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अलग महत्व
Updated Tue, 23 Jan 2018 01:30 AM IST
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वसंत में सभी ऋतुओं से बढ़कर होता प्रकृति का सौंदर्य : लालदास महाराज
अमर उजाला ब्यूरो
खोल।
क्षेत्र के गांव जैनाबाद स्थित बाबा उधौदास मंदिर प्रांगण में वसंत पंचमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह के समय हवन का आयोजन किया गया। तत्पश्चात प्रसाद वितरण व सत्संग का आयोजन हुआ है। मंदिर के महंत महाराज लालदास ने कहा कि वसंत पंचमी के दिन ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती देवी का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। वसंत पंचमी पर हमारी फसलें-गेहूं, चना, जौ आदि तैयार हो जाती हैं। इसलिए इसकी खुशी में हम बसंत पंचमी का त्योहार मनाते हैं। ऋतुराज वसंत का बड़ा महत्व है। इसकी छटा निहारकर जड़-चेतन सभी में नव-जीवन का संचार होता है। सभी में अपूर्व उत्साह और आनंद की तरंगें दौड़ने लगती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह ऋतु बड़ी ही उपयुक्त है। इस ऋतु में प्रात:काल भ्रमण करने से मन में प्रसन्नता और देह में स्फूर्ति आती है। वसंत में प्रकृति का सौंदर्य सभी ऋतुओं से बढ़कर होता है इसलिए इसे ऋतुओं का राजा कहा जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
खोल।
क्षेत्र के गांव जैनाबाद स्थित बाबा उधौदास मंदिर प्रांगण में वसंत पंचमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह के समय हवन का आयोजन किया गया। तत्पश्चात प्रसाद वितरण व सत्संग का आयोजन हुआ है। मंदिर के महंत महाराज लालदास ने कहा कि वसंत पंचमी के दिन ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती देवी का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। वसंत पंचमी पर हमारी फसलें-गेहूं, चना, जौ आदि तैयार हो जाती हैं। इसलिए इसकी खुशी में हम बसंत पंचमी का त्योहार मनाते हैं। ऋतुराज वसंत का बड़ा महत्व है। इसकी छटा निहारकर जड़-चेतन सभी में नव-जीवन का संचार होता है। सभी में अपूर्व उत्साह और आनंद की तरंगें दौड़ने लगती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह ऋतु बड़ी ही उपयुक्त है। इस ऋतु में प्रात:काल भ्रमण करने से मन में प्रसन्नता और देह में स्फूर्ति आती है। वसंत में प्रकृति का सौंदर्य सभी ऋतुओं से बढ़कर होता है इसलिए इसे ऋतुओं का राजा कहा जाता है।