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Rewari News: जिले के 52 स्कूल होंगे स्मार्ट, मई से शुरू होगी डिजिटल पढ़ाई
Mon, 23 Mar 2026 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:49 PM IST
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रेवाड़ी। बिठवाना स्थित पीएमश्री विद्यालय के कक्ष में लगा डिजिटल बोर्ड। संवाद
रेवाड़ी। जिले के 52 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट बनाया जाएगा। फरवरी में शुरू की गई स्मार्ट क्लास योजना के तहत इन विद्यालयों में एलईडी स्क्रीन लगाने का कार्य पूरा होने की कगार पर है। अप्रैल के अंत तक सभी चयनित विद्यालयों में स्क्रीन लगाने का लक्ष्य पूरा कर दिया जाएगा। इसके बाद ऑडियो-विजुअल माध्यम से डिजिटल पढ़ाई कराई जाएगी जिससे बच्चों की सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी।
मई से बाल वाटिका से लेकर कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। इससे बच्चों को पढ़ाई में नई तकनीक का अनुभव मिलेगा और वे विषयों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
जिले में कुल 398 प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इससे पहले सत्र 2024-25 में संपर्क फाउंडेशन की ओर से 55 विद्यालयों में एलईडी स्क्रीन की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। अब 52 और स्कूलों को इस योजना से जोड़कर इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है।
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एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बच्चों को चित्र, वीडियो, एनीमेशन और कार्टून के जरिए पढ़ाया जाएगा। इससे कठिन विषय भी सरल और रोचक बनेंगे। डिजिटल कंटेंट के उपयोग से विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और उनकी समझने की क्षमता में सुधार होगा।
इस पहल से शिक्षकों को भी पढ़ाने में सुविधा होगी। वे तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का उद्देश्य भी पूरा होगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि आने वाले समय में जिले के सभी सरकारी विद्यालयों को पूरी तरह स्मार्ट बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। उम्मीद है कि इस कदम से सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा।
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अब चित्र, वीडियो और एनीमेशन से समझेंगे जटिल पाठ
स्मार्ट क्लासरूम में विद्यार्थियों की पढ़ाई अब पहले से अधिक सरल और रोचक हो जाएगी। अंग्रेजी, हिंदी, गणित और विज्ञान जैसे विषयों को समझना बच्चों के लिए आसान होगा। खासकर गणित और विज्ञान के जटिल सूत्र व नियम अब वीडियो, एनीमेशन और प्रेजेंटेशन के जरिए सहज रूप में समझाए जाएंगे। डिजिटल माध्यम से पढ़ाई इंटरैक्टिव बनेगी, जिससे बच्चों की कक्षा में रुचि बढ़ेगी और उनका ध्यान पढ़ाई पर अधिक केंद्रित रहेगा। चित्रों और दृश्य सामग्री के उपयोग से कठिन अवधारणाएं भी स्पष्ट हो सकेंगी। इससे न केवल विद्यार्थियों की समझ बेहतर होगी, बल्कि उनकी सीखने की क्षमता में भी सुधार देखने को मिलेगा।
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वर्जन
जिले के 52 विद्यालयों में एलईडी स्क्रीन लगाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसके बाद विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। इससे बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा। इस पहल से बच्चों की समझ, पढ़ाई में रुचि और सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी। अप्रैल तक इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। -ललित कुमार, जिला कोऑर्डिनेटर।
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मई से बाल वाटिका से लेकर कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। इससे बच्चों को पढ़ाई में नई तकनीक का अनुभव मिलेगा और वे विषयों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
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जिले में कुल 398 प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इससे पहले सत्र 2024-25 में संपर्क फाउंडेशन की ओर से 55 विद्यालयों में एलईडी स्क्रीन की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। अब 52 और स्कूलों को इस योजना से जोड़कर इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है।
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एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बच्चों को चित्र, वीडियो, एनीमेशन और कार्टून के जरिए पढ़ाया जाएगा। इससे कठिन विषय भी सरल और रोचक बनेंगे। डिजिटल कंटेंट के उपयोग से विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और उनकी समझने की क्षमता में सुधार होगा।
इस पहल से शिक्षकों को भी पढ़ाने में सुविधा होगी। वे तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का उद्देश्य भी पूरा होगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि आने वाले समय में जिले के सभी सरकारी विद्यालयों को पूरी तरह स्मार्ट बनाने की योजना पर काम किया जाएगा। उम्मीद है कि इस कदम से सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा।
अब चित्र, वीडियो और एनीमेशन से समझेंगे जटिल पाठ
स्मार्ट क्लासरूम में विद्यार्थियों की पढ़ाई अब पहले से अधिक सरल और रोचक हो जाएगी। अंग्रेजी, हिंदी, गणित और विज्ञान जैसे विषयों को समझना बच्चों के लिए आसान होगा। खासकर गणित और विज्ञान के जटिल सूत्र व नियम अब वीडियो, एनीमेशन और प्रेजेंटेशन के जरिए सहज रूप में समझाए जाएंगे। डिजिटल माध्यम से पढ़ाई इंटरैक्टिव बनेगी, जिससे बच्चों की कक्षा में रुचि बढ़ेगी और उनका ध्यान पढ़ाई पर अधिक केंद्रित रहेगा। चित्रों और दृश्य सामग्री के उपयोग से कठिन अवधारणाएं भी स्पष्ट हो सकेंगी। इससे न केवल विद्यार्थियों की समझ बेहतर होगी, बल्कि उनकी सीखने की क्षमता में भी सुधार देखने को मिलेगा।
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वर्जन
जिले के 52 विद्यालयों में एलईडी स्क्रीन लगाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसके बाद विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। इससे बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा। इस पहल से बच्चों की समझ, पढ़ाई में रुचि और सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी। अप्रैल तक इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। -ललित कुमार, जिला कोऑर्डिनेटर।