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Panipat News: दिनभर हंगामा, आश्वासन के बाद उठाया शव
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पानीपत। सफाईकर्मी जयभगवान और उसको निकालने आए ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र की मौत के मामले में सिविल अस्पताल में दिनभर प्रदर्शन चलता रहा। दोनों के परिजन 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और आईएनडी कंपनी के संचालक और ठेकेदार पर केस दर्ज करने की मांगों पर अड़े रहे।
हादसे के बाद मौके पर नहीं जाने वाले निगम के अधिकारी, कंपनी संचालक और ठेकेदार को बचाने के लिए पूरा दिन परिजनों को समझाते रहे। इस दौरान परिजनों का कई बार गुस्सा फूटा और एक बार जीटी रोड पर जाम करने के लिए चल पड़े। डीएसपी और एसएचओ ने काफी मशक्कत के बाद समझाकर वापस किया। प्रशासन ने दोनों को 10-10 लाख रुपये और परिवार के एक-एक सदस्य को डीसी रेट पर नौकरी देने का भरोसा दिया। इसके बाद सफाईकर्मी के परिजन माने। इसके बाद ट्रांसपोर्टर के परिजन भी शव लेने को तैयार हो गए। करीब 26 घंटे बाद शव लेने पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
गैस चढ़ने से हुई थी मौत
सफाईकर्मी जयभगवान वीरवार दोपहर को बरसत रोड नूरवाला में सीवर का ढक्कन खोलते ही गैस चढ़ने से नीचे गिरने पर मौत हो गई थी। ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र उसको बचाने उतरा था, लेकिन वह भी गैस चढ़ने से सीवर में गिर गया था। दोनों के परिजन शुक्रवार सुबह ही सिविल अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने आईएनडी कंपनी के संचालक और सीवर बिछाने वाली कंपनी के संचालक पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। दोनों के परिजनों के समर्थन में उनके समाज के लोग भी पहुंच गए। एससी आयोग के पूर्व जिलाध्यक्ष आजाद सिंह पुनिया ने कहा कि नियमानुसार किसी भी व्यक्ति को सीवर में नहीं उतारा जा सकता। यहां नगर निगम, कंपनी और ठेकेदार की बड़ी लापरवाही सामने आई है। परिजनों ने डीसी को अस्पताल में बुलाने की बात कही। एसडीएम पानीपत वीरेंद्र ढुल मौके पर पहुंचे।
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मामला सुलझाने के लिए बनी 12 सदस्यीय कमेटी
प्रशासन ने दोनों मृतकों के परिजनों की 12 सदस्यीय कमेटी बनाई। एसडीएम वीरेंद्र ढुल, डीएसपी संदीप सिंह, तहसील कैंप थाना प्रभारी फूलकुमार, नगर निगम एक्सईएन प्रदीप कल्याण और राहुल पूनिया ने परिजनों को समझाया। परिजन कुछ शांत हुए। इस बीच दोपहर करीब डेढ़ बजे कांग्रेस नेता वरिंद्र सिंह बुल्ले शाह, पूर्व मंत्री बिजेंद्र कादियान और सचिन कुंडू सहित अन्य नेता पहुंच गए। उन्होंने दोनों के परिजनों को ढांढ़स बंधाई और उचित कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने सांसद व विधायक के मौके पर न आने पर रोष जताया।
जाम लगाने की घोषणा पर छूटा पसीना
जयभगवान और सुरेंद्र के परिजन कार्रवाई नहीं होते देख दोपहर बाद 1:40 बजे भड़क गए और जीटी रोड पर जाम लगाने के लिए चल पड़े। डीएसपी संदीप सिंह और एसएचओ फूल कुमार ने उनको अस्पताल के गेट से कुछ पहले समझाया। जीटी रोड जाम करते जाते देख कई पंचायतियों को पसीना आ गया और उनको खुद समझाने लगे। परिजन पांच मिनट बाद वापस आ गए। मामले को देखते हुए शहर के छह थानों के प्रभारी पुलिसबल के साथ अस्पताल पहुंचे। पांच-पांच लाख रुपये सीवर बिछाने वाली कंपनी, दो-दो लाख रुपये आईएनडी कंपनी और तीन-तीन लाख रुपये नगर निगम देगा।
