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नाबालिग छात्रा की बरामदगी को लेकर
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बावल। खंड बावल के गांव मोहनपुर की नाबालिग लड़की की तीन माह बाद भी बरामदगी नहीं होने पर बावल चौरासी के आह्वान पर जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री के आवास के बाहर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को भी जारी रहा। मामले को लेकर गठित 51 सदस्यों की समिति की बैठक कर 16 अक्तूबर की महापंचायत की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि 16 अक्तूबर को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द कर दिए जाने के कारण लोगों को अब स्टेट क्राइम ब्यूरो पर भी भरोसा नहीं रहा है। ग्रामीणों ने महापंचायत में आरपार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लेने का मन बना लिया है। जून माह से गायब 13 वर्षीय बच्ची का सुराग लगाने में पुलिस के नाकाम रहने से गुस्साए परिजनों ने लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस की इस नाकामी ने ग्रामीणों में भी रोष पनपने लगा। पिछले दिनों इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया। हर पार्टी का नेता ग्रामीणों के साथ हो गया। बावल के लोगों ने पीड़ित परिवार की मदद में जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री के आवास के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इससे पूर्व छह अक्तूबर को भी महापंचायत का आयोजन किया गया था और उसके बाद दस दिन बाद फिर महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आगामी रणनीति तय होगी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री शकुंतला भगवाड़िया,चौधरी माड़ाराम, जिला प्रमुख मंजूबाला, जगदीश डहीनवाल, रामकिशन महलावत, महावीर चोपड़ा, ईश्वर महलावत, हीरासिंह चौहान, बनेसिंह गुर्जर व एडवोकेट अर्जुन चौकन आदि मौजूद रहे।
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बावल। खंड बावल के गांव मोहनपुर की नाबालिग लड़की की तीन माह बाद भी बरामदगी नहीं होने पर बावल चौरासी के आह्वान पर जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री के आवास के बाहर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को भी जारी रहा। मामले को लेकर गठित 51 सदस्यों की समिति की बैठक कर 16 अक्तूबर की महापंचायत की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि 16 अक्तूबर को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द कर दिए जाने के कारण लोगों को अब स्टेट क्राइम ब्यूरो पर भी भरोसा नहीं रहा है। ग्रामीणों ने महापंचायत में आरपार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लेने का मन बना लिया है। जून माह से गायब 13 वर्षीय बच्ची का सुराग लगाने में पुलिस के नाकाम रहने से गुस्साए परिजनों ने लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस की इस नाकामी ने ग्रामीणों में भी रोष पनपने लगा। पिछले दिनों इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया। हर पार्टी का नेता ग्रामीणों के साथ हो गया। बावल के लोगों ने पीड़ित परिवार की मदद में जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री के आवास के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इससे पूर्व छह अक्तूबर को भी महापंचायत का आयोजन किया गया था और उसके बाद दस दिन बाद फिर महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आगामी रणनीति तय होगी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री शकुंतला भगवाड़िया,चौधरी माड़ाराम, जिला प्रमुख मंजूबाला, जगदीश डहीनवाल, रामकिशन महलावत, महावीर चोपड़ा, ईश्वर महलावत, हीरासिंह चौहान, बनेसिंह गुर्जर व एडवोकेट अर्जुन चौकन आदि मौजूद रहे।
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