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सरकार का पुतला
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:34 AM IST
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 10 को फूंकेंगे सरकार का पुतला
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन 10 फरवरी को मोदी सरकार के खिलाफ रोष प्रकट कर सरकार का पुतला फूंकेगी। जिलेभर से कार्यकर्ता और सहायिकाएं दोपहर दो बजे राव तुलाराम पार्क में एकत्रित होकर सभा करेंगी। केंद्रीय बजट में आंगनबाड़ी स्कीम के लिए धन राशि न बढ़ाने पर अपनी नाराजगी प्रकट करेगी। यूनियन की जिला प्रधान तारा देवी और सचिव कृष्णा यादव ने बताया कि वर्ष 2011 के बाद केंद्र सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय भत्ते में एक पैसा भी नहीं बढ़ाया। इसके अलावा न ही इस स्कीम के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है। मोदी सरकार ने बजट राशि में भारी कटौती की है। इससे पूरे साले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय समय पर नहीं मिलता। इसके अलावा न ही बच्चों और महिलाओं के लिए पोषाहार का खर्च बढ़ाया है। आंगनबाड़ी स्कीम के लिए सालाना बजट कम से कम 36000 करोड़ चाहिए। सरकार उसके लिए 300 करोड़ की कटौती की गई है। 17 जनवरी को सफल देश व्यापी हड़ताल के माध्यम से हमने 180 रुपये न्यूनतम वेतन और 3000 रुपये महीना पेंशन की मांग की थी। सरकार ने हमारी पूरी तरह से अनदेखी की है। इस सरकार को चेतावनी देती है कि वह आंगनबाड़ी स्कीम की सुध ले वरना देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाना पड़ेगा। इस मौके पर सुमित्रा धारूहेड़ा, हंसा देवी, माया, मुकेश, अनीता, राजेश्वरी, संतरा, संतोष सभी ने कहा कि हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन 10 फरवरी को मोदी सरकार के खिलाफ रोष प्रकट कर सरकार का पुतला फूंकेगी। जिलेभर से कार्यकर्ता और सहायिकाएं दोपहर दो बजे राव तुलाराम पार्क में एकत्रित होकर सभा करेंगी। केंद्रीय बजट में आंगनबाड़ी स्कीम के लिए धन राशि न बढ़ाने पर अपनी नाराजगी प्रकट करेगी। यूनियन की जिला प्रधान तारा देवी और सचिव कृष्णा यादव ने बताया कि वर्ष 2011 के बाद केंद्र सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय भत्ते में एक पैसा भी नहीं बढ़ाया। इसके अलावा न ही इस स्कीम के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है। मोदी सरकार ने बजट राशि में भारी कटौती की है। इससे पूरे साले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय समय पर नहीं मिलता। इसके अलावा न ही बच्चों और महिलाओं के लिए पोषाहार का खर्च बढ़ाया है। आंगनबाड़ी स्कीम के लिए सालाना बजट कम से कम 36000 करोड़ चाहिए। सरकार उसके लिए 300 करोड़ की कटौती की गई है। 17 जनवरी को सफल देश व्यापी हड़ताल के माध्यम से हमने 180 रुपये न्यूनतम वेतन और 3000 रुपये महीना पेंशन की मांग की थी। सरकार ने हमारी पूरी तरह से अनदेखी की है। इस सरकार को चेतावनी देती है कि वह आंगनबाड़ी स्कीम की सुध ले वरना देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाना पड़ेगा। इस मौके पर सुमित्रा धारूहेड़ा, हंसा देवी, माया, मुकेश, अनीता, राजेश्वरी, संतरा, संतोष सभी ने कहा कि हमारा आंदोलन जारी रहेगा।