आक्सीजन तक नहीं मिली अस्पताल में
परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग गंभीर नजर नहीं आया। हादसा स्थल पर भेजी एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर और डॉक्टरों की टीम तक नहीं थी। उन्होंने एंबुलेंस ड्राइवर को दोनों को नजदीक के प्राइवेट अस्पताल में ले जाने की बात कही, लेकिन ने ड्राइवर ने मना कर दिया। उन्होंने सिविल अस्पताल में आकर उनको ऑक्सीजन लगाने की कही तो डॉक्टर ने इसमें एक घंटे लगने की बात कही। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनको कुछ होश था।
पहले जयभगवान के परिजनों को मनाया
अधिकारियों ने सबसे पहले जयभगवान के परिजनों से संपर्क साधा। उनको 10-10 लाख रुपये, डीसी रेट पर एक नौकरी, ईएसआई और ईपीएफ का लाभ और मृतक की पत्नी को पेंशन देने का आश्वासन दिया। उसके परिजन 2:25 बजे शव ले गए। सुरेंद्र के परिजनों ने इस तरह शव ले जाने पर नाराजगी भी जताई। प्रशासन ने इसके बाद उनके परिजनों को मनाने का प्रयास किया। परिजन दोपहर बाद तीन बजे शव ले जाने को राजी हो गए। वे पांच मिनट में ही शव ले गए। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में दोनों का अंतिम संस्कार कराया।
वर्जन :
सफाईकर्मी जयभगवान और ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र के आश्रित परिवार को 10-10 लाख रुपये और एक-एक सदस्य को डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी। एसडीएम वीरेंद्र ढुल की अगुवाई में कमेटी ने इसका निर्णय लिया है। नगर निगम दोनों परिवारों के साथ है।
प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।
वर्जन :
दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने उनके संस्कार कर दिए हैं। इस मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फूलकुमार, प्रभारी, थाना तहसील कैंप।
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हादसे के बाद मौके पर नहीं जाने वाले निगम के अधिकारी, कंपनी संचालक और ठेकेदार को बचाने के लिए पूरा दिन परिजनों को समझाते रहे। इस दौरान परिजनों का कई बार गुस्सा फूटा और एक बार जीटी रोड पर जाम करने के लिए चल पड़े। डीएसपी और एसएचओ ने काफी मशक्कत के बाद समझाकर वापस किया। प्रशासन ने दोनों को 10-10 लाख रुपये और परिवार के एक-एक सदस्य को डीसी रेट पर नौकरी देने का भरोसा दिया। इसके बाद सफाईकर्मी के परिजन माने। इसके बाद ट्रांसपोर्टर के परिजन भी शव लेने को तैयार हो गए। करीब 26 घंटे बाद शव लेने पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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गैस चढ़ने से हुई थी मौत
सफाईकर्मी जयभगवान वीरवार दोपहर को बरसत रोड नूरवाला में सीवर का ढक्कन खोलते ही गैस चढ़ने से नीचे गिरने पर मौत हो गई थी। ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र उसको बचाने उतरा था, लेकिन वह भी गैस चढ़ने से सीवर में गिर गया था। दोनों के परिजन शुक्रवार सुबह ही सिविल अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने आईएनडी कंपनी के संचालक और सीवर बिछाने वाली कंपनी के संचालक पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। दोनों के परिजनों के समर्थन में उनके समाज के लोग भी पहुंच गए। एससी आयोग के पूर्व जिलाध्यक्ष आजाद सिंह पुनिया ने कहा कि नियमानुसार किसी भी व्यक्ति को सीवर में नहीं उतारा जा सकता। यहां नगर निगम, कंपनी और ठेकेदार की बड़ी लापरवाही सामने आई है। परिजनों ने डीसी को अस्पताल में बुलाने की बात कही। एसडीएम पानीपत वीरेंद्र ढुल मौके पर पहुंचे।
