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दुखद: बहन से तिलक लगवा घूमने निकले दो सगे भाई, ट्रेन की चपेट में आने से मौत
Mon, 04 Nov 2024 01:09 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 04 Nov 2024 01:09 PM IST
सार
छोटा भाई ट्रैक पर लघु शंका कर रहा था, इसी वक्त ट्रेन आई तो बड़ा भाई बचाने के लिए दौड़ा तो दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। जीआरपी ने शवों को जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया है।
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मृतकों के फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के पानीपत के राजनगर में बहनों से भैया दूज पर तिलक कराकर घर से निकले दो भाइयों का शव रेलवे ट्रैक पर मिला है। दोनों भाई एक्टिवा पर घर से घूमने के लिए निकले थे। वह संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रेन की चपेट में आ गए। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि छोटा भाई ट्रैक पर लघु शंका कर रहा था, इसी वक्त ट्रेन आ गई।
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बड़े भाई ने उसे बचाने की कोशिश की तो दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। भैया दूज पर दोनों भाइयों की मौत होने से राजनगर में मातम छाया है। जीआरपी कर्मचारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर यहां घटनास्थल का जायजा लिया। दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। अब जीआरपी मामले की गहन जांच कर रही है।
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राज नगर निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि वह जिला रेडक्रॉस में कार्यरत है। वह दो बेटों व एक बेटी का पिता था। उसके दो बेटे मनीष (28) व आशीष (25) थे। मनीष की दुकान है और आशीष एक कंपनी में काम करता था। दोनों भाई एक-एक बेटा-बेटी के पिता थे। शाम को दोनों ने अपनी बहन से भाई दूज पर तिलक लगवाया।
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इसके बाद दोनों स्कूटी पर सवार होकर बाहर घूमने चले गए। उन्होंने कहा कि वे अपने दोस्त से मिलने के लिए जा रहे हैं। घर से जाने के बाद आशीष की अपनी पत्नी से कॉल पर करीब साढ़े सात बजे बात हुई। मनीष की मां ने भी आठ बजे कॉल कर बात की और घर आने के बारे में पूछा। दोनों ने जल्द ही घर लौटने की बात कही थी लेकिन कुछ देर बाद उनकी मौत की सूचना उन्हें मिली। वह तुरंत राज नगर में रेलवे ट्रैक पर पहुंचे। यहां दोनों भाइयों के शव ट्रैक पर पड़े थे।
जीआरपी की जांच के अनुसार
जीआरपी थाना प्रभारी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि आशीष रेलवे ट्रैक पर लघुशंका करने लगा था। इसी दौरान ट्रेन आ गई। वह वहां से नहीं हटा, तो बचाने के लिए मनीष दौड़ पड़ा। जिससे दोनों भाई की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई।