{"_id":"629525ccedf8c11f7156a15c","slug":"work-order-issued-yet-the-city-has-not-been-cleaned-since-16-days-panipat-news-knl109943128","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफाई का पार्षदों ने मांगा हिसाब, एक सप्ताह में सफाई या कार्रवाई का मिला आश्वासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सफाई का पार्षदों ने मांगा हिसाब, एक सप्ताह में सफाई या कार्रवाई का मिला आश्वासन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। चार जोन के 3.5 करोड़ प्रतिमाह के टेंडरों के वर्क ऑर्डर जारी होने के 16 दिन बाद भी शहर की सफाई नहीं हो पाई है। अब तक किसी भी जोन या वार्ड में न तो पूरे सफाई कर्मचारी हैं और न मशीनरी है। इसे लेकर निगम सदन की बैठक में पार्षदों ने खूब हंगामा किया। पार्षदों ने अधिकारियों और मेयर से सवाल किए कि उन्हें अब तक ये जानकारी नहीं दी गई है कि उनके वार्ड में कितने सफाई कर्मचारी या मशीनरी दी जाएंगी।
पार्षदों ने कहा कि 14 मई को सफाई के टेंडरों का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। जिसका रोजाना का बिल 11.76 लाख रुपये भी बन रहा है लेकिन अभी तक शहर की सफाई क्यों नहीं हो रही है। जिस पर सदन ने निगम की सफाई शाखा के अधिकारियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है कि सात दिन में या तो शहर की सफाई करवाएं वरना कार्रवाई को तैयार रहें। पार्षदों के सवालों पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि टेंडर की डीएनआईटी रिपोर्ट के अनुसार 500 मीटर एरिया में एक सफाई कर्मी की जरूरत है। शहर में 978 किलोमीटर एरिया है। इस हिसाब से कुल 1956 आदमियों की जरूरत है। निगम के पास अपने 550 कच्चे-पक्के कर्मचारी हैं जबकि जेबीएम के पास 200 कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों को कुल कर्मचारियों के योग से घटाएं तो ये करीब 1456 बनते हैं। वहीं, फिलहाल हर वार्ड में 25 से 30 कर्मचारी काम कर रहे हैं जो अपर्याप्त हैं। इसके लिए एजेंसी को बोलकर जल्द ही नए कर्मचारी भर्ती करवाए जाएंगे और एक सप्ताह तक सफाई के परिणाम दिए जाएंगे।
अधिकारियों के जवाब पर पार्षदों ने सवाल किया कि वे नए टेंडरों में निगम के कच्चे और पक्के कर्मचारियों समेत जेबीएम के कर्मचारियों को क्यों जोड़ रहे हैं। जबकि निगम अपने कर्मचारियों और जेबीएम को अलग से भुगतान कर रहा है। इस पर सदन ने अधिकारियों को एक सप्ताह में वार्ड वाइज कर्मचारियों और मशीनरी की रिपोर्ट समेत शहर की सफाई करवाने का अल्टीमेटम जारी किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पार्षदों ने कहा कि 14 मई को सफाई के टेंडरों का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। जिसका रोजाना का बिल 11.76 लाख रुपये भी बन रहा है लेकिन अभी तक शहर की सफाई क्यों नहीं हो रही है। जिस पर सदन ने निगम की सफाई शाखा के अधिकारियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है कि सात दिन में या तो शहर की सफाई करवाएं वरना कार्रवाई को तैयार रहें। पार्षदों के सवालों पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि टेंडर की डीएनआईटी रिपोर्ट के अनुसार 500 मीटर एरिया में एक सफाई कर्मी की जरूरत है। शहर में 978 किलोमीटर एरिया है। इस हिसाब से कुल 1956 आदमियों की जरूरत है। निगम के पास अपने 550 कच्चे-पक्के कर्मचारी हैं जबकि जेबीएम के पास 200 कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों को कुल कर्मचारियों के योग से घटाएं तो ये करीब 1456 बनते हैं। वहीं, फिलहाल हर वार्ड में 25 से 30 कर्मचारी काम कर रहे हैं जो अपर्याप्त हैं। इसके लिए एजेंसी को बोलकर जल्द ही नए कर्मचारी भर्ती करवाए जाएंगे और एक सप्ताह तक सफाई के परिणाम दिए जाएंगे।
विज्ञापन
अधिकारियों के जवाब पर पार्षदों ने सवाल किया कि वे नए टेंडरों में निगम के कच्चे और पक्के कर्मचारियों समेत जेबीएम के कर्मचारियों को क्यों जोड़ रहे हैं। जबकि निगम अपने कर्मचारियों और जेबीएम को अलग से भुगतान कर रहा है। इस पर सदन ने अधिकारियों को एक सप्ताह में वार्ड वाइज कर्मचारियों और मशीनरी की रिपोर्ट समेत शहर की सफाई करवाने का अल्टीमेटम जारी किया है।
विज्ञापन