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पानी निकासी न होने पर बिफरे दुकानदार, डीसी को कमिश्नर नहीं दे सकीं जवाब
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Wed, 22 Mar 2017 11:45 PM IST
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पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाले इंसार बाजार समेत दूसरे बाजार पानी निकासी और जाम से जूझ रहे हैं। नगर निगम अधिकारी व्यापारियों के बार-बार शिकायत करने के बाद भी इनका हल नहीं कर पा रहे। इससे खफा होकर व्यापारी और दुकानदार संयुक्त व्यापार मंडल के बैनर तले उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे से मिले। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर पर उनके सामने किसी तरह की सुनवाई न करने के आरोप लगाए। डीसी के पूछने पर नगर निगम कमिश्नर जवाब नहीं दे सकीं। डीसी ने इस पर व्यापारियों से सात दिन का समय मांगा। साथ ही अधिकारियों को 31 मार्च तक समस्याओं के समाधान के आदेश दिए। डीसी ने एक अप्रैल को बाजार का खुद दौरा करने का आश्वासन दिया।
संयुक्त व्यापार मंडल के बैनर तले शहर के विभिन्न बाजारों के पदाधिकारी बुधवार को डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे से मिले। प्रधान दर्शनलाल वधवा और महासचिव अनिल मदान ने बताया कि इंसार बाजार शहर का प्रमुख बाजार है। इसके अंतर्गत करीब 35 एसोसिएशन हैं। बाजार से हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है। इसके बाद भी बाजारों में प्रशासन अपेक्षाकृत सुविधा नहीं दे रहा। इससे परेशानियों बढ़ती ही जा रही हैं। वे नगर निगम अधिकारियों से समाधान की कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन वे फोन तक नहीं उठा रहे। इंसार बाजार लालबत्ती के प्रधान गौरव ने बताया कि नगर निगम को प्रस्ताव तक भेज चुके हैं। सब दुकानदार और एसोसिएशन सहयोग के लिए तैयार हैं। व्यापारियों की परेशानी को देखते हुए डीसी ने पहले निगम कमिश्नर वीना हुड्डा और फिर एसई एनडी वशिष्ठ को अपने कार्यालय में बुलाया। व्यापारियों ने दोनों अधिकारियों के सामने बाजारों की अनदेखी करने के आरोप लगाए। इस पर डीसी ने दोनों अधिकारियों से इस संबंध में पूछा, लेकिन वे जवाब नहीं दे सके। इस मौके पर सुशील भराड़ा, विजय कक्कड़, मनीष सडना मुरली, इंद्रजीत कथूरिया, राजीव खरबंदा, विपिन चुघ, प्रेम अरोड़ा, राजीव, बाबू भाई बरेजा, राजेश सूरी आदि मौजूद रहे।
बाजार में ये समस्या है
बारिश के पानी की नहीं निकासी
शहर के बाजारों में बारिश के पानी की निकासी नहीं है। जैन मोहल्ले तक का बारिश का पानी आ जाता है। बरसाती सीजन में पूरा बाजार में पानी भरा रहता है। इससे व्यापार प्रभावित होता है। नाले पूरी तरह से जाम रहते हैं। इनकी नियमित सफाई नहीं हो पाती। रेहड़ी लगाने वाले और कुछ दुकानदार भी कचरा डाल देते हैं। इससे नाला चौक हो जाता है। जीटी रोड पर एलएनटी के नाले से कनेक्टिविटी नहीं है। बाजार में बारिश के बाद कई घंटे तक पानी भरा रहता है।
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बाजार में जाम की समस्या
