{"_id":"611822278ebc3ee0691ea566","slug":"woman-s-condition-deteriorated-after-risoli-s-operation-in-child-dani-death-during-treatment-relatives-accuse-the-doctor-of-being-negligent-panipat-news-knl80001237","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चादानी में रिसोली के ऑपरेशन के बाद महिला की बिगड़ी हालत, उपचार के दौरान मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए लापरवाही बरतने के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चादानी में रिसोली के ऑपरेशन के बाद महिला की बिगड़ी हालत, उपचार के दौरान मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए लापरवाही बरतने के आरोप
विज्ञापन
काबड़ी गांव की एक महिला की सनौली रोड स्थित अप्रैक्स अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतका के भाई ने बताया कि बहन की बच्चादानी में रिसोली थी, जिसका अस्पताल में ऑपरेशन कराया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरती, जिस वजह से बहन की हालत लगातार बिगड़ी गई और उसकी मौत हो गई। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दी है।
जींद के गांव हावड़ा निवासी शमशेर ने बताया कि उसकी बहन रानी देवी (40) की 15 साल पहले पवन कुमार गांव काबड़ी निवासी के साथ शादी हुई थी। उनका इकलौता बेटा साहिल है। जीजा पवन की दो साल पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद से बहन फैक्टरी में काम कर घर का खर्च चलाती थी। पिछले कई दिनों से बहन की हालत खराब चल रही थी। वह उपचार के लिए चार अगस्त को बहन को अप्रैक्स अस्पताल लेकर गए, जहां अस्पताल के स्टाफ ने उसे दाखिल कर लिया। उन्हें आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेज लेने के लिए भेज दिया। जब पीड़ित का बेटा साहिल और देवर सोनू दस्तावेज लेकर अस्पताल लौटे तो पता चला कि ऑपरेशन हो चुका है। डॉक्टर ने बताया कि रानी की बच्चादानी से रिसोली निकली है।
इसके दो दिन बाद बहन को छुट्टी दे दी। वह बहन को घर लेकर गए तो उसकी हालत बिगड़ गई। वह सात अगस्त को अस्पताल लेकर गए तो डॉक्टर ने दवाई देकर उन्हें घर भेज दिया। वह बहन को अपने गांव हावड़ा ले गए। वहां हालत बिगड़ने पर उन्होंने डॉक्टर से फोन कर सूचना दी तो डॉक्टर ने उन्हें दवाई और इंजेक्शन बताए, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। आरोप है कि वह शुक्रवार की रात बहन को अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन आधे घंटे तक अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं आया। आधे घंटे के बाद एक महिला डॉक्टर बीता आई, जिन्होंने उपचार शुरू किया, लेकिन देर रात डेढ़ बजे बहन की मौत हो गई।
विज्ञापन
ऑपरेशन के दौरान पेट में नस कटी छोड़ने का आरोप
मृतका रानी की बहन शीला का आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान रानी की कोई नस कटी हुई पेट में छोड़ दी। जिस कारण पेट में खून जमना शुरू हो गया और रानी का पेट फूलता चला गया। आरोप है कि डॉक्टर ने शुक्रवार रात को भी दोबारा ऑपरेशन किया और खून का बहाव न रुकने से उसकी मौत हो गई।
जांच अधिकारी पर गाली-गलौज करने का आरोप, शिकायत दी
मृतका के भाई शमशेर ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर बार-बार पोस्टमार्टम के लिए आवाज लगा रहा था। जिसके बाद उन्होंने जांच अधिकारी एसआई को फोन लगाया और अस्पताल में आकर कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए कहा तो वह भड़क गए और सीधा उसे कहा कि तेरा नौकर थोड़ी लाग रया हूं। जिसकी उनके पास रिकॉर्डिंग भी है। इसके अलावा ऑडियों में शमशेर गालियां दे रहे हैं। उन्होंने अलग से भी आईओ के खिलाफ शिकायत दी है।
अस्पताल पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद
चार अगस्त को ऑपरेशन के बाद रानी को छुट्टी दे दी गई थी। शुक्रवार को परिजन उसे लेकर आए थे, लेकिन उन्होंने हालत गंभीर देखते हुए उसे रेफर कर दिया था। अस्पताल पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
- जयदीप राठी, अप्रैक्स अस्पताल
शनिवार को पोस्टमार्टम एक्सपर्ट डॉक्टर न होने की वजह से पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। शव अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शिकायत पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-इंस्पेक्टर मंजीत सिंह, चांदनीबाग थाना प्रभारी
मामला संज्ञान में नहीं आया है। किसी के साथ ऐसा हुआ तो वह लिखित में शिकायत दे। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-शशांक कुमार सावन, एसपी।
विज्ञापन
जींद के गांव हावड़ा निवासी शमशेर ने बताया कि उसकी बहन रानी देवी (40) की 15 साल पहले पवन कुमार गांव काबड़ी निवासी के साथ शादी हुई थी। उनका इकलौता बेटा साहिल है। जीजा पवन की दो साल पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद से बहन फैक्टरी में काम कर घर का खर्च चलाती थी। पिछले कई दिनों से बहन की हालत खराब चल रही थी। वह उपचार के लिए चार अगस्त को बहन को अप्रैक्स अस्पताल लेकर गए, जहां अस्पताल के स्टाफ ने उसे दाखिल कर लिया। उन्हें आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेज लेने के लिए भेज दिया। जब पीड़ित का बेटा साहिल और देवर सोनू दस्तावेज लेकर अस्पताल लौटे तो पता चला कि ऑपरेशन हो चुका है। डॉक्टर ने बताया कि रानी की बच्चादानी से रिसोली निकली है।
विज्ञापन
इसके दो दिन बाद बहन को छुट्टी दे दी। वह बहन को घर लेकर गए तो उसकी हालत बिगड़ गई। वह सात अगस्त को अस्पताल लेकर गए तो डॉक्टर ने दवाई देकर उन्हें घर भेज दिया। वह बहन को अपने गांव हावड़ा ले गए। वहां हालत बिगड़ने पर उन्होंने डॉक्टर से फोन कर सूचना दी तो डॉक्टर ने उन्हें दवाई और इंजेक्शन बताए, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। आरोप है कि वह शुक्रवार की रात बहन को अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन आधे घंटे तक अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं आया। आधे घंटे के बाद एक महिला डॉक्टर बीता आई, जिन्होंने उपचार शुरू किया, लेकिन देर रात डेढ़ बजे बहन की मौत हो गई।
विज्ञापन
ऑपरेशन के दौरान पेट में नस कटी छोड़ने का आरोप
मृतका रानी की बहन शीला का आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान रानी की कोई नस कटी हुई पेट में छोड़ दी। जिस कारण पेट में खून जमना शुरू हो गया और रानी का पेट फूलता चला गया। आरोप है कि डॉक्टर ने शुक्रवार रात को भी दोबारा ऑपरेशन किया और खून का बहाव न रुकने से उसकी मौत हो गई।
जांच अधिकारी पर गाली-गलौज करने का आरोप, शिकायत दी
मृतका के भाई शमशेर ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर बार-बार पोस्टमार्टम के लिए आवाज लगा रहा था। जिसके बाद उन्होंने जांच अधिकारी एसआई को फोन लगाया और अस्पताल में आकर कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए कहा तो वह भड़क गए और सीधा उसे कहा कि तेरा नौकर थोड़ी लाग रया हूं। जिसकी उनके पास रिकॉर्डिंग भी है। इसके अलावा ऑडियों में शमशेर गालियां दे रहे हैं। उन्होंने अलग से भी आईओ के खिलाफ शिकायत दी है।
अस्पताल पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद
चार अगस्त को ऑपरेशन के बाद रानी को छुट्टी दे दी गई थी। शुक्रवार को परिजन उसे लेकर आए थे, लेकिन उन्होंने हालत गंभीर देखते हुए उसे रेफर कर दिया था। अस्पताल पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
- जयदीप राठी, अप्रैक्स अस्पताल
शनिवार को पोस्टमार्टम एक्सपर्ट डॉक्टर न होने की वजह से पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। शव अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शिकायत पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-इंस्पेक्टर मंजीत सिंह, चांदनीबाग थाना प्रभारी
मामला संज्ञान में नहीं आया है। किसी के साथ ऐसा हुआ तो वह लिखित में शिकायत दे। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-शशांक कुमार सावन, एसपी।