभी किसानों को कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे।
- एमएल रोहिल्ला, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।