{"_id":"6aa44b9a00cbd1c8620dcde4","slug":"harvested-pearl-millet-crop-damaged-by-rain-fields-waterlogged-rewari-news-c-198-1-rew1010-245294-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: बारिश से बाजरे की कटी फसल खराब, खेतों में भरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: बारिश से बाजरे की कटी फसल खराब, खेतों में भरा पानी
Sat, 12 Sep 2026 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
बारिश से बाजरे की कटी फसल पानी में डूबी। संवाद
धारूहेड़ा। क्षेत्र में शुक्रवार को दिन के समय हुई बारिश से गांवों में बाजरे की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। कई खेतों में बाजरे की फसल की कटाई हो चुकी थी और फसल को खेत में ही रखा गया था। अचानक हुई बारिश के बाद खेतों में पानी भरने से कटी हुई बाजरे की फसल पानी में डूब गई।
गांव जड़थल में भी बारिश के बाद ऐसे ही हालात देखने को मिले। यहां खेत में कटाई के बाद रखी बाजरे की फसल बारिश के पानी में डूबी नजर आई। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरने से कटी हुई फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। यदि पानी जल्द नहीं निकला तो बाजरे की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों ने बताया कि इस समय बाजरे की कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। खेत में कटाई के बाद रखी फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने से पहले बारिश होने के कारण कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का मौके पर निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने और नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव जड़थल में भी बारिश के बाद ऐसे ही हालात देखने को मिले। यहां खेत में कटाई के बाद रखी बाजरे की फसल बारिश के पानी में डूबी नजर आई। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरने से कटी हुई फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। यदि पानी जल्द नहीं निकला तो बाजरे की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
किसानों ने बताया कि इस समय बाजरे की कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। खेत में कटाई के बाद रखी फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने से पहले बारिश होने के कारण कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का मौके पर निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराने और नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन