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Panipat News: महाशिवरात्रि पर 51 किलो दूध से करेंगे भगवान शिव का अभिषेक
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पानीपत। महाशिवरात्रि का त्योहार हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस बार महाशिवरात्रि का त्योहार 26 फरवरी को मनाया जाएगा। यह दिन को शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन कई जगहों पर शिव भक्त भगवान शिव की बरात निकालते हैं। मंदिरों में शिव विवाह का आयोजन किया जाता है। महिलाएं पूरा दिन भजन-कीर्तन करती हैं।
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि देवी मंदिर में 11वीं और 12 वीं शताब्दी के हरि-हर भगवान का रूप स्थापित है। इसकी अपनी अलग ही मान्यता है। यहां लोग दूर-दूर से पूजा करने के लिए आते हैं और भगवान हरी-हर के आशीर्वाद से उनकी मनोकामनाएं पूरी भी होती हैं। इस बार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का 51 किलो दूध से अभिषेक किया जाएगा और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दिन शिव पूजा-अर्चना करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि पर देशभर में भगवान शिव का पूरा परिवार माता पार्वती और उनके बच्चे भगवान कार्तिक और गणेश की पूजा भी की जाती है।
भगवान शिव का अभिषेक करते समय ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहना चाहिए। रात्रि के समय भी अभिषेक करना चाहिए और अगले दिन सुबह दान करके व्रत खोलना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि देवी मंदिर में 11वीं और 12 वीं शताब्दी के हरि-हर भगवान का रूप स्थापित है। इसकी अपनी अलग ही मान्यता है। यहां लोग दूर-दूर से पूजा करने के लिए आते हैं और भगवान हरी-हर के आशीर्वाद से उनकी मनोकामनाएं पूरी भी होती हैं। इस बार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का 51 किलो दूध से अभिषेक किया जाएगा और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दिन शिव पूजा-अर्चना करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि पर देशभर में भगवान शिव का पूरा परिवार माता पार्वती और उनके बच्चे भगवान कार्तिक और गणेश की पूजा भी की जाती है।
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भगवान शिव का अभिषेक करते समय ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहना चाहिए। रात्रि के समय भी अभिषेक करना चाहिए और अगले दिन सुबह दान करके व्रत खोलना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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