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19 सिंतबर को सभी मंडी रहेगी बंद,पहले प्रदर्शन फिर करेंगे विधायक मंत्री गृह का घेराव
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पानीपत। जिले की सभी मंडियों के प्रधानों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने शनिवार को बापौली अनाज मंडी में बैठक की। इसमें हरियाणा स्टेट अनाज मंडी एसोसिएशन के आह्वान पर अलग अलग मांगों को लेकर विचार विमर्श किया गया। प्रधान धर्मवीर मलिक ने बताया कि वे अपनी मांगो को पहले भी कई बार सरकार के समक्ष रखते रहे हैं, लेकिन सरकार मांगे नहीं मान रही है। इसीलिए हरियाणा के आढ़ती 10 सितंबर को गोहाना में एक बड़ी रैली के रूप में इकट्ठे हो चुके हैं। जहां सभी ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो 19 सितंबर से हरियाणा की सभी मंडियां बंद कर दी जाएंगी। इसके चलते अब सोमवार को हरियाणा की मंडियों के साथ जिले की सभी अनाज मंडी बंद रहेगी।
यह रणनीति बनी :
- 19 सितंबर से हड़ताल के समय सभी आढ़ती मंडी में एक जगह इकट्ठे होकर दो-तीन घंटे के लिए सरकार की नीतियों के विरोध प्रदर्शन करेंगे।
- हड़ताल के दूसरे दिन 20 सितंबर को मंडियों के आढ़ती इकट्ठे होकर 11 से एक बजे तक सरकार के विधायक मंत्री या अन्य पदाधिकारियों के निवास पर प्रदर्शन करेंगे और ज्ञापन देंगे।
- अगर सरकार फिर भी नहीं मानी तो हड़ताल के तीसरे दिन 21 सितंबर को हरियाणा के ज्यादा से ज्यादा आढ़ती मुख्यमंत्री आवास करनाल पर प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने के लिए नई अनाज मंडी करनाल के शेड नंबर 3 सुबह साढे 10 बजे इकट्ठा होंगे ।
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...
यह है आढ़तियों की मांग:
- फसलों की खरीद व पूरी आढ़त
- डायरेक्ट पेमेंट : सरकार की ओर से खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की इच्छा अनुसार आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में अदा किया जाना चाहिए द्य
- ई-नेम, ई ट्रेडिंग फिनिशड गुड्स की हो सकती है। जबकि मंडियों में आने वाली फसलें एक तरह से कच्चा माल है। इसलिए यह प्रक्रिया हमारी मंडियों में लागू न की जाए।
- सीमांत किसानों की फसल की हो खरीद।
- धान पर मार्केट और एचआरडीएफ फीस को कम करें। सरकार इसे दोबारा चार प्रतिशत की बजाय एक प्रतिशत कर दिया जाए।
- सरकार की ओर से धान की खरीद, परमल धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू होनी चाहिए।
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यह रणनीति बनी :
- 19 सितंबर से हड़ताल के समय सभी आढ़ती मंडी में एक जगह इकट्ठे होकर दो-तीन घंटे के लिए सरकार की नीतियों के विरोध प्रदर्शन करेंगे।
- हड़ताल के दूसरे दिन 20 सितंबर को मंडियों के आढ़ती इकट्ठे होकर 11 से एक बजे तक सरकार के विधायक मंत्री या अन्य पदाधिकारियों के निवास पर प्रदर्शन करेंगे और ज्ञापन देंगे।
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- अगर सरकार फिर भी नहीं मानी तो हड़ताल के तीसरे दिन 21 सितंबर को हरियाणा के ज्यादा से ज्यादा आढ़ती मुख्यमंत्री आवास करनाल पर प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने के लिए नई अनाज मंडी करनाल के शेड नंबर 3 सुबह साढे 10 बजे इकट्ठा होंगे ।
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यह है आढ़तियों की मांग:
- फसलों की खरीद व पूरी आढ़त
- डायरेक्ट पेमेंट : सरकार की ओर से खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की इच्छा अनुसार आढ़ती या किसान के स्वयं के खाते में अदा किया जाना चाहिए द्य
- ई-नेम, ई ट्रेडिंग फिनिशड गुड्स की हो सकती है। जबकि मंडियों में आने वाली फसलें एक तरह से कच्चा माल है। इसलिए यह प्रक्रिया हमारी मंडियों में लागू न की जाए।
- सीमांत किसानों की फसल की हो खरीद।
- धान पर मार्केट और एचआरडीएफ फीस को कम करें। सरकार इसे दोबारा चार प्रतिशत की बजाय एक प्रतिशत कर दिया जाए।
- सरकार की ओर से धान की खरीद, परमल धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू होनी चाहिए।