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मोबाइल पर नहीं आया स्कूल अलॉट का मैसेज, अभिभावक परेशान
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रेवाड़ी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियम-134ए के तहत आयोजित मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद अभिभावक शुक्रवार को शिक्षा विभाग के कार्यालय के बाहर लगी अधूरी लिस्ट देखकर कंफ्यूज नजर आए। लिस्ट में स्टूडेंट के अंकों की प्रतिशतता नहीं थी। जिस कारण अभिभावकों को यह पता नहीं लगा पाया कि उनके बच्चे का नंबर टॉप के स्कूल में आएगा या नहीं। 134 ए में अंकों की प्रतिशतता के अनुसार ही स्कूल अॅलाट होंगे। शुक्रवार को स्कूल अॅलाटमेंट के मैसेज नहीं आने से भी अभिभावक परेशान रहे।
शिक्षा विभाग की ओर से नियम-134ए की परीक्षा 14 अप्रैल को ली गई थी। जिसका परिणाम 18 अप्रैल को जारी किया जाना था। दूसरी से आठवीं कक्षा तक के लिए 1926 बच्चों ने परीक्षा दी। जिसमें 761 बच्चे फेल हो गए। कक्षा 9 से 12 तक में कुल 331 ने परीक्षा दी। जिसमें 183 बच्चे पास और 148 बच्चे फेल हो गए। इस परीक्षा में पास होने के लिए 55 प्रतिशत अंकों की शर्त तय की गई थी। परीक्षा के रिजल्ट को लेकर 18 अप्रैल को ऑनलाइन घोषित किया गया। 19 अप्रैल को खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के बाहर लिस्ट लगाई गई। विभाग की ओर से लगाई गई लिस्ट लोगों को कंफ्यूूज करती नजर आई। लिस्ट में रोल नंबर नहीं दिए गए थे। इसके अलावा अंक प्रतिशतता भी नहीं थी। विद्यार्थियों को अपना नाम खोजने के लिए दीवार पर लगी गरीब 100 से अधिक पेज की पूरी लिस्ट खंगालनी पड़ी। स्कूल अॅलाटमेंट को लेकर भी विद्यार्थियों को इंतजार करना पड़ा। आवेदन के दौरान रजिस्ट्रेशन नंबर तो मोबाइल पर मिला था ।परिणाम नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को दिनभर अभिभावक मोबाइल पर मैसेज आने का इंतजार करते रहे। बाद में जब उन्हें पता चला कि मैसेज नहीं आ रहे हैं । वेबसाइट पर परिणाम उपलब्ध है तो वे साइबर कैफे और मोबाइल से वेबसाइट खोलकर परिणाम देखने का प्रयास कर रहे थे। सर्वर धीमा होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खंड या जिलास्तर पर परिणाम की जानकारी देने की कोई व्यवस्था नहीं थी।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा होने हैं दाखिले
इस बार नियम-134ए के तहत निशुल्क दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह उच्च विभाग के माध्यम से संचालित हो रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की भूमिका सिर्फ परीक्षा आयोजित कराकर परिणाम उच्च विभाग को मुहैया कराने तक थी। अब मूल्यांकन परीक्षा परिणाम, स्कूल अलॉट आदि की जानकारी मुख्यालय द्वारा अभिभावकों और विद्यार्थियों के मोबाइल और विभाग की वेबसाइट पर दी जा रही है।
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हमें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही। मोबाइल में कोई मैसेज नहीं आ रहा। आज स्कूल अॅलाट होने थे। कहां जाएं , किससे मिलें। अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा ।
महेश, अभिभावक।
लोगों को परेशानी हो रही है। जनता के लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं है। मोबाइल पर मैसेज नहीं आ रहे। स्कूल कब अॅलाट किए जाएंगे। यहां लगाई गई लिस्ट भी अधूरी है। लिस्ट को देखने में ही एक घंटे से अधिक का समय लग रहा है।
कर्मबीर, अभिभावक
आधी अधूरी लिस्ट क्यों लगाई। रोल नंबर, पिता का नंबर, स्थायी पता, अंक सहित सभी जानकारी होनी चाहिए थी। अभिभावक पूरी तरह से परेशान हो रहे हैं। अभिभावकों की दिक्कत से विभाग को कोई लेना देना नहीं है। जनता की समस्या का समाधान कराएं।
लोकेश, अभिभावक
इस तरह की लिस्ट तैयार क्यों की। डिजिटल इंडिया बता रहे हैं मोबाइल पर मैसेज तक नहीं आए। स्कूलों की सूची जारी क्यों नहीं दी जा रही। अभिभावकों को चक्कर लगवाए जा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत आ रही है।
प्रीती, अभिभावक
सरकार को पहले तैयारी करनी चाहिए थी। उसके बाद ही रिजल्ट जारी किया जाना था। अब तक स्कूल का नाम तक नहीं दे पा रहे। 18 को लिस्ट जारी की जानी थी वह भी लेट दी। जो लिस्ट लगाई वह भी गलत तरीके से लगा दी।
भारती, अभिभावक
स्कूल लिस्ट अधूरी होने के कारण दिक्कत आ रही है। अधिकारियों को पहले से ही पूरी लिस्ट जारी करनी चाहिए थी। शिक्षा विभाग अभिभावकों को मदद करने की बजाए परेशान ज्यादा कर रहा है। अब तक स्कूल की जानकारी नहीं मिल पाई।
नवीन, अभिभावक
