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सोसायटी के विवाद में स्कूल को लगाया ताला, पुलिस ने खुलवाया
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रेवाड़ी। शैक्षणिक संस्था शिशु शाला स्कूल की हरी ज्ञान एजुकेशन सोसायटी के दो पक्षों के विवाद में सैकड़ों बच्चों का भविष्य दांव पर लगने जा रहा है। 10वीं तक के इस स्कूल को सोसायटी का एक पक्ष बंद करवाना चाहता है जबकि दूसरा पक्ष स्कूल को बंद करवाने के पक्ष में नहीं है। सोमवार को कुछ लोगों ने स्कूल बंद होने की सूचना दीवारों पर खिलकर गेट बंद कर दिया। प्रिंसिपल समेत अन्य शिक्षकों और बच्चों के आने के बाद अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने आकर स्कूल का गेट खुलवाया। मामले में विद्यालय को संचालित कर रही हरी ज्ञान एजुकेशन सोसायटी के प्रधान कर्नल रणबीर सिंह यादव ने स्कूल की प्रिंसिपल आशु अरोड़ा को पत्र भेजकर सेवाएं समाप्त करने का पत्र जारी किया है। प्रिंसिपल आशु अरोड़ा का कहना है कि सोसायटी के सदस्यों का कहना है कि प्रधान को प्रिंसिपल की सेवाएं समाप्त करने का अधिकार नहीं है। मामले में मंगलवार को होने की बैठक में चर्चा की जाएगी। सरकारी सहायता प्राप्त 10वीं तक के इस स्कूल में करीब दो सौ बच्चे पढ़ते हैं।
शहर की वर्षों पुरानी शैक्षणिक संस्था शिशु शाला स्कूल विवादों के कारण सुर्खियों में है। सोमवार को अज्ञात लोगों ने स्कूल के गेट पर काली स्याही पोतकर स्कूल बंद होने की सूचना लिख दी। विद्यालय स्टाफ के आने पर स्कूल का गेट नहीं खुलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्कूल के गेट पर करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा। इसके बाद अध्यापकों और विद्यार्थियों ने स्कूल में प्रवेश किया। इससे दो दिन पूर्व स्कूल की प्राचार्य को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए थे। उधर, समिति के सदस्यों ने मंगलवार को समिति की बैठक बुलाई है। इसमें आगामी कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। स्कूल को संचालित करने वाली हरी ज्ञान एजुकेशन सोसायटी आज दो फाड़ हो गई है। एक पक्ष विद्यालय की जमीन को बेचने के पक्ष जबकि दूसरा जमीन को बचाने के पक्ष में खड़ा है। लंबे समय से इस स्कूल की जमीन को बेचने की तैयारी चल रही है, लेकिन एक पक्ष स्कूल की जमीन को बेचना नहीं चाहता। इसी के चलते सोमवार को स्कूल के मुख्य गेट की दीवारों पर स्कूल बंद करने की सूचना लिख दी गई थी।
वर्षों पूर्व दो बहनों ने किया था संचालित
शिशु शाला स्कूल शहर की प्रतिष्ठित संस्था है। दो सगी बहनों चंद्र दत्ता और शांति दत्ता ने इसको संचालित किया। उनकी मृत्यु के बाद करोड़ों रुपये की मलकीयत शिक्षण संस्थान की ही दुश्मन बन गई। स्कूल की जमीन पर मालिकाना हक को लेकर पहले भी विवाद चला। अब मान्यता से लेकर स्कूल में कक्षाएं बंद करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विद्यालय को संचालित कर रही हरी ज्ञान एजुकेशन सोसायटी के प्रधान कर्नल रणबीर सिंह यादव ने स्कूल की प्रिंसिपल आशु अरोड़ा को पत्र भेजकर सेवाएं समाप्त करने की सूचना दी। प्रिंसिपल को भेजे पत्र में उन पर स्कूल की छवि खराब करने का आरोप लगाकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्यवाही करने की संस्तुति की गई है। पत्र में कहा गया है कि स्कूल में अवैध तरीके से प्राइमरी की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। प्रधान ने स्कूल में प्राइमरी की कक्षाओं को बंद करने के आदेश देने के साथ ही प्रिंसिपल पर अनुशासनहीनता के आरोप लगाकर उनकी सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए। प्रिंसिपल का कहना है प्रधान को निलंबित करने का अधिकार नहीं है। सोसायटी के सदस्यों का कहना है कि कल बैठक में इस आदेश पर चर्चा की जाएगी, तब तक प्रिंसिपल की सेवाएं समाप्त नहीं होंगी।
शहर की वर्षों पुरानी शैक्षणिक संस्था शिशु शाला स्कूल विवादों के कारण सुर्खियों में है। सोमवार को अज्ञात लोगों ने स्कूल के गेट पर काली स्याही पोतकर स्कूल बंद होने की सूचना लिख दी। विद्यालय स्टाफ के आने पर स्कूल का गेट नहीं खुलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्कूल के गेट पर करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा। इसके बाद अध्यापकों और विद्यार्थियों ने स्कूल में प्रवेश किया। इससे दो दिन पूर्व स्कूल की प्राचार्य को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए थे। उधर, समिति के सदस्यों ने मंगलवार को समिति की बैठक बुलाई है। इसमें आगामी कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। स्कूल को संचालित करने वाली हरी ज्ञान एजुकेशन सोसायटी आज दो फाड़ हो गई है। एक पक्ष विद्यालय की जमीन को बेचने के पक्ष जबकि दूसरा जमीन को बचाने के पक्ष में खड़ा है। लंबे समय से इस स्कूल की जमीन को बेचने की तैयारी चल रही है, लेकिन एक पक्ष स्कूल की जमीन को बेचना नहीं चाहता। इसी के चलते सोमवार को स्कूल के मुख्य गेट की दीवारों पर स्कूल बंद करने की सूचना लिख दी गई थी।
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वर्षों पूर्व दो बहनों ने किया था संचालित
शिशु शाला स्कूल शहर की प्रतिष्ठित संस्था है। दो सगी बहनों चंद्र दत्ता और शांति दत्ता ने इसको संचालित किया। उनकी मृत्यु के बाद करोड़ों रुपये की मलकीयत शिक्षण संस्थान की ही दुश्मन बन गई। स्कूल की जमीन पर मालिकाना हक को लेकर पहले भी विवाद चला। अब मान्यता से लेकर स्कूल में कक्षाएं बंद करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विद्यालय को संचालित कर रही हरी ज्ञान एजुकेशन सोसायटी के प्रधान कर्नल रणबीर सिंह यादव ने स्कूल की प्रिंसिपल आशु अरोड़ा को पत्र भेजकर सेवाएं समाप्त करने की सूचना दी। प्रिंसिपल को भेजे पत्र में उन पर स्कूल की छवि खराब करने का आरोप लगाकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्यवाही करने की संस्तुति की गई है। पत्र में कहा गया है कि स्कूल में अवैध तरीके से प्राइमरी की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। प्रधान ने स्कूल में प्राइमरी की कक्षाओं को बंद करने के आदेश देने के साथ ही प्रिंसिपल पर अनुशासनहीनता के आरोप लगाकर उनकी सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए। प्रिंसिपल का कहना है प्रधान को निलंबित करने का अधिकार नहीं है। सोसायटी के सदस्यों का कहना है कि कल बैठक में इस आदेश पर चर्चा की जाएगी, तब तक प्रिंसिपल की सेवाएं समाप्त नहीं होंगी।
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