{"_id":"5ab558a14f1c1be93f8b4a11","slug":"21521834145-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीसी का विरोध: पुलिस ने उखाड़े टेंट, सरपंचों ने फिर भी दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीसी का विरोध: पुलिस ने उखाड़े टेंट, सरपंचों ने फिर भी दिया धरना
Updated Sat, 24 Mar 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीसी का विरोध: पुलिस ने उखाड़े टेंट, सरपंचों ने फिर भी दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
उपायुक्त की कार्यप्रणाली और ई-पंचायत के विरोध में सरपंच, ग्राम सचिव संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर जिला सचिवालय के समीप प्रतिबंधित स्थान पर सरपंचों ने शुक्रवार को अनिश्चितकालीन धरना दिया। इस दौरान टेंट लगाने को लेकर पुलिस और सरपंचों में तीन बार हाथापाई की नौबत आई। सुबह करीब साढे़ नौ बजे पुलिस ने धरने के लिए गाडे़ जा रहे टेंटों का उखाड़ दिया गया। धरने में कई जिलों के सरपंच भी शामिल हुए। देर रात तक सरपंच धरने पर डटे रहे।
वीरवार को जिले के सरपंच ई-पंचायत के विरोध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। ज्ञापन लेने के लिए डीसी के नहीं आने पर सरपंचों में रोष फैल गया। उन्होंने ज्ञापन लेने आए सीटीएम को वापस कर दिया। नाराज सरपंचों और ग्राम सचिवों ने सचिवालय के मुख्यद्वार पर ही करीब दो घंटे तक धरना दिया। इस दौरान सभी ने निर्णय लिया कि उपायुक्त के तबादले तक सरपंच और ग्राम सचिव शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। जींद के सरपंच सुरेंद्र राणा ने कहा कि उपायुक्त द्वारा सरपंचों का ज्ञापन लेने के लिए नहीं आना तानाशाही पूर्ण रवैया था। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को उपायुक्त का तबादला करना पड़ेगा अन्यथा यह आंदोलन प्रदेश स्तर पर चलाया जाएगा। इसके साथ सरकार को तत्काल प्रभाव से ई-पंचायत समाप्त करना चाहिए।
---------
तीन बार आई नोक झोक की स्थिति
उपायुक्त की तरफ से शहर में धरना देने के लिए राजेश पायलट चौक के समीप का स्थान निर्धारित किया हुआ है। सरपंचों ने सुबह करीब साढे़ नौ बजे सचिवालय के समीप ही धरने के लिए टेंट लगाना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही सेक्टर तीन चौकी प्रभारी रामकिशन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सरपंचों को रोकने के साथ ही टेंट उखड़वा दिया। इसके बावजूद सरपंचों ने वहीं पर धरना शुरू कर दिया। माडल टाउन थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने उनको काफी समझाया, लेकिन सरपंच अपनी जिद पर अड़े रहे। करीब 11 बजे सरपंचों ने एक बार फिर टेंट गाड़ना शुरू कर दिया। भारी पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे एचएसओ ने उनको रोकने का प्रयास किया तो सरपंचों ने इसका विरोध कर दिया। इस दौरान हाथापाई की भी नौबत आ गई। करीब एक बजे सरपंचों ने तीसरी बार टेंट लगाना शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने इसका विरोध किया तो सरपंचों और ग्राम सचिवों ने पुलिस का विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान हाथापाई की नौबत आ गई थी। आखिरकार पुलिस अधिकारियों को वापस जाना पड़ा।
विज्ञापन
-------
राजनीतिक लोग पहुंचे समर्थन देने
सरपंचों व ग्राम सचिव के इस धरने को समर्थन देने के लिए पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कप्तान अजय सिंह यादव, इनेलो नेता श्यामसुंदर सब्रवाल व कांग्रेस नेता राव अर्जुन सिंह भी पहुंचे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग को जायज बताकर कहा कि उपायुक्त जनता के सेवक हैं, उन्हें ज्ञापन लेने के लिए जनप्रतिनिधियों के पास आना चाहिए।
----------
