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सूखने लगे वाटर टैंक, महज तीन दिन का पानी शेष
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:24 AM IST
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सूखने लगे वाटर टैंक, महज तीन दिन का पानी शेष
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। भीषण गर्मी के चलते नहरों में पानी की उपलब्धता कम होने के कारण शहर में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। शहर को पेयजल सप्लाई देने वाले पांच टैंकरों में महज तीन दिन का पानी शेष बचा है ऐसे में यदि 30 जून को भी नहर में पानी नहीं आया तो शहर में पानी के लिए हाहाकार मच सकता है। फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर में पानी की राशनिंग प्रारंभ करते हुए एक दिन में केवल आधे शहर को ही पानी दिया जा रहा है।
डेढ़ लाख की आबादी वाले रेवाड़ी शहर के लिए फिलहाल पेयजल सप्लाई नहरी पानी आधारित है। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से कालाका गांव 900 लाख गैलन क्षमता के छह वाटर टैंक बनाए हैं जबकि गांव लिसान में 150 लाख गैलन क्षमता के दो वाटर टैंक बनाए हैं। इन वॉटर टैंकों की क्षमता के अनुसार शहर में इनसे करीब 20 दिन तक ही पानी दिया जाता है। जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से शहर को प्रतिदिन 180 लाख लीटर पानी की सप्लाई की जाती है। अब टैंकों के सूखने के बाद यह सप्लाई आधी से भी कम रह गई है। टैंकों के सूखने के कारण विभाग की तरफ से मौजूदा उपलब्ध पानी से काम चलाने के लिए आधे शहर को एक दिन तथा शेष आधे शहर को अगले दिन पानी दिया जा रहा है। हालांकि सिंचाई विभाग की तरफ से बदले गए रोस्टर के बारे में जनस्वास्थ्य विभाग को पहले ही जानकारी दी गई थी। इसको देखकर नहरों में पानी एकत्रित किया गया था लेकिन भीषण गर्मी की वजह से पानी की बढ़ी मांग से नहर के साथ टैंकों का भी पानी समाप्त की कगार पर पहुंच गया। अब इन टैंकों से राशनिंग करके ही शहर को केवल तीन दिन तक ही पानी दिया जा सकता है क्योंकि तीन टैंक तो पूरी तरह से सूख चुके हैं जबकि दो में ही कुछ पानी शेष है।
सिंचाई विभाग ने बदला रोस्टर 24 दिन में मिलेगा पानी
सिंचाई विभाग की तरफ से नहरों में पानी देने के लिए पहले जो रोस्टर तय किया हुआ था उसके तहत 16 दिन नहरों में पानी चलेगा तथा 16 दिन पानी बंद रहेगा। अब छह जून को नहरों में पानी बंद हो गया था तथा अब भीषण गर्मी की वजह से पानी की कमी को देखते हुए अब 24 दिनों के अंतराल बाद 16 दिन तक नहरों में पानी चलाने का रोस्टर तय कर दिया है। इसकी वजह से अब जवाहरलाल नेहरू चैनल में 30 जून को ही पानी आएगा।
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कालाका एवं लिसाना गांव स्थित हमारे वाटर टैंकों में पानी बेहद कम बचा है। हमने शहर में राशनिंग शुरू कर दी है। यह पानी तीन से चार दिन तक के लिए है लेकिन राशनिंग से हम 30 जून तक काम चला देंगे। इसके अलावा भी जिन क्षेत्रों में अधिक समस्या है वहां पर टैंकर भेजे जाएंगे तथा जहां पर लोगों को दिक्कत हो वे टैंकर मंगवा सकते हैं।
देवीलाल, अधीक्षक अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
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रोस्टर में बदलाव के बारे में हमने जनस्वास्थ्य विभाग को पहले ही अवगत करा दिया था तथा पानी भी अतिरिक्त समय तक दिया गया था। अब रोस्टर बदल दिया गया है जिसके तहत नहरों में 16 दिन तक पानी आएगा तथा 24 दिनों तक बंद रहेगा।
- राकेश सैनी, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। भीषण गर्मी के चलते नहरों में पानी की उपलब्धता कम होने के कारण शहर में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। शहर को पेयजल सप्लाई देने वाले पांच टैंकरों में महज तीन दिन का पानी शेष बचा है ऐसे में यदि 30 जून को भी नहर में पानी नहीं आया तो शहर में पानी के लिए हाहाकार मच सकता है। फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर में पानी की राशनिंग प्रारंभ करते हुए एक दिन में केवल आधे शहर को ही पानी दिया जा रहा है।
डेढ़ लाख की आबादी वाले रेवाड़ी शहर के लिए फिलहाल पेयजल सप्लाई नहरी पानी आधारित है। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से कालाका गांव 900 लाख गैलन क्षमता के छह वाटर टैंक बनाए हैं जबकि गांव लिसान में 150 लाख गैलन क्षमता के दो वाटर टैंक बनाए हैं। इन वॉटर टैंकों की क्षमता के अनुसार शहर में इनसे करीब 20 दिन तक ही पानी दिया जाता है। जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से शहर को प्रतिदिन 180 लाख लीटर पानी की सप्लाई की जाती है। अब टैंकों के सूखने के बाद यह सप्लाई आधी से भी कम रह गई है। टैंकों के सूखने के कारण विभाग की तरफ से मौजूदा उपलब्ध पानी से काम चलाने के लिए आधे शहर को एक दिन तथा शेष आधे शहर को अगले दिन पानी दिया जा रहा है। हालांकि सिंचाई विभाग की तरफ से बदले गए रोस्टर के बारे में जनस्वास्थ्य विभाग को पहले ही जानकारी दी गई थी। इसको देखकर नहरों में पानी एकत्रित किया गया था लेकिन भीषण गर्मी की वजह से पानी की बढ़ी मांग से नहर के साथ टैंकों का भी पानी समाप्त की कगार पर पहुंच गया। अब इन टैंकों से राशनिंग करके ही शहर को केवल तीन दिन तक ही पानी दिया जा सकता है क्योंकि तीन टैंक तो पूरी तरह से सूख चुके हैं जबकि दो में ही कुछ पानी शेष है।
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सिंचाई विभाग ने बदला रोस्टर 24 दिन में मिलेगा पानी
सिंचाई विभाग की तरफ से नहरों में पानी देने के लिए पहले जो रोस्टर तय किया हुआ था उसके तहत 16 दिन नहरों में पानी चलेगा तथा 16 दिन पानी बंद रहेगा। अब छह जून को नहरों में पानी बंद हो गया था तथा अब भीषण गर्मी की वजह से पानी की कमी को देखते हुए अब 24 दिनों के अंतराल बाद 16 दिन तक नहरों में पानी चलाने का रोस्टर तय कर दिया है। इसकी वजह से अब जवाहरलाल नेहरू चैनल में 30 जून को ही पानी आएगा।
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कालाका एवं लिसाना गांव स्थित हमारे वाटर टैंकों में पानी बेहद कम बचा है। हमने शहर में राशनिंग शुरू कर दी है। यह पानी तीन से चार दिन तक के लिए है लेकिन राशनिंग से हम 30 जून तक काम चला देंगे। इसके अलावा भी जिन क्षेत्रों में अधिक समस्या है वहां पर टैंकर भेजे जाएंगे तथा जहां पर लोगों को दिक्कत हो वे टैंकर मंगवा सकते हैं।
देवीलाल, अधीक्षक अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
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रोस्टर में बदलाव के बारे में हमने जनस्वास्थ्य विभाग को पहले ही अवगत करा दिया था तथा पानी भी अतिरिक्त समय तक दिया गया था। अब रोस्टर बदल दिया गया है जिसके तहत नहरों में 16 दिन तक पानी आएगा तथा 24 दिनों तक बंद रहेगा।
- राकेश सैनी, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।