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12वीं पास माजरा के रविंद्र बने सरपंच नंबर वन, रिकॉर्ड 1273 मतों के अंतर से जीते
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रेवाड़ी। जिले की खोल विकास खंड के गांव माजरा में रविंद्र यादव ने सरपंच पद के लिए रिकॉर्ड मत हासिल कर जीत का परचम लहराया है। 12वीं पास युवा सरपंच ग्रामीणों की पहली पसंद रहे। इसके लिए ग्रामीणों ने भरपूर मतदान करके उन्हें गांव की चौधर देने का काम किया है। गांव माजरा में कुल 3036 मतदाता हैं। इनमें से 2533 ने वोट डाला। रविंद्र के पक्ष में 1703 मतदाताओं मतदान किया। उन्होंने रिकॉर्ड 1273 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर जिले में सबसे अधिक मतों से सरपंच बनने का गौरव प्राप्त किया है।
जिले में शायद ऐसा पहली बार ही हुआ है कि इतने भारी मतों के अंतर से कोई सरपंच चुनाव जीत पाया हो। रविंद्र ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी व भाजपा के खोल मंडल अध्यक्ष जितेंद्र को केवल 430 मत ही मिले। जब इस बारे में गांव के 80वर्षीय थावर सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि रविंद्र की पहचान एक समाजसेवी के तौर पर है। गांव के हर व्यक्ति के दुख सुख का साथी है।
सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं। रविंद्र ने इतने भारी मतों के अंतर से सरपंच पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए समस्त ग्रामीणों का आभार प्रकट किया है।
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कांटे की टक्कर में मीनाक्षी चार वोट से बनी विजेता
फोटो-33
कोसली। 12 नवंबर को ग्राम पंचायतों के चुनाव हुए और गांव की नई सरकार का गठन किया। पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए कई ऐसे गांव हैं, जहां पर कांटे की टक्कर रही है। इसमें नाहड़ खंड के गांव जाहिदपुर में सरपंच पद का मुकाबला रोचक रहा। गांव जाहिदपुर में हार जीत का अंतर केवल चार वोट रहा। यहां मीनाक्षी व पुष्पा दोनों चुनाव मैदान में आमने सामने थीं। यहां की कुल वोट 1050 है। इसमें से 940 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। मीनाक्षी को 284 मत प्राप्त हुए और पुष्पा को 280 मत प्राप्त हुए। हार और जीत का का अंतर केवल चार मत का रहा। मीनाक्षी ने चार वोट से पुष्पा को हरा दिया और सरपंच पद पर काबिज हुए। यहां सरपंच पद के लिए पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
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जिले में शायद ऐसा पहली बार ही हुआ है कि इतने भारी मतों के अंतर से कोई सरपंच चुनाव जीत पाया हो। रविंद्र ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी व भाजपा के खोल मंडल अध्यक्ष जितेंद्र को केवल 430 मत ही मिले। जब इस बारे में गांव के 80वर्षीय थावर सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि रविंद्र की पहचान एक समाजसेवी के तौर पर है। गांव के हर व्यक्ति के दुख सुख का साथी है।
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सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं। रविंद्र ने इतने भारी मतों के अंतर से सरपंच पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए समस्त ग्रामीणों का आभार प्रकट किया है।
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कांटे की टक्कर में मीनाक्षी चार वोट से बनी विजेता
फोटो-33
कोसली। 12 नवंबर को ग्राम पंचायतों के चुनाव हुए और गांव की नई सरकार का गठन किया। पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए कई ऐसे गांव हैं, जहां पर कांटे की टक्कर रही है। इसमें नाहड़ खंड के गांव जाहिदपुर में सरपंच पद का मुकाबला रोचक रहा। गांव जाहिदपुर में हार जीत का अंतर केवल चार वोट रहा। यहां मीनाक्षी व पुष्पा दोनों चुनाव मैदान में आमने सामने थीं। यहां की कुल वोट 1050 है। इसमें से 940 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। मीनाक्षी को 284 मत प्राप्त हुए और पुष्पा को 280 मत प्राप्त हुए। हार और जीत का का अंतर केवल चार मत का रहा। मीनाक्षी ने चार वोट से पुष्पा को हरा दिया और सरपंच पद पर काबिज हुए। यहां सरपंच पद के लिए पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।