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इस बार एक्यूआई पिछले दिवाली के मुकाबले रहा 207 प्वाइंट कम ...

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Oct 2022 03:06 AM IST
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This time the AQI was 207 points lower than last Diwali.
पानीपत। दिवाली पर पटाखों पर प्रतिबंध का कोई असर नजर नहीं आया। कॉलोनियों व ग्रामीण क्षेत्रों में सरेआम पटाखों की बिक्री ह़ुई। रात भर पटाखों का शोर सुनाई दिया। प्रशासन की मुस्तैदी के दावे सामने नहीं आए, लेकिन इस बार पिछली दिवाली के मुकाबले प्रदूषण स्तर काफी कम रहा। 2021 में एक्यूआई 413 पहुंच गया था। इस साल पिछले साल की तुलना में आगजनी की घटनाएं भी लगभग दोगुना हुई हैं। बावजूद इसके एक्यूूआई 193 दर्ज किया गया है।
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इनवायरो कैम लैब निदेशक राजेंद्र कुमार के मुताबिक, इस बार प्रदूषण के स्तर में हवा के कारण बढ़ोतरी नहीं हुई। हवा चल रही थी इसलिए प्रदूषण छट गया। धुआं जल्द भूमि की सतह से काफी ऊपर उठ गया।
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70 प्रतिशत बॉयलर बायोमस पर इसलिए नहीं बढ़ा एक्यूआई-
अब 70 प्रतिशत बॉयलर बायोमास पर चल रहे हैं। इसलिए भी एक्यूआई इस बार उस गति से नहीं बढ़ रहा है। हवा चल रही है इसलिए धुआं स्तर से काफी ऊपर उठ गया है। ये भी एक्यूआई न बढ़ने का कारण है।
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बोर्ड निरीक्षण करने तक ही सीमित-
प्रशासन पंचायती चुनाव में व्यस्त है। इसलिए ग्रैप सख्ती से लागू नहीं हो रहा। कई बार 200 पार एक्यूआई जाने के बाद भी न तो कंस्ट्रक्चर के कार्य बंद हुए और न सड़कों पर छिड़काव हुआ। जाम को लेकर भी ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड महज निरीक्षण करने ही सीमित हो गया।
नियमों का उल्लंघन मिला तो पांच साल की जेल व एक करोड़ रुपये जुर्माना-
सीएक्यूएम साफ कर चुका है कि अगर उद्योग कोयले पर चलते मिले तो उद्यमियों पर पांच साल की जेल व एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उद्यमी इसका विरोध कर रहे हैं। सीएम की ओर से भी इस मामले में हस्तक्षेप का आश्वासन मिल चुका है।
ग्रैप सख्ती से लागू होगा- आरओ
ग्रैप के तहत हम सभी फैक्टरियों का निरीक्षण कर रहे हैं। ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जा रही है। पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई को सड़कों पर छिड़काव करना है। इस संबंध में उनसे चर्चा भी की जाएगी।

कमलजीत सिंह, आरओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
एयर क्वालिटी इंडेक्स कितना होना चाहिए?
एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 0-50 के बीच बेहतर, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच सामान्य, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
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