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पहरावर में जमीन के साथ अब निर्माण के लिए रकम दे सरकार: सांसद अरविंद शर्मा
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समालखा। भाजपा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा रविवार को पानीपत पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अगर चाहें तो दो घंटे में पहरावर की जमीन गौड़ ब्राह्मण संस्था को दे सकते हैं। बावजूद इसके जमीन नहीं दी जा रही है। वह इस मामले की जांच की मांग करते हैं। अब ब्राह्मण समाज जमीन के कागजात के साथ वहां होने वाले कार्यों के लिए रकम की मांग भी सरकार से करता है। सांसद ने कहा कि देश को अभी वर्षों तक भाजपा की दो तिहाई बहुमत वाली सरकार चाहिए। अभी बहुत से कार्य हैं, जिन्हें किया जाना जरूरी है। देश के लिए मोदी सरकार जरूरी है।
सांसद शर्मा, रविवार को करनाल जाते समय कुछ देर के लिए समालखा स्थित ब्लूजे रेस्टोरेंट में रुके और बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राइवेट सेक्टर यहां के युवाओं को नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण कठोरता से लागू करना चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से दोबारा से ईबीपीजी (इकोनॉमिकल बैकवर्ड पर्सन्स इन जनरल) का कोटा बहाल करने के लिए कहा, क्योंकि इसके हटने से ब्राह्मण, पंजाबी, बनिया और राजपूत समाज सरकारी नौकरियों में अपने हक से वंचित हो गया है। 241 युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। सीएम बनने के सवाल पर सांसद ने कहा कि प्रदेश में हर समुदाय से मुख्यमंत्री बनाया जाए और अब ब्राह्मण, दलित और पिछड़े वर्ग से मुख्यमंत्री बनना चाहिए क्योंकि आजादी के बाद जिस समाज से मुख्यमंत्री बन चुके हैं, उनका फिर नंबर आ जाएगा। ब्राह्मण समुदाय से प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा मात्र साढ़े छह महीने इस पद पर रहे थे। 56 साल में जिस समुदाय से मुख्यमंत्री बन चुके हैं, उनका क्रमवार नंबर आना चाहिए। आम आदमी पार्टी का प्रदेश में कोई वजूद नहीं है। इस अवसर पर सुनील शर्मा, महेंद्र कहराणा, हरिचंद शर्मा, संदीप, कृष्ण पहलवान, सतप्रकाश गर्ग आदि मौजूद रहे।
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सांसद शर्मा, रविवार को करनाल जाते समय कुछ देर के लिए समालखा स्थित ब्लूजे रेस्टोरेंट में रुके और बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राइवेट सेक्टर यहां के युवाओं को नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण कठोरता से लागू करना चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से दोबारा से ईबीपीजी (इकोनॉमिकल बैकवर्ड पर्सन्स इन जनरल) का कोटा बहाल करने के लिए कहा, क्योंकि इसके हटने से ब्राह्मण, पंजाबी, बनिया और राजपूत समाज सरकारी नौकरियों में अपने हक से वंचित हो गया है। 241 युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। सीएम बनने के सवाल पर सांसद ने कहा कि प्रदेश में हर समुदाय से मुख्यमंत्री बनाया जाए और अब ब्राह्मण, दलित और पिछड़े वर्ग से मुख्यमंत्री बनना चाहिए क्योंकि आजादी के बाद जिस समाज से मुख्यमंत्री बन चुके हैं, उनका फिर नंबर आ जाएगा। ब्राह्मण समुदाय से प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा मात्र साढ़े छह महीने इस पद पर रहे थे। 56 साल में जिस समुदाय से मुख्यमंत्री बन चुके हैं, उनका क्रमवार नंबर आना चाहिए। आम आदमी पार्टी का प्रदेश में कोई वजूद नहीं है। इस अवसर पर सुनील शर्मा, महेंद्र कहराणा, हरिचंद शर्मा, संदीप, कृष्ण पहलवान, सतप्रकाश गर्ग आदि मौजूद रहे।
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