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काम से घर जा रहीं दो महिलाओं को ट्रक ने कुचला, मौके पर ही मौत
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पसीना मोड़ के पास ढाबे पर काम खत्म कर घर जा रहीं दो महिलाओं को ट्रक चालक ने कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा शनिवार की सुबह सात बजे हुआ। आरोपी ट्रक चालक को मौके पर स्थानीय लोगों ने काबू कर लिया। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गंगाराम कॉलोनी निवासी संजय पांडे ने बताया कि वह एक फैक्टरी में काम करता है। उसकी मां आरती (45) और उनके मकान में किराएदार सुनीता (40) पत्नी अवध शर्मा होटल और ढाबों पर बर्तन साफ करने का काम करती थीं। वह शुक्रवार शाम छह बजे घर से निकली थीं और शनिवार सुबह पांच बजे ढाबे से घर के लिए चलीं थीं। सुबह साढ़े पांच बजे दीवाना मोड़ के पास एक ट्रक चालक तेज रफ्तार में आया और दोनों को कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
तीन बच्चों की मां थी आरती
आरती का परिवार मूलरूप से आजमगढ़ के गांव मधबन का रहने वाला है। वह पिछले 15 साल से पानीपत में काबड़ी रोड स्थित गंगाराम कॉलोनी में रह रही थी। आरती के तीन बच्चे दो बेटी और एक बेटा है। तीनों ही शादीशुदा हैं। आरती के पति हरेराम एक फैक्टरी में काम करते हैं।
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आठ साल से पानीपत में रह रही थीं सुनीता
मूलरूप से बिहार के जिले सिवान के गांव सिकरिया मदारपुर निवासी सुनीता पिछले आठ साल से पानीपत में रह रहीं थीं। वह आरती के मकान में किराए पर रहती थी। सुनीता के दो बच्चे एक बेटा और एक बेटी है। सुनीता के पति अवध शर्मा कबाड़ी का काम करते हैं।
शनिवार को नहीं हो पाया आरती के शव का अंतिम संस्कार
पति हरेराम ने बताया कि वह शनिवार को आरती के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। क्योंकि उनकी एक बेटी और पुत्रवधू अभी नहीं आए हैं। उनके आने में 10 घंटे और लगेंगे। वह बेटी और पुत्रवधू को आरती के अंतिम दर्शन कराकर ही आरती के शव का अंतिम संस्कार करेंगे।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। ट्रक चालक की पहचान राजस्थान के जिला अजमेर के गांव कवास निवासी महाबीर के रूप में हुई। आगे की कार्रवाई जारी है।
-इंस्पेक्टर अंकित कुमार, सेक्टर 29 थाना प्रभारी
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गंगाराम कॉलोनी निवासी संजय पांडे ने बताया कि वह एक फैक्टरी में काम करता है। उसकी मां आरती (45) और उनके मकान में किराएदार सुनीता (40) पत्नी अवध शर्मा होटल और ढाबों पर बर्तन साफ करने का काम करती थीं। वह शुक्रवार शाम छह बजे घर से निकली थीं और शनिवार सुबह पांच बजे ढाबे से घर के लिए चलीं थीं। सुबह साढ़े पांच बजे दीवाना मोड़ के पास एक ट्रक चालक तेज रफ्तार में आया और दोनों को कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
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तीन बच्चों की मां थी आरती
आरती का परिवार मूलरूप से आजमगढ़ के गांव मधबन का रहने वाला है। वह पिछले 15 साल से पानीपत में काबड़ी रोड स्थित गंगाराम कॉलोनी में रह रही थी। आरती के तीन बच्चे दो बेटी और एक बेटा है। तीनों ही शादीशुदा हैं। आरती के पति हरेराम एक फैक्टरी में काम करते हैं।
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आठ साल से पानीपत में रह रही थीं सुनीता
मूलरूप से बिहार के जिले सिवान के गांव सिकरिया मदारपुर निवासी सुनीता पिछले आठ साल से पानीपत में रह रहीं थीं। वह आरती के मकान में किराए पर रहती थी। सुनीता के दो बच्चे एक बेटा और एक बेटी है। सुनीता के पति अवध शर्मा कबाड़ी का काम करते हैं।
शनिवार को नहीं हो पाया आरती के शव का अंतिम संस्कार
पति हरेराम ने बताया कि वह शनिवार को आरती के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। क्योंकि उनकी एक बेटी और पुत्रवधू अभी नहीं आए हैं। उनके आने में 10 घंटे और लगेंगे। वह बेटी और पुत्रवधू को आरती के अंतिम दर्शन कराकर ही आरती के शव का अंतिम संस्कार करेंगे।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। ट्रक चालक की पहचान राजस्थान के जिला अजमेर के गांव कवास निवासी महाबीर के रूप में हुई। आगे की कार्रवाई जारी है।
-इंस्पेक्टर अंकित कुमार, सेक्टर 29 थाना प्रभारी