इंसार बाजार में दिन के समय गाड़ी और ई-रिक्शा आ जाते हैं। कुछ लोग रेहड़ी भी लगा देते हैं। इससे पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। दुकानदार नगर निगम को कई बार अतिक्रमण हटाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। बाजार एसोसिएशन ने बैरीकेड्स बनवाए हैं। इसका एक मॉडल पुलिस अधिकारियों को ट्रायल के तौर पर दिखाया भी है, लेकिन कोई भी अधिकारी आगे आने के लिए तैयार नहीं है। इससे बाजार में जाम लगा रहता है।
रात होते ही छा जाता है अंधेरा
बाजार एसोसिएशनों ने कहा कि बाजार में स्ट्रीट लाइट भी नहीं हैं और रात होते ही पूरा बाजार अंधेरे में डूब जाता है। लाइट जाने से चोरी होने का डर बना रहता है। एसोसिएशन द्वारा कई जगह खुद लाइट लगवाई हैं। इसका बिल उनको खुद ही भरना पड़ता है। डीसी ने 31 मार्च तक स्ट्रीट लाइट लगवाने के आदेश दिए।
बाजार में सुबह होती है सफाई
बाजार में दुकानदार सुबह दुकान खोलते हैं और पूजा पाठ करने लगते हैं। इसी समय नगर निगम की टीम सफाई करने आती है। सड़क की धूल मिट्टी अंदर जाती है। इससे पूरा दिन परेशानी होती है। नगर निगम ने गत दिनों बाजारों की मांग पर रात को सफाई करनी शुरू की थी, लेकिन कुछ दिनों बाद ही बंद कर दी।
व्यापार मंडल ने प्रशासन को दिए ये सुझाव
1. इंसार बाजार, पालिका बाजार, कचहरी बाजार, गुरुद्वारा रोड के नाले को जीटी ड्रेन से जोड़ा जाए।
2. बाजारों में थ्री व्हीलर और ई-रिक्शा का प्रवेश सुबह दस से शाम आठ बजे तक वर्जित किया जाए।
3. निगम कब्जे और नालों में गंदगी फेंकने वालों की वीडियोग्राफी कराकर जुर्माना करे।
4. नगर निगम बाजारों में रात को सफाई अभियान चलाए।
वर्जन
शहर की बाजारों के कुछ दुकानदार अपनी समस्याओं को लेकर उनसे मिले हैं और बाजार से पानी निकासी व दूसरी समस्याओं को उनके सामने रखा है। नगर निगम अधिकारियों को इसके निर्देश दिए हैं। मैं खुद भी बाजारों को दौरा करूंगा।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।
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पानीपत। सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाले इंसार बाजार समेत दूसरे बाजार पानी निकासी और जाम से जूझ रहे हैं। नगर निगम अधिकारी व्यापारियों के बार-बार शिकायत करने के बाद भी इनका हल नहीं कर पा रहे। इससे खफा होकर व्यापारी और दुकानदार संयुक्त व्यापार मंडल के बैनर तले उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे से मिले। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर पर उनके सामने किसी तरह की सुनवाई न करने के आरोप लगाए। डीसी के पूछने पर नगर निगम कमिश्नर जवाब नहीं दे सकीं। डीसी ने इस पर व्यापारियों से सात दिन का समय मांगा। साथ ही अधिकारियों को 31 मार्च तक समस्याओं के समाधान के आदेश दिए। डीसी ने एक अप्रैल को बाजार का खुद दौरा करने का आश्वासन दिया।
संयुक्त व्यापार मंडल के बैनर तले शहर के विभिन्न बाजारों के पदाधिकारी बुधवार को डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे से मिले। प्रधान दर्शनलाल वधवा और महासचिव अनिल मदान ने बताया कि इंसार बाजार शहर का प्रमुख बाजार है। इसके अंतर्गत करीब 35 एसोसिएशन हैं। बाजार से हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व मिलता है। इसके बाद भी बाजारों में प्रशासन अपेक्षाकृत सुविधा नहीं दे रहा। इससे परेशानियों बढ़ती ही जा रही हैं। वे नगर निगम अधिकारियों से समाधान की कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन वे फोन तक नहीं उठा रहे। इंसार बाजार लालबत्ती के प्रधान गौरव ने