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हटाए गए चालक-परिचालकों ने किया प्रदर्शन--
Updated Sun, 04 Nov 2018 01:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। हाईकोर्ट के दखल के बाद 17वें दिन रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के साथ ही रोडवेज बसों का संचालन प्रारंभ हो गया। शनिवार सुबह हड़ताली कर्मचारियों की बैठक जवाहरलाल नेहरू पार्क में हुई जहां से चालक-परिचालक सहित अन्य विभागों के कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए बस स्टैंड पहुंचे और ड्यूटी ज्वाइन की। रोडवेज प्रबंधन ने भी कार्यशाला में हड़ताली कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन कराकार उनको बसों के साथ रवाना किया। जैसे ही एक साथ ज्यादा संख्या में बसें बाहर निकली तो बस स्टैंड तक जाम की भी स्थिति बन गई। उधर हड़ताल के दौरान अनुबंध पर लिए गए कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। लगभग एक घंटे तक किए गए प्रदर्शन के बाद उन्होंने जिला सचिवालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
424 चालक-परिचालकों में से पहुंचे 407
डिपो में इस समय 207 परिचालक और 225 चालक हैं जिनमें छह परिचालक और एक चालक पहले किसी अन्य मामले में सस्पेंड चल रहे हैं जबकि एक चालक अवकाश पर है। इस हड़ताल के दौरान तमाम परिचालक और लगभग 161 चालक हड़ताल पर थे। शुक्रवार को आए हाईकोर्ट के आदेश बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को समाप्त करने की घोषणा की और हाईकोर्ट के आदेशानुसार तमाम कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन कराने के आदेश मिलने के बाद रोडवेज प्रबंधन ने सुबह से ही कर्मचारियों की ड्यूटी ज्वाइन कराने के लिए यातायात प्रबंधक ऋतु शर्मा की ड्यूटी लगाई थी। सुबह ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए 193 परिचालक और 214 चालक कार्यशाला में पहुंचे। इसके अलावा सात परिचालक और आठ चालक ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए नहीं पहुंचे। हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रबंधन ने अनुबंध पर लगाए चालक-परिचालकों को सुबह ही बसों के साथ कार्यशाला में बुला लिया और नियमित कर्मचारियों को बुलाकर उनसे बसें वापस ले ली। टीएम ने ड्यूटी ज्वाइन कराने की जिम्मेदारी खुद संभाली और इसके बाद एक-एक चालक-परिचालक को ड्यूटी समझाकर उनको रूटों पर रवाना किया। जहां से अपनी ड्यूटी के अनुसार पुराने चालक-परिचालक बसों को लेकर रवाना हुए। रूट पर निकली बसों के वापस बुलाने के कारण अंबेडकर चौक से अग्रसेन चौक तक जाम की भी स्थिति बनी रही।
नियमित कर्मियों ने लगाया सामान गायब करने का आरोप
काम पर लौटने के बाद पुराने चालकों ने अपनी-अपनी बसों का स्टेयरिंग संभालने से पहले बसों की जांच के बाद ठेके पर लगे चालक-परिचालकों पर बसों से टूल बॉक्स, कपड़े, पानी के कैंपर व बसों की स्टेपनी गायब करने का आरोप लगाया।
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हटाए गए कर्मियों ने किया प्रदर्शन, कहा-सरकार ने किया धोखा
हड़ताल को विफल बनाने में अहम योगदान देने वाले अनुबंधित कर्मचारियों ने तय समय तीन माह से पहले नौकरी से हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। अनुबंधित चालक-परिचालकों ने वर्कशॉप के बाद एकजुट होकर सरकार व रोडवेज विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। ठेके पर लगे चालक-परिचालकों ने कहा कि तीन माह के लिए नौकरी रखने का आश्वासन दिया था लेकिन तय समय से पहले उनको हटा दिया गया है। लगभग एक घंटे प्रदर्शन के बाद कर्मियों ने सचिवालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और उसके बाद घर लौट गए।
