{"_id":"59c025934f1c1bb2688b5455","slug":"151505764755-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली समस्या के मुद्दे पर खालेटा में ग्रामीणों की बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली समस्या के मुद्दे पर खालेटा में ग्रामीणों की बैठक
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
खोल।
गांव खालेटा के राधा-कृष्ण मंदिर में नौजवान भारत सभा के संयोजक पूर्णमल मुद्गिल की अध्यक्षता में बिजली समस्या के मुद्दे पर बैठक हुई। उन्होंने बताया कि बिजली की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं, इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भी की जा चुकी है। ग्रामीण अंचल में 12 घंटे मेें से महज सात से आठ घंटे ही बिजली दी जा रही है। फसल कटाई का समय है और मच्छरों की तादाद भी काफी है। जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। मुद्गिल ने बताया कि सीएम विंडो पर शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। दोपहर एक से तीन बजे तक खालेटा और मायण में काफी कट लगाए जाते हैं। 11 हजार केवी की लाइन पेड़ों को छू रही है, जिससे हादसे का भय रहता है। ग्रामीणों ने ग्रामीण अंचल में कम से कम 15 घंटे बिजली देने की मांग की। बैठक में शिवकुमार शर्मा, महाराम यादव, दरीराम, धूपसिंह, घनश्याम यादव, ब्रह्मप्रकाश, भोलाराम यादव, लालचंद आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
खोल।
गांव खालेटा के राधा-कृष्ण मंदिर में नौजवान भारत सभा के संयोजक पूर्णमल मुद्गिल की अध्यक्षता में बिजली समस्या के मुद्दे पर बैठक हुई। उन्होंने बताया कि बिजली की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं, इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भी की जा चुकी है। ग्रामीण अंचल में 12 घंटे मेें से महज सात से आठ घंटे ही बिजली दी जा रही है। फसल कटाई का समय है और मच्छरों की तादाद भी काफी है। जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। मुद्गिल ने बताया कि सीएम विंडो पर शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। दोपहर एक से तीन बजे तक खालेटा और मायण में काफी कट लगाए जाते हैं। 11 हजार केवी की लाइन पेड़ों को छू रही है, जिससे हादसे का भय रहता है। ग्रामीणों ने ग्रामीण अंचल में कम से कम 15 घंटे बिजली देने की मांग की। बैठक में शिवकुमार शर्मा, महाराम यादव, दरीराम, धूपसिंह, घनश्याम यादव, ब्रह्मप्रकाश, भोलाराम यादव, लालचंद आदि मौजूद थे।