इस मौके पर गुरुग्राम से अजीत सिंह, फरीदाबाद से महीपाल, फतेहाबाद से जगबीर कुंड़, जींद से नरबीर, पलवल से जयवीर, भिवानी से राजबीर, झज्जर से जयंत तंवर, टोहाना से बलवार सिंह, एसोसिएशन के जिला प्रधान एडवोकेट चरणसिंह चौधरी, सरपंच मनोज कुमार बलियार प्रधान रेवाड़ी ब्लॉक, प्रदीप कुमार प्रधान ब्लॉक जाटूसाना, कृष्ण देव डहीना ब्लॉक प्रधान, राकेश नाहड़ ब्लॉक प्रधान व सरपंच रमेश कुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
उपायुक्त की कार्यप्रणाली और ई-पंचायत के विरोध में सरपंच, ग्राम सचिव संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर जिला सचिवालय के समीप प्रतिबंधित स्थान पर सरपंचों ने शुक्रवार को अनिश्चितकालीन धरना दिया। इस दौरान टेंट लगाने को लेकर पुलिस और सरपंचों में तीन बार हाथापाई की नौबत आई। सुबह करीब साढे़ नौ बजे पुलिस ने धरने के लिए गाडे़ जा रहे टेंटों का उखाड़ दिया गया। धरने में कई जिलों के सरपंच भी शामिल हुए। देर रात तक सरपंच धरने पर डटे रहे।
वीरवार को जिले के सरपंच ई-पंचायत के विरोध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। ज्ञापन लेने के लिए डीसी के नहीं आने पर सरपंचों में रोष फैल गया। उन्होंने ज्ञापन लेने आए सीटीएम को वापस कर दिया। नाराज सरपंचों और ग्राम सचिवों ने सचिवालय के मुख्यद्वार पर ही करीब दो घंटे तक धरना दिया। इस दौरान सभी ने निर्णय लिया कि उपायुक्त के तबादले तक सरपंच और ग्राम सचिव शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। जींद के सरपंच सुरेंद्र राणा ने कहा कि उपायुक्त द्वारा सरपंचों का ज्ञापन लेने के लिए नहीं आना तानाशाही पूर्ण रवैया था। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को उपायुक्त का तबादला करना पड़ेगा अन्यथा यह आंदोलन प्रदेश स्तर पर चलाया जाएगा। इसके साथ सरकार को तत्काल प्रभाव से ई-पंचायत समाप्त करना चाहिए।
विज्ञापन
---------
तीन बार आई नोक झोक की स्थिति
उपायुक्त की तरफ से शहर में धरना देने के लिए राजेश पायलट चौक के समीप का स्थान निर्धारित किया हुआ है। सरपंचों ने सुबह करीब साढे़ नौ बजे सचिवालय के समीप ही धरने के लिए टेंट लगाना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही सेक्टर तीन चौकी प्रभारी रामकिशन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सरपंचों को रोकने के साथ ही टेंट उखड़वा दिया। इसके बावजूद सरपंचों ने वहीं पर धरना शुरू कर दिया। माडल टाउन थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने उनको काफी समझाया, लेकिन सरपंच अपनी जिद पर अड़े रहे। करीब 11 बजे सरपंचों ने एक बार फिर टेंट गाड़ना शुरू कर दिया। भारी पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे एचएसओ ने उनको रोकने का प्रयास किया तो सरपंचों ने इसका विरोध कर दिया। इस दौरान हाथापाई की भी नौबत आ गई। करीब एक बजे सरपंचों ने तीसरी बार टेंट लगाना शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने इसका विरोध किया तो सरपंचों और ग्राम सचिवों ने पुलिस का विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान हाथापाई की नौबत आ गई थी। आखिरकार पुलिस अधिकारियों को वापस जाना पड़ा।
विज्ञापन
-------
राजनीतिक लोग पहुंचे समर्थन देने
सरपंचों व ग्राम सचिव के इस धरने को समर्थन देने के लिए पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कप्तान अजय सिंह यादव, इनेलो नेता श्यामसुंदर सब्रवाल व कांग्रेस नेता राव अर्जुन सिंह भी पहुंचे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग को जायज बताकर कहा कि उपायुक्त जनता के सेवक हैं, उन्हें ज्ञापन लेने के लिए जनप्रतिनिधियों के पास आना चाहिए।
----------
इस मौके पर गुरुग्राम से अजीत सिंह, फरीदाबाद से महीपाल, फतेहाबाद से जगबीर कुंड़, जींद से नरबीर, पलवल से जयवीर, भिवानी से राजबीर, झज्जर से जयंत तंवर, टोहाना से बलवार सिंह, एसोसिएशन के जिला प्रधान एडवोकेट चरणसिंह चौधरी, सरपंच मनोज कुमार बलियार प्रधान रेवाड़ी ब्लॉक, प्रदीप कुमार प्रधान ब्लॉक जाटूसाना, कृष्ण देव डहीना ब्लॉक प्रधान, राकेश नाहड़ ब्लॉक प्रधान व सरपंच रमेश कुमार मौजूद रहे।