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सीबीएसई के परीक्षा परिणाम में अहीरवाल की बेटियों ने लहराया परचम
Updated Sun, 27 May 2018 12:26 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के परिणाम की तरह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परिणाम में भी अहीरवाल की प्रतिभाओं ने अपना परचम लहराया है। सीबीएसई से संबद्ध जिले के 77 स्कूलों के लगभग साढ़े 15 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी जिसमें बेटियों ने एक बार फिर बाजी मारते हुए सराहनीय प्रदर्शन किया है। शहर के आरपीएस, होली चाइल्ड सहित अन्य स्कूलों की छात्राओं ने मेडिकल, नॉन मेडिकल, कॉमर्स संकाय में 98 प्रतिशत तक अंक हासिल किए हैं। होली चाइल्ड स्कूल की रीतिका बंसल मेडिकल संकाय में 98 प्रतिशत और आर्ट्स में शीनू मोदी ने 97.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इसी स्कूल की छात्रा श्रुति गोयल 97 प्रतिशत अंक हासिल करके स्कूल का नाम रोशन किया है। विवेकानंद स्कूल धारूहेड़ा के पीयूष गोयल ने 97 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। ऋषि स्कूल की कोमल ने 97.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
चिकित्सक बनना है रीतिका बंसल का लक्ष्य
शहर के धारूहेड़ा चुंगी निवासी एवं होली चाइल्ड स्कूल की मेडिकल संकाय की छात्रा रीतिका बंसल ने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। रीतिका ने बताया कि उसे पूरा विश्वास था उसका नाम मेरिट में आएगा। अमर उजाला से बातचीत में जी रीतिका ने बताया कि परीक्षाओं के दौरान ज्यादातर विद्यार्थी चिंता करने लग जाते हैं जबकि यही परीक्षा में कम अंक आने की सबसे बड़ी वजह है। मैने नियमित शेड्यूल बनाकर पढ़ाई की और पूरी नींद लेते हुए छह से सात घंटे तक नियमित अध्ययन किया। रीतिका के पिता अकाउटेंट हैं और माता सुनीता बंसल गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सक बनाकर लोगों की सेवा करना है। स्कूल निदेशक अनिरुद्ध सचदेवा ने बधाई दी है।
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शीनू मोदी ने हासिल किए 97.2 प्रतिशत अंक
होली चाइल्ड स्कूल की कामर्स की छात्रा शीनू मोदी ने 97.2 प्रतिशत अंक हासिल करके स्कूल और परिजनों का नाम रोशन किया है। शीनू के पिता मुकेश मोदी एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं जबकि मां रश्मि मोदी गृहिणी है। शीनू ने बताया कि उसे इस बात का पूरा विश्वास था कि उसे इतने प्रतिशत अंक मिलेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए वह बगैर कोई स्ट्रेस किए पूरी नींद लेती थी और नियमित रूप से सात घंटे तक अध्ययन करती थी। सीए बनना उसका लक्ष्य है।
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सिविल सर्विस मेें जाना चाहतीं है 96.8 प्रतिशत अंक लेने वाली श्रुति गोयल
शहर के होली चाइल्ड स्कूल की आर्ट्स संकाय की छात्रा श्रुति गोयल ने भी सराहनीय प्रदर्शन करते हुए 96.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। श्रुति ने बताया कि वह नियमित रूप से सात घंटे तक अध्ययन करती थी लेकिन इतने प्रतिशत अंक उसके लिए तोहफा है। हालांकि उसे मेरिट सूची में आने का विश्वास था। श्रुति के पिता राजेश गोयल भी अपनी बेटी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उसे अपनी बेटी पर नाज है। श्रुति ने बताया कि सिविल सर्विस में जाना उसका लक्ष्य है। इसके लिए भी वह पूरी मेहनत करेगी। मां अर्चना गोयल भी बेटी की उपलब्धि पर खुश है।
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इंजीनियर बनना चाहता है 97 प्रतिशत अंक लेने वाला पीयूष
विवेकानंद स्कूल धारूहेड़ा के छात्र पीयूष गोयल ने विज्ञान संकाय में 97 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पीयूष ने बताया कि उसने पहले से ही लक्ष्य तय कर लिया था और इस मुकाम को हासिल किया है। पीयूष के पिता अशोक गोयल बिजनेसमैन हैं और उनके भाई भी इंजीनियर हैं। पीयूष का लक्ष्य इंजीनियर बनना है।
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चिकित्सक बनना चाहती हैं कोमल
जौनावास स्थित ऋषि पब्लिक स्कूल की छात्रा कोमल ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल करके सराहनीय उपलब्धि हासिल की है। कोमल ने बताया कि उसको पूर्ण विश्वास था कि कम से कम उसको 97 प्रतिशत अंक मिलेंगे। उन्होंने बताया कि गांव में रहने के बाद भी उनके पिता विरेंद्र एवं मां सुमन देवी ने उन्हें हर समय प्रोत्साहित किया था। वह नियमित अध्ययन के साथ पाठ रिवाइज अवश्य करती थी। इसके अलावा पूरी नींद लेने के साथ कभी भी परीक्षाओं को लेकर चिंता नहीं की। कोमल चिकित्सक बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
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रिसर्च क्षेत्र में जाना चाहती है कुसुम
गांव गोकलगढ़ निवासी एवं यूरो स्कूल की छात्रा कुसुम कौशिक ने नॉन मेडिकल में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। कुसुम के पिता देवेंद्र कौशिक असाही कंपनी में कार्यरत है जबकि मां पूनम कौशिक गृहिणी है। पूनम ने बताया कि उसका लक्ष्य और अधिक अंक लाने का था और रिसर्च क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहती है। पूनम ने बताया कि वह नियमित रूप से छह से आठ घंटे तक पढ़ाई करती थी और स्कूल में भी एकस्ट्रा क्लास में जाती थी। सफलता के लिए सबसे जरूरी है कि चिंता बिल्कुल नहीं करें तथा पढ़े हुए को दोबारा रिवाइज करें।
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रेवाड़ी।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के परिणाम की तरह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परिणाम में भी अहीरवाल की प्रतिभाओं ने अपना परचम लहराया है। सीबीएसई से संबद्ध जिले के 77 स्कूलों के लगभग साढ़े 15 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी जिसमें बेटियों ने एक बार फिर बाजी मारते हुए सराहनीय प्रदर्शन किया है। शहर के आरपीएस, होली चाइल्ड सहित अन्य स्कूलों की छात्राओं ने मेडिकल, नॉन मेडिकल, कॉमर्स संकाय में 98 प्रतिशत तक अंक हासिल किए हैं। होली चाइल्ड स्कूल की रीतिका बंसल मेडिकल संकाय में 98 प्रतिशत और आर्ट्स में शीनू मोदी ने 97.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इसी स्कूल की छात्रा श्रुति गोयल 97 प्रतिशत अंक हासिल करके स्कूल का नाम रोशन किया है। विवेकानंद स्कूल धारूहेड़ा के पीयूष गोयल ने 97 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। ऋषि स्कूल की कोमल ने 97.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
चिकित्सक बनना है रीतिका बंसल का लक्ष्य
शहर के धारूहेड़ा चुंगी निवासी एवं होली चाइल्ड स्कूल की मेडिकल संकाय की छात्रा रीतिका बंसल ने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। रीतिका ने बताया कि उसे पूरा विश्वास था उसका नाम मेरिट में आएगा। अमर उजाला से बातचीत में जी रीतिका ने बताया कि परीक्षाओं के दौरान ज्यादातर विद्यार्थी चिंता करने लग जाते हैं जबकि यही परीक्षा में कम अंक आने की सबसे बड़ी वजह है। मैने नियमित शेड्यूल बनाकर पढ़ाई की और पूरी नींद लेते हुए छह से सात घंटे तक नियमित अध्ययन किया। रीतिका के पिता अकाउटेंट हैं और माता सुनीता बंसल गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सक बनाकर लोगों की सेवा करना है। स्कूल निदेशक अनिरुद्ध सचदेवा ने बधाई दी है।