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रेवाड़ी। हाईकोर्ट के दखल के बाद 17वें दिन रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के साथ ही रोडवेज बसों का संचालन प्रारंभ हो गया। शनिवार सुबह हड़ताली कर्मचारियों की बैठक जवाहरलाल नेहरू पार्क में हुई जहां से चालक-परिचालक सहित अन्य विभागों के कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए बस स्टैंड पहुंचे और ड्यूटी ज्वाइन की। रोडवेज प्रबंधन ने भी कार्यशाला में हड़ताली कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन कराकार उनको बसों के साथ रवाना किया। जैसे ही एक साथ ज्यादा संख्या में बसें बाहर निकली तो बस स्टैंड तक जाम की भी स्थिति बन गई। उधर हड़ताल के दौरान अनुबंध पर लिए गए कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। लगभग एक घंटे तक किए गए प्रदर्शन के बाद उन्होंने जिला सचिवालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
424 चालक-परिचालकों में से पहुंचे 407
डिपो में इस समय 207 परिचालक और 225 चालक हैं जिनमें छह परिचालक और एक चालक पहले किसी अन्य मामले में सस्पेंड चल रहे हैं जबकि एक चालक अवकाश पर है। इस हड़ताल के दौरान तमाम परिचालक और लगभग 161 चालक हड़ताल पर थे। शुक्रवार को आए हाईकोर्ट के आदेश बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को समाप्त करने की घोषणा की और हाईकोर्ट के आदेशानुसार तमाम कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन कराने के आदेश मिलने के बाद रोडवेज प्रबंधन ने सुबह से ही कर्मचारियों की ड्यूटी ज्वाइन कराने के लिए यातायात प्रबंधक ऋतु शर्मा की ड्यूटी लगाई थी। सुबह ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए 193 परिचालक और 214 चालक कार्यशाला में पहुंचे। इसके अलावा सात परिचालक और आठ चालक ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए नहीं पहुंचे। हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रबंधन ने अनुबंध पर लगाए चालक-परिचालकों को सुबह ही बसों के साथ कार्यशाला में बुला लिया और नियमित कर्मचारियों को बुलाकर उनसे बसें वापस ले ली। टीएम ने ड्यूटी ज्वाइन कराने की जिम्मेदारी खुद संभाली और इसके बाद एक-एक चालक-परिचालक को ड्यूटी समझाकर उनको रूटों पर रवाना किया। जहां से अपनी ड्यूटी के अनुसार पुराने चालक-परिचालक बसों को लेकर रवाना हुए। रूट पर निकली बसों के वापस बुलाने के कारण अंबेडकर चौक से अग्रसेन चौक तक जाम की भी स्थिति बनी रही।
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नियमित कर्मियों ने लगाया सामान गायब करने का आरोप
काम पर लौटने के बाद पुराने चालकों ने अपनी-अपनी बसों का स्टेयरिंग संभालने से पहले बसों की जांच के बाद ठेके पर लगे चालक-परिचालकों पर बसों से टूल बॉक्स, कपड़े, पानी के कैंपर व बसों की स्टेपनी गायब करने का आरोप लगाया।
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हटाए गए कर्मियों ने किया प्रदर्शन, कहा-सरकार ने किया धोखा
हड़ताल को विफल बनाने में अहम योगदान देने वाले अनुबंधित कर्मचारियों ने तय समय तीन माह से पहले नौकरी से हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। अनुबंधित चालक-परिचालकों ने वर्कशॉप के बाद एकजुट होकर सरकार व रोडवेज विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। ठेके पर लगे चालक-परिचालकों ने कहा कि तीन माह के लिए नौकरी रखने का आश्वासन दिया था लेकिन तय समय से पहले उनको हटा दिया गया है। लगभग एक घंटे प्रदर्शन के बाद कर्मियों ने सचिवालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और उसके बाद घर लौट गए।