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Panipat News: टीडीआई अफसर नहीं आए, फर्जीवाड़े की जांच करेंगे डीसी
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जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में फरियाद सुनते मंत्री रणबीर गंगवा। संवाद
- फोटो : Samvad
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में टीडीआई प्रबंधन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। 522 रजिस्ट्रियों में फर्जीवाड़े और धार्मिक स्थल की जमीन के हस्तांतरण में अनियमितता से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि अगली बैठक में भी कंपनी का प्रतिनिधि नहीं पहुंचा तो एफआईआर समेत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को टीडीआई की रजिस्ट्रियों में फर्जीवाड़े की जांच के निर्देश दिए। जांच में जमीन हस्तांतरण समेत अन्य मामले भी शामिल किए जाएंगे।
जिला सचिवालय सभागार में करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में 15 शिकायतों पर सुनवाई हुई। इनमें 10 का मौके पर समाधान किया गया, जबकि पांच को अगली बैठक तक लंबित रखा गया। शिकायतों में भूमि विवाद, रजिस्ट्री, कब्जा, धोखाधड़ी, प्रदूषण, बिल्डर, फसल खराब होने का मुआवजा और सरकारी भुगतान से जुड़े मामले शामिल रहे।
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बिल्डर पर अनियमितताओं और धोखाधड़ी के लगाए आरोप
पानीपत निवासी विनोद टंडन ने बिल्डर पर अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया कि वर्ष 2023 से रजिस्ट्रियों पर रोक के बावजूद करीब 522 रजिस्ट्रियां कराई गईं। एडीसी की जांच में इसका खुलासा होने की बात भी कही गई।
स्थानीय निवासियों ने कम्युनिटी सेंटर अधूरा होने, अस्पताल और स्कूल नहीं बनने, डाकघर व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की
सुविधा नहीं होने तथा बिजली, सड़क और पानी की कमी का मुद्दा उठाया।
बैठक में एनजीटी की ओर से बिल्डर पर 5.47 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाए जाने की जानकारी भी दी गई। मंत्री ने उपायुक्त को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। शिकायत अगली बैठक तक लंबित रखी गई।
बैठक में विधायक प्रमोद विज, जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, निगम आयुक्त डॉ. पंकज, अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन और सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा मौजूद रहे। ब्यूरो
जमीन, प्लॉट और कब्जे से जुड़े मामले आए
n अलीपुर खालसा निवासी महेंद्र सिंह ने 14 बीघा पांच बिस्वा भूमि में से एचएसवीपी द्वारा सेक्टर-18 के लिए 13 बीघा छह बिस्वा जमीन अधिग्रहित करने और शेष एक बीघा भूमि की मिल्कियत का मामला उठाया। एक माह का समय दिया गया।
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राधा कॉलोनी की रामफूल ने बताया कि राशि देने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं कराई जा रही। मंत्री ने बैंक, संपत्ति मालिक और डीलर को अगली सुनवाई में बुलाने के निर्देश दिए।
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राज नगर निवासी मूर्ति ने फाइनेंसर पर मूल राशि से अधिक रकम लेने के बावजूद मकान का कब्जा नहीं छोड़ने का आरोप लगाया। एसपी से रिपोर्ट मांगी गई।
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चुलकाना के आसपास प्रदूषण की शिकायत में अधिवक्ता मुकेश छौक्कर ने हरियाणा ऑर्गेनिक फैक्टरी पर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया। पुलिस, राजस्व विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को कार्रवाई में शामिल किया गया।
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सेक्टर-24 के प्लॉट की निशानदेही या वैकल्पिक प्लॉट आवंटित करने से संबंधित थी। संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद इसका मौके पर समाधान किया गया। सातवीं और आठवीं शिकायत पैतृक भूमि के बंटवारे व कब्जे से संबंधित थीं। दोनों का समाधान।
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गांधी कॉलोनी निवासी अवतार सिंह की शिकायत का मौके पर समाधान किया गया।
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नूरवाला निवासी विनोद पांचाल ने बेटे मोहित को विदेश भेजने के नाम पर रकम हड़पने का आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की। शिकायत का समाधान।
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देशराज कॉलोनी निवासी रणदीप, संतोष पटेल और सतपाल ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री कराने के बदले प्रॉपर्टी डीलरों ने प्रत्येक खरीदार से दो लाख रुपये मांगे। पुलिस और राजस्व विभाग की जांच के बाद शिकायत का समाधान किया गया।
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सेक्टर-23, उग्राखेड़ी स्थित द एड्रेस सोसायटी में सुविधाओं और सुरक्षा की कमी पर निवासियों ने बिल्डर और प्रबंधन पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। शिकायत अगली बैठक तक लंबित रखी।
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विकास नगर निवासी विजय कुमार ने चार वर्ष पुराने धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के लिए शिकायत रखी। इसका समाधान किया गया।
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इसराना निवासी सुरेंद्र कुमार ने 14वीं शिकायत में गुप्ता फैक्टरी के गंदे पानी से फसल खराब होने का आरोप लगाया। मुआवजे और गंदे पानी का प्रवाह रोकने की मांग की। शिकायत का समाधान किया गया।
n 15वीं शिकायत उझा रोड स्थित जांगड़ा जेनरेटर कंपनी के राजपाल सिंह ने दी। उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से जेटिंग मशीनों की मरम्मत का बकाया भुगतान मांगा। शिकायत का मौके पर समाधान किया गया।