इस बार नियम-134ए के तहत दाखिला प्रक्रिया उच्च विभाग की ओर से सीधे संचालित हैं। जिला या खंड स्तर पर किसी प्रकार के दिशा निर्देश हीं आए हैं। अभिभावक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर रिजल्ट देख सकते हैं । अभिभावकों के मोबाइल पर मैसेज भी आएंगे। मोबाइल संदेश के अनुसार स्कूल अलाट होंगे।
- आरके फलसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी।
शिक्षा विभाग की ओर से नियम-134ए की परीक्षा 14 अप्रैल को ली गई थी। जिसका परिणाम 18 अप्रैल को जारी किया जाना था। दूसरी से आठवीं कक्षा तक के लिए 1926 बच्चों ने परीक्षा दी। जिसमें 761 बच्चे फेल हो गए। कक्षा 9 से 12 तक में कुल 331 ने परीक्षा दी। जिसमें 183 बच्चे पास और 148 बच्चे फेल हो गए। इस परीक्षा में पास होने के लिए 55 प्रतिशत अंकों की शर्त तय की गई थी। परीक्षा के रिजल्ट को लेकर 18 अप्रैल को ऑनलाइन घोषित किया गया। 19 अप्रैल को खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के बाहर लिस्ट लगाई गई। विभाग की ओर से लगाई गई लिस्ट लोगों को कंफ्यूूज करती नजर आई। लिस्ट में रोल नंबर नहीं दिए गए थे। इसके अलावा अंक प्रतिशतता भी नहीं थी। विद्यार्थियों को अपना नाम खोजने के लिए दीवार पर लगी गरीब 100 से अधिक पेज की पूरी लिस्ट खंगालनी पड़ी। स्कूल अॅलाटमेंट को लेकर भी विद्यार्थियों को इंतजार करना पड़ा। आवेदन के दौरान रजिस्ट्रेशन नंबर तो मोबाइल पर मिला था ।परिणाम नहीं मिल पा रहा है। शुक्रवार को दिनभर अभिभावक मोबाइल पर मैसेज आने का इंतजार करते रहे। बाद में जब उन्हें पता चला कि मैसेज नहीं आ रहे हैं । वेबसाइट पर परिणाम उपलब्ध है तो वे साइबर कैफे और मोबाइल से वेबसाइट खोलकर परिणाम देखने का प्रयास कर रहे थे। सर्वर धीमा होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खंड या जिलास्तर पर परिणाम की जानकारी देने की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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उच्च शिक्षा विभाग द्वारा होने हैं दाखिले
इस बार नियम-134ए के तहत निशुल्क दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह उच्च विभाग के माध्यम से संचालित हो रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की भूमिका सिर्फ परीक्षा आयोजित कराकर परिणाम उच्च विभाग को मुहैया कराने तक थी। अब मूल्यांकन परीक्षा परिणाम, स्कूल अलॉट आदि की जानकारी मुख्यालय द्वारा अभिभावकों और विद्यार्थियों के मोबाइल और विभाग की वेबसाइट पर दी जा रही है।
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हमें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही। मोबाइल में कोई मैसेज नहीं आ रहा। आज स्कूल अॅलाट होने थे। कहां जाएं , किससे मिलें। अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा ।
महेश, अभिभावक।
लोगों को परेशानी हो रही है। जनता के लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं है। मोबाइल पर मैसेज नहीं आ रहे। स्कूल कब अॅलाट किए जाएंगे। यहां लगाई गई लिस्ट भी अधूरी है। लिस्ट को देखने में ही एक घंटे से अधिक का समय लग रहा है।
कर्मबीर, अभिभावक
आधी अधूरी लिस्ट क्यों लगाई। रोल नंबर, पिता का नंबर, स्थायी पता, अंक सहित सभी जानकारी होनी चाहिए थी। अभिभावक पूरी तरह से परेशान हो रहे हैं। अभिभावकों की दिक्कत से विभाग को कोई लेना देना नहीं है। जनता की समस्या का समाधान कराएं।
लोकेश, अभिभावक
इस तरह की लिस्ट तैयार क्यों की। डिजिटल इंडिया बता रहे हैं मोबाइल पर मैसेज तक नहीं आए। स्कूलों की सूची जारी क्यों नहीं दी जा रही। अभिभावकों को चक्कर लगवाए जा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत आ रही है।
प्रीती, अभिभावक
सरकार को पहले तैयारी करनी चाहिए थी। उसके बाद ही रिजल्ट जारी किया जाना था। अब तक स्कूल का नाम तक नहीं दे पा रहे। 18 को लिस्ट जारी की जानी थी वह भी लेट दी। जो लिस्ट लगाई वह भी गलत तरीके से लगा दी।
भारती, अभिभावक
स्कूल लिस्ट अधूरी होने के कारण दिक्कत आ रही है। अधिकारियों को पहले से ही पूरी लिस्ट जारी करनी चाहिए थी। शिक्षा विभाग अभिभावकों को मदद करने की बजाए परेशान ज्यादा कर रहा है। अब तक स्कूल की जानकारी नहीं मिल पाई।
नवीन, अभिभावक
इस बार नियम-134ए के तहत दाखिला प्रक्रिया उच्च विभाग की ओर से सीधे संचालित हैं। जिला या खंड स्तर पर किसी प्रकार के दिशा निर्देश हीं आए हैं। अभिभावक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर रिजल्ट देख सकते हैं । अभिभावकों के मोबाइल पर मैसेज भी आएंगे। मोबाइल संदेश के अनुसार स्कूल अलाट होंगे।
- आरके फलसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी।