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बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
Updated Fri, 22 Sep 2017 11:15 PM IST
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बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शुक्रवार देर शाम हुई बारिश से किसानों के माथे पर चिंता पैदा कर दी। इस समय मंडी में किसानों का बाजरा पड़ा है। वहीं खेतों में भी जिन किसानों ने बाजरा नहीं निकाला उन्हें भी खासा नुकसान होने की आशंका है। शुक्रवार देर शाम करीब साढ़े आठ बजे तेज बारिश हुई। इससे शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। कई जगह लाइट चली गई। जिससे लोगों को परेशानी हुई। उधर, अधिकांश किसानों ने खेतों से बाजकर काटकर मंडी में पहुंचा दिया है। ऐसे में मंडी में बाजरा पड़ा होने से उसमें नमी पैदा हो सकती है। पहले ही किसानों को बाजरे के दाम नहीं मिल रहे हैं। ऊपर से बाजरे में नमी आने के बाद किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अभी भी खेतों में खड़ा है बाजरा
हालांकि किसानों ने बाजरा काट लिया है। लेकिन पछेता बाजरा वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिन किसानों ने बाजरा नहीं निकाला है। उनकी फसल में बारिश से नमी आ गई है। इससे बाजरे के दाने का रंग काला पड़ सकता है। उधर, जिन किसानों ने बाजरा निकालकर खेत खाली कर दिए हैं। उन खेतों में आगामी फसल के चलते यह बारिश लाभप्रद होगी। कृषि विशेषज्ञ डॉ. जेएस यादव ने बताया कि बारिश से खेतों में पड़े बाजरे को नुकसान है। किसानों को चाहिए कि खेतों में पड़े बाजरे को ढककर रखे। वहीं आगामी दिनों में होने वाली बारिश से सरसों की फसल को लाभ मिलेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शुक्रवार देर शाम हुई बारिश से किसानों के माथे पर चिंता पैदा कर दी। इस समय मंडी में किसानों का बाजरा पड़ा है। वहीं खेतों में भी जिन किसानों ने बाजरा नहीं निकाला उन्हें भी खासा नुकसान होने की आशंका है। शुक्रवार देर शाम करीब साढ़े आठ बजे तेज बारिश हुई। इससे शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। कई जगह लाइट चली गई। जिससे लोगों को परेशानी हुई। उधर, अधिकांश किसानों ने खेतों से बाजकर काटकर मंडी में पहुंचा दिया है। ऐसे में मंडी में बाजरा पड़ा होने से उसमें नमी पैदा हो सकती है। पहले ही किसानों को बाजरे के दाम नहीं मिल रहे हैं। ऊपर से बाजरे में नमी आने के बाद किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अभी भी खेतों में खड़ा है बाजरा
हालांकि किसानों ने बाजरा काट लिया है। लेकिन पछेता बाजरा वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। जिन किसानों ने बाजरा नहीं निकाला है। उनकी फसल में बारिश से नमी आ गई है। इससे बाजरे के दाने का रंग काला पड़ सकता है। उधर, जिन किसानों ने बाजरा निकालकर खेत खाली कर दिए हैं। उन खेतों में आगामी फसल के चलते यह बारिश लाभप्रद होगी। कृषि विशेषज्ञ डॉ. जेएस यादव ने बताया कि बारिश से खेतों में पड़े बाजरे को नुकसान है। किसानों को चाहिए कि खेतों में पड़े बाजरे को ढककर रखे। वहीं आगामी दिनों में होने वाली बारिश से सरसों की फसल को लाभ मिलेगा।
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