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Panipat News: नीलगाय के बच्चे को जंगली कुत्तों ने नोंचा, ग्रामीणों न बचाया
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बापौली। बहरामपुर गांव के जंगल में घूम रहे नील गाय के बच्चे को जंगली कुत्तों ने नोंच डाला। इससे वह घायल हो गया। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद उसे बचाया। गांव की ओर आते समय बच्चा तालाब में गिर गया। ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला। वन्य एवं प्राणी विभाग की टीम सूचना के बाद गांव में बिना डॉक्टर के पहुंच गई। टीम के पास नीलगाय लाने के लिए गाड़ी भी नहीं थी। ग्रामीणों ने इस पर चिंता जाहिर की।
ग्रामीण आजाद रावल ने बताया कि गांव में काफी नीलगाय हैं। ये गांव के गोचरान की जमीन में घूमती रहती हैं। शुक्रवार को एक बच्चा झुंड से पीछे रह गया। नील गाय के बच्चे को जंगली कुत्तों ने घायल कर दिया। इसकी सूचना वन्य विभाग के अधिकारियों की दी गई। टीम मौके पर पहुंची और उसका प्राथमिक उपचार किया। वन्य विभाग के कर्मचारी रजनेश ने बताया कि हमारे पास अपना वाहन न होने के कारण यहां पहुंचने में देर हुई। उनके पास कोई डॉक्टर भी नहीं है। गांव से एक डॉक्टर को बुलाकर जानवर का उपचार कराया। उन्होंने कहा कि वे इसे अपने साथ लेकर जाएंगे। इसकी सूचना क्षेत्रीय इंस्पेक्टर राजवीर सिंह को दी। कहा कि उपचार के बाद ठीक होने पर इसे दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
आजाद बहरामपुर ने बताया कि बहरामपुर के खेत में नीलगाय के बच्चे को 15-20 जंगली कुत्ते नोंच रहे थे। तीन-चार बार के प्रयास के बाद मुन्नीराम, विपिन, अली मोहम्मद, सेठपाल पोसवाल, शिवम रावल, लिछमन आदि ने मिलकर नीलगाय को छुड़वाया। नीलगाय के बच्चे को जंगली कुत्तों ने चारों पैर और गर्दन पर कई घाव कर दिए थे।
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ग्रामीण आजाद रावल ने बताया कि गांव में काफी नीलगाय हैं। ये गांव के गोचरान की जमीन में घूमती रहती हैं। शुक्रवार को एक बच्चा झुंड से पीछे रह गया। नील गाय के बच्चे को जंगली कुत्तों ने घायल कर दिया। इसकी सूचना वन्य विभाग के अधिकारियों की दी गई। टीम मौके पर पहुंची और उसका प्राथमिक उपचार किया। वन्य विभाग के कर्मचारी रजनेश ने बताया कि हमारे पास अपना वाहन न होने के कारण यहां पहुंचने में देर हुई। उनके पास कोई डॉक्टर भी नहीं है। गांव से एक डॉक्टर को बुलाकर जानवर का उपचार कराया। उन्होंने कहा कि वे इसे अपने साथ लेकर जाएंगे। इसकी सूचना क्षेत्रीय इंस्पेक्टर राजवीर सिंह को दी। कहा कि उपचार के बाद ठीक होने पर इसे दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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आजाद बहरामपुर ने बताया कि बहरामपुर के खेत में नीलगाय के बच्चे को 15-20 जंगली कुत्ते नोंच रहे थे। तीन-चार बार के प्रयास के बाद मुन्नीराम, विपिन, अली मोहम्मद, सेठपाल पोसवाल, शिवम रावल, लिछमन आदि ने मिलकर नीलगाय को छुड़वाया। नीलगाय के बच्चे को जंगली कुत्तों ने चारों पैर और गर्दन पर कई घाव कर दिए थे।
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