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शहर के खाली पड़े प्लॉटों में जमा पानी, डेंगू और मलेरिया का बन रहा कारण
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पानीपत। प्लॉट में भरा पानी व लगे कुड़े के ढेर।
- फोटो : Panipat
अगस्त में हुई बारिश के बाद शहर की लगभग हर कॉलोनी में खाली पड़े लगभग दो हजार से अधिक प्लॉट पानी से लबालब हैं। सड़कों के किनारे गड्ढों में भी पानी भरा पड़ा है। नगर निगम खाली प्लॉट से पानी नहीं निकाल रहा है। निगम द्वारा शहर में फॉगिंग भी नहीं कराई गई है। इस कारण आने वाले समय पर डेंगू और मलेरिया का खतरा अधिक बढ़ने का भय बना हुआ है।
इसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, दूसरी ओर शहर में डेंगू व मलेरिया फैलने का भी भय बना हुआ है। अब तक जिले में डेंगू व मलेरिया के चार केस मिल चुके हैं। हर रोज सिविल अस्पताल में डेंगू व मलेरिया के 30-40 संदिग्ध रोगियों की जांच हो रही है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू व मलेरिया में अंकुश लगाने के लिए लगभग ढाई लाख घरों व कार्यालयों की जांच कर चुका है। जिले में अब तक साढ़े 9 हजार स्थानों पर डेंगू व मलेरिया का लारवा मिल चुका है। जिनको विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
विद्यानंद कॉलोनी
विद्यानंद कॉलोनी उग्राखेड़ी गांव के पास है। यह अवैध कॉलोनी है। इसलिए कॉलोनी की 90 प्रतिशत गलियां कच्ची हैं। सैकड़ों खाली प्लॉट पड़े हैं। गंदे पानी की निकासी की यहां की सबसे बड़ी समस्या है। अब बारिश के बाद सभी प्लॉटों व गलियों में गंदा पानी भरा है। यहां से हर बार मलेरिया के मरीज अधिक संख्या में मिलते हैं।
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हरिसिंह कॉलोनी
हरिसिंह कॉलोनी में राममेहर व मोहित ने बताया कि गलियों में गंदा पानी भरा है। चलने के लिए भी रास्ता नहीं बचा। मेयर कई बार यहां के लोगों को जल्द समस्या का आश्वासन दे चुकी हैं। केला देवी ने बताया कि यहां बहुत मच्छर हैं। प्लॉटों में पानी भरा होने के कारण सांप, बिच्छू व अन्य कीटों का घर में घुसने का भय बना रहता है।
वधावाराम कॉलोनी
कॉलोनी निवासी पंकज, अशोक, पालेराम ने बताया कि यहां भारी गंदगी है। हर जगह गंदा पानी भरा है। आने-जाने के लिए भी रास्ता नहीं है। बाहर से लोग उनकी कॉलोनी में नहीं आना चाहते। गलियों व प्लॉटों में पानी भर गया है। कई बार अधिकारियों को लिखित में शिकायत भी दे चुके हैं, लेकिन कोई सुध नहीं लेता।
नूरवाला का हाल
नूरवाला निवासी जय सिंह ने बताया कि यहां बदहाली है। यहां के लोग मंत्री विधायकों को गंदगी, खाली प्लॉटों से पानी की निकासी की मांग करते रहते हैं। यहां सबसे अधिक डेंगू-मलेरिया फैलता है। उनको बदबू के माहौल में जीना पड़ रहा है। कॉलोनियों में स्कूल के सामने पानी भरा होने से स्कूलों तक की छुट्टी करनी पड़ती है।
बतरा कॉलोनी
बतरा कॉलोनी में कई सालों से खाली प्लॉट पड़े हैं। बारिश के बाद इन प्लॉटों में पानी भर जाता है। कॉलोनी में ऐसे लगभग 20 प्लॉटों में पानी भरा है। प्लॉटों में गोबर पड़ा है। हर साल बतरा कॉलोनी से मलेरिया के दर्जनों मामले सामने आते हैं। अवैध कॉलोनी होने के कारण यहां विकास नहीं हुआ। कोई सुनने वाला भी नहीं है।
गोपाल कॉलोनी
गोपाल कॉलोनी बतरा कॉलोनी साथ-साथ हैं। गोपाल कॉलोनी शहर की सबसे अधिक गंदगी वाली कॉलोनियों में आती है। बारिश के कारण यहां सड़कों और प्लॉटों में पानी भरा पड़ा है। खाली प्लॉटों में लोग कूड़ा कचरा भी फेंकते है। पानी जमा होने के कारण यहां डेंगू और मलेरिया फैलने का भय बना रहता है।