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पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में टीडीआई प्रबंधन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। 522 रजिस्ट्रियों में फर्जीवाड़े और धार्मिक स्थल की जमीन के हस्तांतरण में अनियमितता से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि अगली बैठक में भी कंपनी का प्रतिनिधि नहीं पहुंचा तो एफआईआर समेत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को टीडीआई की रजिस्ट्रियों में फर्जीवाड़े की जांच के निर्देश दिए। जांच में जमीन हस्तांतरण समेत अन्य मामले भी शामिल किए जाएंगे।
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जिला सचिवालय सभागार में करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में 15 शिकायतों पर सुनवाई हुई। इनमें 10 का मौके पर समाधान किया गया, जबकि पांच को अगली बैठक तक लंबित रखा गया। शिकायतों में भूमि विवाद, रजिस्ट्री, कब्जा, धोखाधड़ी, प्रदूषण, बिल्डर, फसल खराब होने का मुआवजा और सरकारी भुगतान से जुड़े मामले शामिल रहे।
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बिल्डर पर अनियमितताओं और धोखाधड़ी के लगाए आरोप
पानीपत निवासी विनोद टंडन ने बिल्डर पर अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया कि वर्ष 2023 से रजिस्ट्रियों पर रोक के बावजूद करीब 522 रजिस्ट्रियां कराई गईं। एडीसी की जांच में इसका खुलासा होने की बात भी कही गई।
स्थानीय निवासियों ने कम्युनिटी सेंटर अधूरा होने, अस्पताल और स्कूल नहीं बनने, डाकघर व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की
सुविधा नहीं होने तथा बिजली, सड़क और पानी की कमी का मुद्दा उठाया।
बैठक में एनजीटी की ओर से बिल्डर पर 5.47 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाए जाने की जानकारी भी दी गई। मंत्री ने उपायुक्त को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। शिकायत अगली बैठक तक लंबित रखी गई।
बैठक में विधायक प्रमोद विज, जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, निगम आयुक्त डॉ. पंकज, अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, पुलिस अधीक्षक मेघा भूषण, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन और सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा मौजूद रहे। ब्यूरो
जमीन, प्लॉट और कब्जे से जुड़े मामले आए
n अलीपुर खालसा निवासी महेंद्र सिंह ने 14 बीघा पांच बिस्वा भूमि में से एचएसवीपी द्वारा सेक्टर-18 के लिए 13 बीघा छह बिस्वा जमीन अधिग्रहित करने और शेष एक बीघा भूमि की मिल्कियत का मामला उठाया। एक माह का समय दिया गया।
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राधा कॉलोनी की रामफूल ने बताया कि राशि देने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं कराई जा रही। मंत्री ने बैंक, संपत्ति मालिक और डीलर को अगली सुनवाई में बुलाने के निर्देश दिए।
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राज नगर निवासी मूर्ति ने फाइनेंसर पर मूल राशि से अधिक रकम लेने के बावजूद मकान का कब्जा नहीं छोड़ने का आरोप लगाया। एसपी से रिपोर्ट मांगी गई।
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चुलकाना के आसपास प्रदूषण की शिकायत में अधिवक्ता मुकेश छौक्कर ने हरियाणा ऑर्गेनिक फैक्टरी पर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया। पुलिस, राजस्व विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को कार्रवाई में शामिल किया गया।
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सेक्टर-24 के प्लॉट की निशानदेही या वैकल्पिक प्लॉट आवंटित करने से संबंधित थी। संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद इसका मौके पर समाधान किया गया। सातवीं और आठवीं शिकायत पैतृक भूमि के बंटवारे व कब्जे से संबंधित थीं। दोनों का समाधान।
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गांधी कॉलोनी निवासी अवतार सिंह की शिकायत का मौके पर समाधान किया गया।
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नूरवाला निवासी विनोद पांचाल ने बेटे मोहित को विदेश भेजने के नाम पर रकम हड़पने का आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की। शिकायत का समाधान।
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देशराज कॉलोनी निवासी रणदीप, संतोष पटेल और सतपाल ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्री कराने के बदले प्रॉपर्टी डीलरों ने प्रत्येक खरीदार से दो लाख रुपये मांगे। पुलिस और राजस्व विभाग की जांच के बाद शिकायत का समाधान किया गया।
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सेक्टर-23, उग्राखेड़ी स्थित द एड्रेस सोसायटी में सुविधाओं और सुरक्षा की कमी पर निवासियों ने बिल्डर और प्रबंधन पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। शिकायत अगली बैठक तक लंबित रखी।
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विकास नगर निवासी विजय कुमार ने चार वर्ष पुराने धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के लिए शिकायत रखी। इसका समाधान किया गया।
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इसराना निवासी सुरेंद्र कुमार ने 14वीं शिकायत में गुप्ता फैक्टरी के गंदे पानी से फसल खराब होने का आरोप लगाया। मुआवजे और गंदे पानी का प्रवाह रोकने की मांग की। शिकायत का समाधान किया गया।
n 15वीं शिकायत उझा रोड स्थित जांगड़ा जेनरेटर कंपनी के राजपाल सिंह ने दी। उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से जेटिंग मशीनों की मरम्मत का बकाया भुगतान मांगा। शिकायत का मौके पर समाधान किया गया।