{"_id":"62509d67d2ee113de0731716","slug":"woman-asi-turned-dowry-accused-court-directed-for-action-panipat-news-knl1043438147","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला एएसआई ने दहेज के आरोपी को घुमाया, कोर्ट ने कार्रवाई के दिए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला एएसआई ने दहेज के आरोपी को घुमाया, कोर्ट ने कार्रवाई के दिए निर्देश
विज्ञापन
पानीपत। 26 मार्च 20222 को दहेज के आरोपी को बिना कोर्ट की अनुमति के हथकड़ी लगाकर गांव में घूमाने के मामले में कोर्ट ने महिला थाना की एएसआई के खिलाफ एसपी को पत्र लिखा है। कोर्ट ने एसपी को निर्देश दिए हैं कि महिला थाना की जांच अधिकारी एएसआई व एसपीओ के खिलाफ एक माह में कार्रवाई कर रिपोर्ट जमा कराएं।
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुषमा की कोर्ट की ओर से ये निर्देश जारी किए गए हैं। कोर्ट ने पत्र में लिखा कि महिला जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता के एएसआई पिता के साथ मिलकर गैर कानूनी कार्रवाई की है। इतना ही नहीं, महिला जांच अधिकारी ने किसी मंशा के चलते आरोपी को हथकड़ियां लगाकर उसके गांव में घुमाया, ताकि गांव वालों के सामने उसकी बेइज्जती हो। इस पर कार्रवाई की जाए।
इस मामले में की गई गैर कानूनी कार्रवाई-
21 जनवरी 2022 को महिला थाना पुलिस को दी शिकायत में एक महिला ने बताया था कि साल 2019 में उसकी शादी सोनीपत के रहने वाले एक व्यक्ति के साथ हुई थी, जोकि केंद्रीय सरकारी कर्मचारी है। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुरालजनों ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। उसके साथ मारपीट की जाती थी। 2020 के आखिरी माह में ससुरालजनों ने उसके एएसआई पिता पर जानलेवा हमला भी किया था। जिस बाबत पानीपत सिटी थाना में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है। 19 दिसंबर 2021 को सुबह महिला अपने कमरे में जाने लगी तो उसके पति, देवर, सास, ससुर, ननद, छोटा देवर समेत एक अन्य ने उसके साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का कहना है कि ससुरालवालों को पता था कि वह गर्भवती है, इसके बावजूद भी आरोपियों ने उसके पेट पर लात-घुसे मारे। उसे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने यह आपबीती अपने पिता को बताई। पिता बेटी को वहां से मायका ले आया। हालत गंभीर होते देख उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज भर्ती करवाया गया। जहां उसका गर्भपात हो गया।
विज्ञापन
जांच अधिकारी ने कोर्ट में ये दिया जवाब-
इस बारे में जब कोर्ट ने महिला जांच अधिकारी से पूछा तो उसने लिखित में जवाब दिया था कि आरोपी कोई आदतन आपराधिक किस्म का व्यक्ति नहीं है, मगर वह गांव में छत से कूदने की धमकियां दे रहा था। इसी वजह उसे बेड़ियों में बांधा गया था। जबकि कोर्ट ने इस जवाब को आधारहीन माना और एसपी से कहा है कि वे इस पूरे मामले में अपनी नजर बनाए। साथ ही इस पूरे प्रकरण की एक माह के भीतर कोर्ट में जवाब पेश करे।
विज्ञापन
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुषमा की कोर्ट की ओर से ये निर्देश जारी किए गए हैं। कोर्ट ने पत्र में लिखा कि महिला जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता के एएसआई पिता के साथ मिलकर गैर कानूनी कार्रवाई की है। इतना ही नहीं, महिला जांच अधिकारी ने किसी मंशा के चलते आरोपी को हथकड़ियां लगाकर उसके गांव में घुमाया, ताकि गांव वालों के सामने उसकी बेइज्जती हो। इस पर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
इस मामले में की गई गैर कानूनी कार्रवाई-
21 जनवरी 2022 को महिला थाना पुलिस को दी शिकायत में एक महिला ने बताया था कि साल 2019 में उसकी शादी सोनीपत के रहने वाले एक व्यक्ति के साथ हुई थी, जोकि केंद्रीय सरकारी कर्मचारी है। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुरालजनों ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। उसके साथ मारपीट की जाती थी। 2020 के आखिरी माह में ससुरालजनों ने उसके एएसआई पिता पर जानलेवा हमला भी किया था। जिस बाबत पानीपत सिटी थाना में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है। 19 दिसंबर 2021 को सुबह महिला अपने कमरे में जाने लगी तो उसके पति, देवर, सास, ससुर, ननद, छोटा देवर समेत एक अन्य ने उसके साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का कहना है कि ससुरालवालों को पता था कि वह गर्भवती है, इसके बावजूद भी आरोपियों ने उसके पेट पर लात-घुसे मारे। उसे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने यह आपबीती अपने पिता को बताई। पिता बेटी को वहां से मायका ले आया। हालत गंभीर होते देख उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज भर्ती करवाया गया। जहां उसका गर्भपात हो गया।
विज्ञापन
जांच अधिकारी ने कोर्ट में ये दिया जवाब-
इस बारे में जब कोर्ट ने महिला जांच अधिकारी से पूछा तो उसने लिखित में जवाब दिया था कि आरोपी कोई आदतन आपराधिक किस्म का व्यक्ति नहीं है, मगर वह गांव में छत से कूदने की धमकियां दे रहा था। इसी वजह उसे बेड़ियों में बांधा गया था। जबकि कोर्ट ने इस जवाब को आधारहीन माना और एसपी से कहा है कि वे इस पूरे मामले में अपनी नजर बनाए। साथ ही इस पूरे प्रकरण की एक माह के भीतर कोर्ट में जवाब पेश करे।