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मामला सुलझाने के लिए बनी 12 सदस्यीय कमेटी
प्रशासन ने दोनों मृतकों के परिजनों की 12 सदस्यीय कमेटी बनाई। एसडीएम वीरेंद्र ढुल, डीएसपी संदीप सिंह, तहसील कैंप थाना प्रभारी फूलकुमार, नगर निगम एक्सईएन प्रदीप कल्याण और राहुल पूनिया ने परिजनों को समझाया। परिजन कुछ शांत हुए। इस बीच दोपहर करीब डेढ़ बजे कांग्रेस नेता वरिंद्र सिंह बुल्ले शाह, पूर्व मंत्री बिजेंद्र कादियान और सचिन कुंडू सहित अन्य नेता पहुंच गए। उन्होंने दोनों के परिजनों को ढांढ़स बंधाई और उचित कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने सांसद व विधायक के मौके पर न आने पर रोष जताया।
जाम लगाने की घोषणा पर छूटा पसीना
जयभगवान और सुरेंद्र के परिजन कार्रवाई नहीं होते देख दोपहर बाद 1:40 बजे भड़क गए और जीटी रोड पर जाम लगाने के लिए चल पड़े। डीएसपी संदीप सिंह और एसएचओ फूल कुमार ने उनको अस्पताल के गेट से कुछ पहले समझाया। जीटी रोड जाम करते जाते देख कई पंचायतियों को पसीना आ गया और उनको खुद समझाने लगे। परिजन पांच मिनट बाद वापस आ गए। मामले को देखते हुए शहर के छह थानों के प्रभारी पुलिसबल के साथ अस्पताल पहुंचे। पांच-पांच लाख रुपये सीवर बिछाने वाली कंपनी, दो-दो लाख रुपये आईएनडी कंपनी और तीन-तीन लाख रुपये नगर निगम देगा।
आक्सीजन तक नहीं मिली अस्पताल में
परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग गंभीर नजर नहीं आया। हादसा स्थल पर भेजी एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर और डॉक्टरों की टीम तक नहीं थी। उन्होंने एंबुलेंस ड्राइवर को दोनों को नजदीक के प्राइवेट अस्पताल में ले जाने की बात कही, लेकिन ने ड्राइवर ने मना कर दिया। उन्होंने सिविल अस्पताल में आकर उनको ऑक्सीजन लगाने की कही तो डॉक्टर ने इसमें एक घंटे लगने की बात कही। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनको कुछ होश था।
पहले जयभगवान के परिजनों को मनाया
अधिकारियों ने सबसे पहले जयभगवान के परिजनों से संपर्क साधा। उनको 10-10 लाख रुपये, डीसी रेट पर एक नौकरी, ईएसआई और ईपीएफ का लाभ और मृतक की पत्नी को पेंशन देने का आश्वासन दिया। उसके परिजन 2:25 बजे शव ले गए। सुरेंद्र के परिजनों ने इस तरह शव ले जाने पर नाराजगी भी जताई। प्रशासन ने इसके बाद उनके परिजनों को मनाने का प्रयास किया। परिजन दोपहर बाद तीन बजे शव ले जाने को राजी हो गए। वे पांच मिनट में ही शव ले गए। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में दोनों का अंतिम संस्कार कराया।
वर्जन :
सफाईकर्मी जयभगवान और ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र के आश्रित परिवार को 10-10 लाख रुपये और एक-एक सदस्य को डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी। एसडीएम वीरेंद्र ढुल की अगुवाई में कमेटी ने इसका निर्णय लिया है। नगर निगम दोनों परिवारों के साथ है।
प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम।
वर्जन :
दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने उनके संस्कार कर दिए हैं। इस मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फूलकुमार, प्रभारी, थाना तहसील कैंप।