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मांगें पूरी नहीं हुई तो जाट फिर सड़कों पर उतर जाएगा : जीतराम
Updated Mon, 19 Feb 2018 12:29 AM IST
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मांगें पूरी नहीं हुई तो जाट फिर सड़कों पर उतर जाएगा : जीतराम
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तत्वावधान में रविवार को बावल के राणौली गांव स्थित जाट भवन में बलिदान दिवस मनाया गया। यहां समाज के लोगों ने आरक्षण आंदोलन में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। समिति के जिला संयोजक जीतराम ने बताया कि सरकार ने अभी तक समाज की मांग नहीं मानी है। सरकार की ढुलमुल नीति के कारण समाज के लोग खफा हैं। अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो समाज के लोग फिर सड़क पर उतर आएंगे। अगली मीटिंग चार मार्च को होगी। इस अवसर पर रोहड़ाई पचगई प्रधान दान सिंह, राजूवास सरपंच राहड़ सिंह पनवाड़, महेंद्र थानेदार, बीरसिंह आदि ने भी विचार रखे। बलिदान दिवस को लेकर जिले में धारा-144 लागू रही। रविवार को सुरक्षा कड़ी दिखी। कार्यक्रम स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे। इनके अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बल भी तैनात रहे। कार्यक्रम सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू होकर दोपहर डेढ़ बजे तक चला।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तत्वावधान में रविवार को बावल के राणौली गांव स्थित जाट भवन में बलिदान दिवस मनाया गया। यहां समाज के लोगों ने आरक्षण आंदोलन में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। समिति के जिला संयोजक जीतराम ने बताया कि सरकार ने अभी तक समाज की मांग नहीं मानी है। सरकार की ढुलमुल नीति के कारण समाज के लोग खफा हैं। अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो समाज के लोग फिर सड़क पर उतर आएंगे। अगली मीटिंग चार मार्च को होगी। इस अवसर पर रोहड़ाई पचगई प्रधान दान सिंह, राजूवास सरपंच राहड़ सिंह पनवाड़, महेंद्र थानेदार, बीरसिंह आदि ने भी विचार रखे। बलिदान दिवस को लेकर जिले में धारा-144 लागू रही। रविवार को सुरक्षा कड़ी दिखी। कार्यक्रम स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे। इनके अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बल भी तैनात रहे। कार्यक्रम सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू होकर दोपहर डेढ़ बजे तक चला।