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Panipat News: अस्पताल संचालक और नप अधिकारियों में दो घंटे चली नोक झोंक

Sat, 30 Aug 2025 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Sat, 30 Aug 2025 02:11 AM IST
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There was a two hour long argument between the hospital operator and the municipal officials
एसएमएच अस्पताल के बाहर बातचीत करते अस्पताल संचालक और अ​धिकारी। संवाद - फोटो : samvad

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संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। एसडीएम कोर्ट से केस जीतने के बाद पुलिस बल व ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित अस्पताल के सामने मौके पर अपनी भूमि पर कब्जा लेने नगर परिषद सचिव मनीष शर्मा की अगुवाई में पहुंची टीम को वापस लौटना पड़ा। करीब दो घंटे तक नगर परिषद अधिकारियों व अस्पताल संचालकों के बीच तीखी नोक झोंक व बहस चली। इस मौके पर उपायुक्त की ओर से नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजली बोर्ड एसडीओ शिव कुमार और कई पुलिस कर्मचारी भी मौजूद रहे।
जीटी रोड स्थित एसएमएच सुपर स्पेशलिटी अस्पताल संचालकों ने नगर परिषद अधिकारियों की टीम को बताया कि उन्होंने हाई कोर्ट से स्टे ऑर्डर प्राप्त कर लिए हैं लेकिन जब अधिकारियों ने स्टे ऑर्डर की प्रति मांगी तो वे मौका पर इसे दिखा नहीं पाए। काफी देर तक चली तीखी नोक झोंक के बाद अस्पताल प्रबंधकों ने अपने लेटर हेड पर इस बारे नगर परिषद अधिकारियों को लिखित आश्वासन दिया तो मामला ठंडा पड़ गया और अपनी भूमि पर कब्जा लेने आए अधिकारी दो दिन का समय देकर वापस लौट गए।
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जीटी रोड पर करीब दो महीने पहले बना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल उस वक्त विवादों के घेरे में आ गया। जब आरोप लगा कि अस्पताल संचालकों ने सामने स्थित पालिका की मालकियत भूमि से अपना रास्ता बना लिया है। आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने इस बारे तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत भेजकर पालिका भूमि से अवैध कब्जा छुड़वाने व कार्रवाई की मांग की हुई है। कपूर की शिकायत पर जांच अधिकारी एवं जिला नगर आयुक्त डाॅ. पंकज यादव ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया तो नगर परिषद ने अस्पताल के स्वीकृत नक्शे पर अनियमितताओं का आरोप लगा कर रद्द कर दिया।
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नगर पालिका ने एसडीएम कोर्ट में पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट -1977 के तहत अस्पताल प्रबंधकों के विरुद्ध केस दायर किया। इस केस में एसडीएम अमित कुमार ने गत एक अगस्त को अस्पताल संचालकों के विरुद्ध आदेश जारी कर अवैध रूप से कब्जाई गई पालिका भूमि को तत्काल कब्जा मुक्त करने के आदेश जारी किए। शुक्रवार को नगर परिषद सचिव मनीश शर्मा, पालिका अभियंता राजकुमार व कनिष्ठ अभियंता गौरव जेसीबी व अपनी टीम, ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे लेकिन तीखी नोक झोंक होने व आरोप प्रत्यारोप लगने पर हाई कोर्ट से स्टे ऑर्डर का मौखिक आश्वासन मिलने पर बैरंग लौट गए।


अस्पताल संचालकों के समर्थन में उतरे किसान नेता
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सूरजभान रावल एसएमएच मेडिकेयर अस्पताल प्रबंधकों के समर्थन में समालखा पहुंचे व अस्पताल से सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने गए नगर परिषद अधिकारियों के साथ जमकर बहस की। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से जब पहले नक्शा पास कराया तभी करोड़ों रुपये का लोन लेकर अस्पताल बनाया गया। अब इन्होंने नक्शा रद्द कर दिया है।
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