स्वास्थ्य विभाग डेंगू व मलेरिया रोकने के लिए प्रयासरत है। हम योजना पर काम कर रहे हैं। घर-घर जाकर फ्रिज, कूलर, छतों से पानी की जांच की जा रही है। नगर निगम को प्लॉटों से पानी निकालने को कहा गया है। जिनके प्लॉटों में पानी भरा है, उनको नोटिस दिए जाएंगे।
-डॉ. सुनील, नोडल ऑफिसर मलेरिया और डेंगू
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इसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, दूसरी ओर शहर में डेंगू व मलेरिया फैलने का भी भय बना हुआ है। अब तक जिले में डेंगू व मलेरिया के चार केस मिल चुके हैं। हर रोज सिविल अस्पताल में डेंगू व मलेरिया के 30-40 संदिग्ध रोगियों की जांच हो रही है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू व मलेरिया में अंकुश लगाने के लिए लगभग ढाई लाख घरों व कार्यालयों की जांच कर चुका है। जिले में अब तक साढ़े 9 हजार स्थानों पर डेंगू व मलेरिया का लारवा मिल चुका है। जिनको विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
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विद्यानंद कॉलोनी
विद्यानंद कॉलोनी उग्राखेड़ी गांव के पास है। यह अवैध कॉलोनी है। इसलिए कॉलोनी की 90 प्रतिशत गलियां कच्ची हैं। सैकड़ों खाली प्लॉट पड़े हैं। गंदे पानी की निकासी की यहां की सबसे बड़ी समस्या है। अब बारिश के बाद सभी प्लॉटों व गलियों में गंदा पानी भरा है। यहां से हर बार मलेरिया के मरीज अधिक संख्या में मिलते हैं।
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हरिसिंह कॉलोनी
हरिसिंह कॉलोनी में राममेहर व मोहित ने बताया कि गलियों में गंदा पानी भरा है। चलने के लिए भी रास्ता नहीं बचा। मेयर कई बार यहां के लोगों को जल्द समस्या का आश्वासन दे चुकी हैं। केला देवी ने बताया कि यहां बहुत मच्छर हैं। प्लॉटों में पानी भरा होने के कारण सांप, बिच्छू व अन्य कीटों का घर में घुसने का भय बना रहता है।
वधावाराम कॉलोनी
कॉलोनी निवासी पंकज, अशोक, पालेराम ने बताया कि यहां भारी गंदगी है। हर जगह गंदा पानी भरा है। आने-जाने के लिए भी रास्ता नहीं है। बाहर से लोग उनकी कॉलोनी में नहीं आना चाहते। गलियों व प्लॉटों में पानी भर गया है। कई बार अधिकारियों को लिखित में शिकायत भी दे चुके हैं, लेकिन कोई सुध नहीं लेता।
नूरवाला का हाल
नूरवाला निवासी जय सिंह ने बताया कि यहां बदहाली है। यहां के लोग मंत्री विधायकों को गंदगी, खाली प्लॉटों से पानी की निकासी की मांग करते रहते हैं। यहां सबसे अधिक डेंगू-मलेरिया फैलता है। उनको बदबू के माहौल में जीना पड़ रहा है। कॉलोनियों में स्कूल के सामने पानी भरा होने से स्कूलों तक की छुट्टी करनी पड़ती है।
बतरा कॉलोनी
बतरा कॉलोनी में कई सालों से खाली प्लॉट पड़े हैं। बारिश के बाद इन प्लॉटों में पानी भर जाता है। कॉलोनी में ऐसे लगभग 20 प्लॉटों में पानी भरा है। प्लॉटों में गोबर पड़ा है। हर साल बतरा कॉलोनी से मलेरिया के दर्जनों मामले सामने आते हैं। अवैध कॉलोनी होने के कारण यहां विकास नहीं हुआ। कोई सुनने वाला भी नहीं है।
गोपाल कॉलोनी
गोपाल कॉलोनी बतरा कॉलोनी साथ-साथ हैं। गोपाल कॉलोनी शहर की सबसे अधिक गंदगी वाली कॉलोनियों में आती है। बारिश के कारण यहां सड़कों और प्लॉटों में पानी भरा पड़ा है। खाली प्लॉटों में लोग कूड़ा कचरा भी फेंकते है। पानी जमा होने के कारण यहां डेंगू और मलेरिया फैलने का भय बना रहता है।
स्वास्थ्य विभाग डेंगू व मलेरिया रोकने के लिए प्रयासरत है। हम योजना पर काम कर रहे हैं। घर-घर जाकर फ्रिज, कूलर, छतों से पानी की जांच की जा रही है। नगर निगम को प्लॉटों से पानी निकालने को कहा गया है। जिनके प्लॉटों में पानी भरा है, उनको नोटिस दिए जाएंगे।
-डॉ. सुनील, नोडल ऑफिसर मलेरिया और डेंगू