फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   11.98 lakhs cheated in the name of getting jobs in railways by becoming vigilance officer

विजिलेंस अफसर बन रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे 11.98 लाख

Fri, 14 Jan 2022 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 12:03 AM IST
विज्ञापन
11.98 lakhs cheated in the name of getting jobs in railways by becoming vigilance officer
रेवाड़ी। रेलवे विजिलेंस का अफसर बताकर एक व्यक्ति ने नौकरी लगवाने के नाम पर युवक से 11.98 रुपये ठग लिये। विश्वास दिलाने के लिए उसने रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ का पहचान पत्र भी बना कर दे दिया। पीड़ित ने बुधवार को मामले में केस दर्ज कराया है। ठगी का मामला वर्ष 2018 का है।
विज्ञापन

पुलिस को दी शिकायत में गांव जाट सायरवास निवासी शिव कुमार ने कहा कि गांव नांगल मूंदी निवासी सुभाष उर्फ कुक्कू उनका रिश्तेदार है। सुभाष ने वर्ष 2018 में उनके बेटे योगेश को रेलवे में नौकरी लगवाने के लिए अपने गांव निवासी सुरेंद्र सिंह से मिलवाया था। सुरेंद्र ने नौकरी लगवाने के लिए 15 लाख रुपये मांगे। वर्ष 2018 में सुरेंद्र उनसे तीन लाख 50 हजार रुपये ले गया। इसके बाद सुरेंद्र ने उन्हें गांव भांडोर निवासी अश्वनी उर्फ सन्नी से मिलवाया। अश्वनी ने अपनी पहचान-पत्र दिखाते हुए बताया कि वह रेलवे विजिलेंस में कार्यरत है। उनके बेटे की नौकरी लग जाएगी। आरोपितों ने उनके बेटे का रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ का पहचान-पत्र बना कर दे दिया और एक लाख रुपये ले गए। आरोपी ने गुरुग्राम के गांव खानपुर निवासी उनकी रिश्तेदार आशा के बेटे अमित को भी नौकरी लगवाने के लिए 50 हजार रुपये चेक से लिए। आरोपियों ने धीरे-धीरे करके उनसे 11 लाख 98 हजार रुपये ले लिए।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि रुपये लेने के बाद आरोपियों ने राव तुलाराम पार्क में बुलाया और दोनों युवकों के ज्वाइनिंग लेटर दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें जिला झज्जर के गांव साल्हावास निवासी विक्रम से मिलवाया। विक्रम ज्वाइनिंग लेटर व पहचान-पत्र के साथ योगेश व अमित को पहले जोधपुर व इसके बाद सादलपुर ले गया। सादलपुर से दोनों युवक ट्रेन में गंगानगर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में योगेश को टिकट निरीक्षक ने पकड़ लिया। योगेश ने उन्हें अपना रेलवे का पहचान-पत्र दिखाया। टिकट निरीक्षक ने योगेश को पहचान-पत्र फर्जी होने के बारे में बताया और वहां से छोड़ दिया। घर आने के बाद दोनों युवकों ने आरोपियों द्वारा फर्जी ज्वाइनिंग लेटर व पहचान-पत्र के बारे में जानकारी परिवार को दी। शिव कुमार ने शिकायत में कहा कि आरोपी पहले रुपये लौटाने का आश्वासन देते रहे, लेकिन बाद में मोबाइल स्विच आफ कर गायब हो गए। वह आरोपियों के घर गए तो उनके परिजनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। बाद में शिवकुमार ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। सदर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
-जितेन्द्र कुमार, सदर थाना एसएचओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed