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Panipat News: हर 10 में से तीन महिलाएं दे रही सर्जरी से बच्चे को जन्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Apr 2024 03:43 AM IST
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Three out of every 10 women are giving birth to children through surgery.
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग पिछले पांच साल में मातृत्व को सुरक्षित रखने में कुछ हद तक कामयाब रहा है। पांच साल पहले मातृत्व मृत्यु दर दो प्रतिशत था। अब ये घटकर 0.5 प्रतिशत रह गया है। पिछले दो साल में डिलीवरी के दौरान 22 प्रसूताओं की मौत हुई है। विभाग के लिए चिंतनीय विषय गर्भवतियों की सिजेरियन डिलीवरी है। हर 10 में से तीन महिलाएं सर्जरी से बच्चे को जन्म दे रही हैं।
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सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 14 व निजी अस्पतालों में 61 प्रतिशत महिलाओं की सर्जरी से डिलीवरी हुई है। इतने बड़े आंकड़े से निजी अस्पतालों की मंशा पर सवाल भी खड़े हुए हैं। इस साल तीन माह में लगभग 70 होम डिलीवरी भी हुई हैं। पिछले दो साल में लोगों का सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर भरोसा अधिक बढ़ा है। 2023 में 53 प्रतिशत डिलीवरी (प्रसव) सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में हुई है। 2022 अपेक्षा मार्च 2023 से मार्च 2024 तक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 1761 अधिक डिलीवरी हुई है। 2022 में जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 27 की औसत से डिलीवरी हुई थी। 2023 में 33 की औसत से डिलीवरी हुई है। ये प्रदेश में सबसे अधिक है। जनवरी 2023 से मार्च 2024 तक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 19932 व निजी स्वास्थ्य केंद्रों में 16600 डिलीवरी हुई हैं। इस दौरान 537 होम डिलीवरी भी हुई है। अब स्वास्थ्य केंद्रों में डिलीवरी का प्रतिशत 99.16 पहुंच गया है। 2017 तक ये 93 प्रतिशत था। अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डिलीवरी का प्रतिशत 53 व निजी में 45 है। लगभग डेढ़ प्रतिशत होम डिलीवरी हैं। 2019 से पहले सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 45 प्रतिशत व निजी अस्पतालों में 55 प्रतिशत होती थी। जैसे से जैसे सुविधाएं बढ़ी है। लोगों का सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर विश्वास बढ़ा है।
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जिले में 29 में से 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्राें पर डिलीवरी हाेती है। इसमें जिला नागरिक अस्पताल, समालखा अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाैल्था, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मतलाैडा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खाेतपुरा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिवाह, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांडी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कवी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काबड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उझा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उग्राखेड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेक्टर 25 में डिलीवरी की सुविधा शुरू की गई है। इन स्वास्थ्य केंद्राें पर हर माह औसतन 1500 डिलीवरी हाेती है।
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साल- सरकारी स्वास्थ्य केंद्र निजी स्वास्थ्य केंद्र होम डिलीवरी



2017- 16596 10736 1769

2018 15180 11815 1383



2019 15071 12296 1329



2020 23152 17923 911



2021 14133 15279 934



2022 14560 15565 511



2023 16321 13857 483



2024 अब तक- 3611 2743 54

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वर्जन-

जिला सिविल सर्जन डाॅ. जयंत आहूजा ने बताया कि मातृत्व सुरक्षा के लिए हर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर लगाया जाता है। यहां गर्भवतियों की जांच के साथ उन्हें परामर्श दिए जाते हैं। गर्भवतियों को घर से ले जाने व उन्हें डिलीवरी के बाद घर छोड़ने की जिम्मेदारी भी स्वास्थ्य विभाग ही उठाता है। पिछले कुछ सालों में लोगों का सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर विश्वास अधिक बढ़ा है।
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