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सेक्टरों से कूड़ा उठाने के एक ही काम का तीन बार हो रहा भुगतान, विजिलेंस ने मांगा जवाब
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शहर के सेक्टरों से कूड़ा उठाने के लिए किए जा रहे भुगतान में गड़बड़झाला सामने आया है। सेक्टरों से कूड़ा उठाने के लिए दो निजी ठेका कंपनी एक ही काम का अलग-अलग भुगतान नगर निगम से ले रही हैं। इतना ही नहीं नगर निगम में ट्रांसफर नहीं हुए सेक्टरों से कूड़ा उठाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से भी एक ठेका कंपनी भुगतान ले रही है जबकि दूसरी कंपनी को जिले के सभी सेक्टरों से कूड़ा उठाने का ठेका पहले ही दे रखा गया है। इसका खुुलासा तब हुआ जब दो साल पहले इस मामले में की गई एक शिकायत पर डायरेक्टर विजिलेंस ने नगर निगम से रिपोर्ट तलब की है।
जानकारी के अनुसार शहर से कूड़ा उठाने का ठेका कंपनी पार्वती इंटरप्राइजेज और जेबीएम कंपनी के पास है। जेबीएम के पास सभी सेक्टरों और शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने के बाद सेक्टर-25 में डंप करने और फिर यहां से निंबरी डंपिंग स्टेशन तक ले जाने का काम है। इसके एवज में कूड़े के तौल के हिसाब से निगम हर महीने जेबीएम को एक से डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान करता है। वहीं दूसरी कूड़ा कलेक्शन कंपनी पार्वती इंटरप्राइजेज के पास नगर निगम से 40-45 लाख रुपये प्रति माह का एक और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से 20-25 लाख रुपये प्रति माह का दूसरा ठेका है। ये दोनों ठेके भी कूड़ा उठाने के हैं। इनमें से 40-45 लाख रुपये का टेंडर एचएसवीपी से नगर निगम में ट्रांसफर किए गए सेक्टरों और 20-25 लाख रुपये का ठेका उन सेक्टरों के लिए मिला है, जो अभी तक नगर निगम को ट्रांसफर नहीं किए गए हैं। इन टेंडरों के तहत पार्वती इंटरप्राइजेज का काम है कि सेक्टरों से कूड़े की ढेरी को उठाए और डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाए। विजिलेंस की ओर से मांगे गए जवाब से सवाल यह उठा रहा है कि जब जेबीएम के पास सेक्टरों समेत पूरे शहर से कूड़ा कलेक्शन कर डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाने का काम है तो पार्वती इंटरप्राइजेज को ठेका क्यों दिया गया हैं।
दो साल पहले भेजी गई थी शिकायत, अब मांगी गई रिपोर्ट
इस मामले में एक शिकायत करीब दो साल पहले एक ठेकेदार ने मुख्य सचिव हरियाणा सरकार को भेजी गई थी, जिस पर अब नगर निगम पानीपत से जवाब मांगा गया है। डायरेक्टर विजिलेंस की तरफ से निगम को पत्राचार कर पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई है।
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वर्जन:
1.- जेबीएम:
जेबीएम का काम सेक्टर समेत पूरे शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने का है। इस कूड़े को तौलने के बाद डंपिंग स्टेशन ले जाया जाता है। कूड़े के तौल के हिसाब से प्रतिमाह नगर निगम से भुगतान होता है। इसके साथ ही डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए शहरवासियों से सरचार्ज लेकर रसीद दी जाती है।
- अतेंद्र सिंह, मैनेजर, जेबीएम
2.-
पार्वती इंटरप्राइजेज:
कंपनी का काम सेक्टरों की झाड़ू से सफाई करना और कूड़े की ढेरियों को उठवाने का है। इसके लिए निगम से कंपनी हर माह करीब 40 से 45 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। इस काम के लिए 400 कर्मचारियों के साथ दो ट्रैक्टर ट्रॉली भी हैं। यहां से कूड़ा उठाने के बाद डंपिंग स्टेशन पर फेंका जाता हैं। एचएसवीपी उन सेक्टरों के लिए अलग से भुगतान करता है, जो अभी नगर निगम को ट्रांसफर नहीं हुए हैं।
- बॉबी, मैनेजर, पार्वती इंटरप्राइजेज
3. शिकायतकर्ता
ठेकों की नियम व शर्तें भी ठेकेदारों के अनुसार बनाई गई हैं। कई ठेकों को तो सिंगल बिड पर ही अलॉट कर दिया गया है। सरकार के उच्च अधिकारियों को शिकायत भी की गई थी, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं है।
- डॉ. मुनिश अहमद अंसारी, शिकायतकर्ता
संज्ञान में नहीं, लेकिन होगी कार्रवाई : आयुक्त
मैंने अभी दो दिन पहले ही निगम कार्यालय ज्वाइन किया है। इसलिए अभी तक ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, लेकिन इस मामले की पूरी जांच पड़ताल की जाएगी। इसके बाद इसमें जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी वह भी जरूर की जाएगी।
- वत्सल वशिष्ठ, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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जानकारी के अनुसार शहर से कूड़ा उठाने का ठेका कंपनी पार्वती इंटरप्राइजेज और जेबीएम कंपनी के पास है। जेबीएम के पास सभी सेक्टरों और शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने के बाद सेक्टर-25 में डंप करने और फिर यहां से निंबरी डंपिंग स्टेशन तक ले जाने का काम है। इसके एवज में कूड़े के तौल के हिसाब से निगम हर महीने जेबीएम को एक से डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान करता है। वहीं दूसरी कूड़ा कलेक्शन कंपनी पार्वती इंटरप्राइजेज के पास नगर निगम से 40-45 लाख रुपये प्रति माह का एक और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से 20-25 लाख रुपये प्रति माह का दूसरा ठेका है। ये दोनों ठेके भी कूड़ा उठाने के हैं। इनमें से 40-45 लाख रुपये का टेंडर एचएसवीपी से नगर निगम में ट्रांसफर किए गए सेक्टरों और 20-25 लाख रुपये का ठेका उन सेक्टरों के लिए मिला है, जो अभी तक नगर निगम को ट्रांसफर नहीं किए गए हैं। इन टेंडरों के तहत पार्वती इंटरप्राइजेज का काम है कि सेक्टरों से कूड़े की ढेरी को उठाए और डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाए। विजिलेंस की ओर से मांगे गए जवाब से सवाल यह उठा रहा है कि जब जेबीएम के पास सेक्टरों समेत पूरे शहर से कूड़ा कलेक्शन कर डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाने का काम है तो पार्वती इंटरप्राइजेज को ठेका क्यों दिया गया हैं।
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दो साल पहले भेजी गई थी शिकायत, अब मांगी गई रिपोर्ट
इस मामले में एक शिकायत करीब दो साल पहले एक ठेकेदार ने मुख्य सचिव हरियाणा सरकार को भेजी गई थी, जिस पर अब नगर निगम पानीपत से जवाब मांगा गया है। डायरेक्टर विजिलेंस की तरफ से निगम को पत्राचार कर पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई है।
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1.- जेबीएम:
जेबीएम का काम सेक्टर समेत पूरे शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने का है। इस कूड़े को तौलने के बाद डंपिंग स्टेशन ले जाया जाता है। कूड़े के तौल के हिसाब से प्रतिमाह नगर निगम से भुगतान होता है। इसके साथ ही डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए शहरवासियों से सरचार्ज लेकर रसीद दी जाती है।
- अतेंद्र सिंह, मैनेजर, जेबीएम
2.-
पार्वती इंटरप्राइजेज:
कंपनी का काम सेक्टरों की झाड़ू से सफाई करना और कूड़े की ढेरियों को उठवाने का है। इसके लिए निगम से कंपनी हर माह करीब 40 से 45 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। इस काम के लिए 400 कर्मचारियों के साथ दो ट्रैक्टर ट्रॉली भी हैं। यहां से कूड़ा उठाने के बाद डंपिंग स्टेशन पर फेंका जाता हैं। एचएसवीपी उन सेक्टरों के लिए अलग से भुगतान करता है, जो अभी नगर निगम को ट्रांसफर नहीं हुए हैं।
- बॉबी, मैनेजर, पार्वती इंटरप्राइजेज
3. शिकायतकर्ता
ठेकों की नियम व शर्तें भी ठेकेदारों के अनुसार बनाई गई हैं। कई ठेकों को तो सिंगल बिड पर ही अलॉट कर दिया गया है। सरकार के उच्च अधिकारियों को शिकायत भी की गई थी, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं है।
- डॉ. मुनिश अहमद अंसारी, शिकायतकर्ता
संज्ञान में नहीं, लेकिन होगी कार्रवाई : आयुक्त
मैंने अभी दो दिन पहले ही निगम कार्यालय ज्वाइन किया है। इसलिए अभी तक ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, लेकिन इस मामले की पूरी जांच पड़ताल की जाएगी। इसके बाद इसमें जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी वह भी जरूर की जाएगी।
- वत्सल वशिष्ठ, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।