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शीनू मोदी ने हासिल किए 97.2 प्रतिशत अंक
होली चाइल्ड स्कूल की कामर्स की छात्रा शीनू मोदी ने 97.2 प्रतिशत अंक हासिल करके स्कूल और परिजनों का नाम रोशन किया है। शीनू के पिता मुकेश मोदी एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं जबकि मां रश्मि मोदी गृहिणी है। शीनू ने बताया कि उसे इस बात का पूरा विश्वास था कि उसे इतने प्रतिशत अंक मिलेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए वह बगैर कोई स्ट्रेस किए पूरी नींद लेती थी और नियमित रूप से सात घंटे तक अध्ययन करती थी। सीए बनना उसका लक्ष्य है।
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सिविल सर्विस मेें जाना चाहतीं है 96.8 प्रतिशत अंक लेने वाली श्रुति गोयल
शहर के होली चाइल्ड स्कूल की आर्ट्स संकाय की छात्रा श्रुति गोयल ने भी सराहनीय प्रदर्शन करते हुए 96.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। श्रुति ने बताया कि वह नियमित रूप से सात घंटे तक अध्ययन करती थी लेकिन इतने प्रतिशत अंक उसके लिए तोहफा है। हालांकि उसे मेरिट सूची में आने का विश्वास था। श्रुति के पिता राजेश गोयल भी अपनी बेटी की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उसे अपनी बेटी पर नाज है। श्रुति ने बताया कि सिविल सर्विस में जाना उसका लक्ष्य है। इसके लिए भी वह पूरी मेहनत करेगी। मां अर्चना गोयल भी बेटी की उपलब्धि पर खुश है।
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इंजीनियर बनना चाहता है 97 प्रतिशत अंक लेने वाला पीयूष
विवेकानंद स्कूल धारूहेड़ा के छात्र पीयूष गोयल ने विज्ञान संकाय में 97 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पीयूष ने बताया कि उसने पहले से ही लक्ष्य तय कर लिया था और इस मुकाम को हासिल किया है। पीयूष के पिता अशोक गोयल बिजनेसमैन हैं और उनके भाई भी इंजीनियर हैं। पीयूष का लक्ष्य इंजीनियर बनना है।
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चिकित्सक बनना चाहती हैं कोमल
जौनावास स्थित ऋषि पब्लिक स्कूल की छात्रा कोमल ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल करके सराहनीय उपलब्धि हासिल की है। कोमल ने बताया कि उसको पूर्ण विश्वास था कि कम से कम उसको 97 प्रतिशत अंक मिलेंगे। उन्होंने बताया कि गांव में रहने के बाद भी उनके पिता विरेंद्र एवं मां सुमन देवी ने उन्हें हर समय प्रोत्साहित किया था। वह नियमित अध्ययन के साथ पाठ रिवाइज अवश्य करती थी। इसके अलावा पूरी नींद लेने के साथ कभी भी परीक्षाओं को लेकर चिंता नहीं की। कोमल चिकित्सक बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
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रिसर्च क्षेत्र में जाना चाहती है कुसुम
गांव गोकलगढ़ निवासी एवं यूरो स्कूल की छात्रा कुसुम कौशिक ने नॉन मेडिकल में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। कुसुम के पिता देवेंद्र कौशिक असाही कंपनी में कार्यरत है जबकि मां पूनम कौशिक गृहिणी है। पूनम ने बताया कि उसका लक्ष्य और अधिक अंक लाने का था और रिसर्च क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहती है। पूनम ने बताया कि वह नियमित रूप से छह से आठ घंटे तक पढ़ाई करती थी और स्कूल में भी एकस्ट्रा क्लास में जाती थी। सफलता के लिए सबसे जरूरी है कि चिंता बिल्कुल नहीं करें तथा पढ़े हुए को दोबारा रिवाइज करें।