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आठ साल के कनिष्क ने पार किया रुपिन दर्रा
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:39 AM IST
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आठ साल के कनिष्क ने पार किया रुपिन दर्रा
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिले के समीपवर्ती गांव कौनसीवास के आठ साल के बच्चे ने 15350 फीट की ऊंचाई का रुपिन दर्रा पार किया है। कनिष्क के गांव में लौटने पर उसका ग्रामीणों ने स्वागत किया। कनिष्क के साथ गए शिक्षक विकास यादव ने बताया कि कनिष्क ने यह ट्रैक पांच दिन में जाकर पूरा किया। यह ट्रैक रूट उत्तराखंड के धौला से शुरू होकर सेवा, कुवार, जिसकुन, जाखा से होते हुए रुपिन टॉप को पार करते हुए हिमाचल के किन्नौर जिले के सांगला में समाप्त हुआ। इस ट्रैक को पार करने के लिए दो दिन का रूट ग्लेशियर और एक दिन स्नोफॉल पर चलना पड़ा, जिसे कनिष्क ने बिना मेडिकल सहायता और सहयोग से पूरा किया। होली चाइल्ड स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र कनिष्क इससे पूर्व उत्तराखंड की चंद्रशिला चोटी पर भी चढ़ चुका है। ट्रैकिंग के दौरान कनिष्क के साथ उनकी मां एकता यादव एवं गाइड मनोज यादव भी मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिले के समीपवर्ती गांव कौनसीवास के आठ साल के बच्चे ने 15350 फीट की ऊंचाई का रुपिन दर्रा पार किया है। कनिष्क के गांव में लौटने पर उसका ग्रामीणों ने स्वागत किया। कनिष्क के साथ गए शिक्षक विकास यादव ने बताया कि कनिष्क ने यह ट्रैक पांच दिन में जाकर पूरा किया। यह ट्रैक रूट उत्तराखंड के धौला से शुरू होकर सेवा, कुवार, जिसकुन, जाखा से होते हुए रुपिन टॉप को पार करते हुए हिमाचल के किन्नौर जिले के सांगला में समाप्त हुआ। इस ट्रैक को पार करने के लिए दो दिन का रूट ग्लेशियर और एक दिन स्नोफॉल पर चलना पड़ा, जिसे कनिष्क ने बिना मेडिकल सहायता और सहयोग से पूरा किया। होली चाइल्ड स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र कनिष्क इससे पूर्व उत्तराखंड की चंद्रशिला चोटी पर भी चढ़ चुका है। ट्रैकिंग के दौरान कनिष्क के साथ उनकी मां एकता यादव एवं गाइड मनोज यादव भी मौजूद थे।