बताया कि नगर निगम को प्रस्ताव तक भेज चुके हैं। सब दुकानदार और एसोसिएशन सहयोग के लिए तैयार हैं। व्यापारियों की परेशानी को देखते हुए डीसी ने पहले निगम कमिश्नर वीना हुड्डा और फिर एसई एनडी वशिष्ठ को अपने कार्यालय में बुलाया। व्यापारियों ने दोनों अधिकारियों के सामने बाजारों की अनदेखी करने के आरोप लगाए। इस पर डीसी ने दोनों अधिकारियों से इस संबंध में पूछा, लेकिन वे जवाब नहीं दे सके। इस मौके पर सुशील भराड़ा, विजय कक्कड़, मनीष सडना मुरली, इंद्रजीत कथूरिया, राजीव खरबंदा, विपिन चुघ, प्रेम अरोड़ा, राजीव, बाबू भाई बरेजा, राजेश सूरी आदि मौजूद रहे।
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बाजार में ये समस्या है
बारिश के पानी की नहीं निकासी
शहर के बाजारों में बारिश के पानी की निकासी नहीं है। जैन मोहल्ले तक का बारिश का पानी आ जाता है। बरसाती सीजन में पूरा बाजार में पानी भरा रहता है। इससे व्यापार प्रभावित होता है। नाले पूरी तरह से जाम रहते हैं। इनकी नियमित सफाई नहीं हो पाती। रेहड़ी लगाने वाले और कुछ दुकानदार भी कचरा डाल देते हैं। इससे नाला चौक हो जाता है। जीटी रोड पर एलएनटी के नाले से कनेक्टिविटी नहीं है। बाजार में बारिश के बाद कई घंटे तक पानी भरा रहता है।
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बाजार में जाम की समस्या
इंसार बाजार में दिन के समय गाड़ी और ई-रिक्शा आ जाते हैं। कुछ लोग रेहड़ी भी लगा देते हैं। इससे पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। दुकानदार नगर निगम को कई बार अतिक्रमण हटाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। बाजार एसोसिएशन ने बैरीकेड्स बनवाए हैं। इसका एक मॉडल पुलिस अधिकारियों को ट्रायल के तौर पर दिखाया भी है, लेकिन कोई भी अधिकारी आगे आने के लिए तैयार नहीं है। इससे बाजार में जाम लगा रहता है।
रात होते ही छा जाता है अंधेरा
बाजार एसोसिएशनों ने कहा कि बाजार में स्ट्रीट लाइट भी नहीं हैं और रात होते ही पूरा बाजार अंधेरे में डूब जाता है। लाइट जाने से चोरी होने का डर बना रहता है। एसोसिएशन द्वारा कई जगह खुद लाइट लगवाई हैं। इसका बिल उनको खुद ही भरना पड़ता है। डीसी ने 31 मार्च तक स्ट्रीट लाइट लगवाने के आदेश दिए।
बाजार में सुबह होती है सफाई
बाजार में दुकानदार सुबह दुकान खोलते हैं और पूजा पाठ करने लगते हैं। इसी समय नगर निगम की टीम सफाई करने आती है। सड़क की धूल मिट्टी अंदर जाती है। इससे पूरा दिन परेशानी होती है। नगर निगम ने गत दिनों बाजारों की मांग पर रात को सफाई करनी शुरू की थी, लेकिन कुछ दिनों बाद ही बंद कर दी।
व्यापार मंडल ने प्रशासन को दिए ये सुझाव
1. इंसार बाजार, पालिका बाजार, कचहरी बाजार, गुरुद्वारा रोड के नाले को जीटी ड्रेन से जोड़ा जाए।
2. बाजारों में थ्री व्हीलर और ई-रिक्शा का प्रवेश सुबह दस से शाम आठ बजे तक वर्जित किया जाए।
3. निगम कब्जे और नालों में गंदगी फेंकने वालों की वीडियोग्राफी कराकर जुर्माना करे।
4. नगर निगम बाजारों में रात को सफाई अभियान चलाए।
वर्जन
शहर की बाजारों के कुछ दुकानदार अपनी समस्याओं को लेकर उनसे मिले हैं और बाजार से पानी निकासी व दूसरी समस्याओं को उनके सामने रखा है। नगर निगम अधिकारियों को इसके निर्देश दिए हैं। मैं खुद भी बाजारों को दौरा करूंगा।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।