Panipat: जेल में संगीत और शिक्षा को आवाज दे रहा तिनका जेल रेडियो, नए बंदियों को भी बनाया जा रहा रेडियो जॉकी
मोहित और लव ने कभी नहीं सोचा था कि जेल में रहना उनकी जिंदगी में नया अर्थ जोड़ देगा। उनकी जेल के प्रति धारणा उस दिन बदल गई जब वे पानीपत जेल रेडियो के लिए रेडियो जॉकी (आरजे) के रूप में चुने गए।
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मोहित और लव अब जिला जेल पानीपत में स्थापित तिनका जेल रेडियो की नई आवाज बन चुके हैं। हर दिन उन्हें अन्य कैदियों से उनके पसंद के कार्यक्रम और गाने प्रसारित करने के लिए कई अनुरोध मिलते हैं। जेल में चार घंटे का नियमित प्रसारण कुछ ऐसा है, जिसका हर कैदी बेसब्री से इंतजार करता है।
मोहित और लव ने कभी नहीं सोचा था कि जेल में रहना उनकी जिंदगी में नया अर्थ जोड़ देगा। उनकी जेल के प्रति धारणा उस दिन बदल गई जब वे पानीपत जेल रेडियो के लिए रेडियो जॉकी (आरजे) के रूप में चुने गए। मोहित और लव दोनों ही सिद्धद, बंदी हैं और 20 साल की सजा पर हैं। हरियाणा के दिल्ली से सटे पानीपत की जिला जेल में करीब 1500 कैदी हैं।
पानीपत जेल रेडियो की नींव
16 जनवरी, 2021 को जिला जेल पानीपत, हरियाणा की पहली जेल बनी जहां जेल रेडियो की शुरुआत हुई। इसका उद्घाटन हरियाणा के जेल मंत्री रंजीत सिंह, राजीव अरोड़ा (IAS), एसीएस होम, के. सेलवराज (IPS), जेल महानिदेशक, हरियाणा और जिला जेल, पानीपत के अधीक्षक देवी दयाल ने किया था। इसके बाद हरियाणा की 20 में से 10 जेलों में रेडियो स्टेशनों की स्थापना की गई। सभी बंदियों का चयन और प्रशिक्षण तिनका-तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नन्दा ने किया था।
रेडियो जॉकी के तौर पर बंदी
जिला जेल, पानीपत के जेल रेडियो की शुरुआत छह कैदियों के साथ हुई थी, जिन्हें दिसंबर 2020 में आयोजित ऑडिशन के दौरान चुना गया था। बाद में जिला जेल, पानीपत, जिला जेल, फरीदाबाद और सेंट्रल जेल, अंबाला के कैदियों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इन जेलों में से 21 चयनित कैदियों में से 5 पानीपत जेल के थे।
जेल रेडियो का प्रभाव
कोविड-19 के दौरान मुलाकातों के अभाव में जेल रेडियो कैदियों के लिए राहत का एक प्रमुख स्रोत बना था। आज भी यह रेडियो कैदियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, अपनी भावनाओं और अपनी संचार की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रहे हैं और उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। आज, जेल रेडियो का उपयोग जेल में साक्षरता और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी किया जाता है।
जिला जेल अधीक्षक संजीव कुमार ने कहा, 'जेल रेडियो की वजह से बंदियों के लिए शिक्षा और मनोरंजन का साधन बना है। जल्द ही तिनका तिनका जेल के कुछ और बंदियों को प्रशिक्षित करेगा। हमें गर्व है कि हरियाणा का यह पहला जेल रेडियो अब एक सफल मॉडल के तौर पर देखा जाने लगा है।'
तिनका-तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. वर्तिका नन्दा ने कहा, 'हरियाणा में जेल रेडियो के एक दर्जन से अधिक गाने, 4 शोध पत्र का प्रकाशन, 3 अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और नेशनल बुक ट्रस्ट (2025) की एक पुस्तक प्रकाशित हुई है। आज यह रेडियो कैदियों के लिए जीवन रेखा बन गया है।'
जिला जेल, पानीपत के वॉर्डर विशाल शर्मा (तिनका-तिनका इंडिया अवार्ड विजेता) ने कहा, 'सफलता और परिवर्तन की कई कहानियां सामने आई हैं और यह जारी है। यह समाज सेवा का सबसे संतुष्टिदायक अनुभव था जो मुझे इन कैदियों के साथ काम करते हुए मिला।'