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Panipat News: दावों पर आमने-सामने यूनियन और अधिकारी
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नगर निगम और दमकल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 33वें दिन भी जारी रही। दूसरी ओर, निगम अधिकारियों ने दावा किया कि चेतावनी के बाद हड़ताल पर बैठे 40 से 50 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। बाकी कर्मचारियों को मंगलवार तक काम पर लौटने का अंतिम समय दिया गया है।
वहीं, यूनियन ने निगम के दावे को खारिज करते हुए कहा कि हड़ताल पर बैठा एक भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटा है। यूनियन ने अधिकारियों के इस बयान को कूटनीति बताया है। नगर निगम और दमकल विभाग के कर्मचारी सोमवार सुबह करीब 10 बजे पालिका बाजार स्थित निगम कार्यालय के नीचे धरने पर बैठ गए।
इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते पालिका बाजार और देवीलाल कॉम्प्लेक्स स्थित निगम कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
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इकाई प्रधान नरेश कुमार अठवाल और सचिव राजन ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार के साथ सुलह हुई थी, लेकिन इसके बाद सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया और न ही इस संबंध में कोई पत्र जारी किया गया।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी पिछले 33 दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं। मांगें मानने के बजाय सरकार कर्मचारियों को निलंबित करने और सेवा से मुक्त करने की कार्रवाई कर रही है। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। यूनियन ने हड़ताल को नौ सितंबर तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जाएगा। यूनियन नेताओं ने दावा किया कि सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे लोग लौटे : हड़ताल के कारण आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अशोक विहार कॉलोनी निवासी रमेश ने बताया कि कर्मचारियों के गतिरोध का सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। निगम कार्यालय में प्रमाणपत्र तक नहीं बनाए जा रहे हैं। वह सोमवार को प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे थे, लेकिन काम नहीं होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
आजाद नगर निवासी अमित कुमार ने बताया कि वह पिछले तीन सप्ताह से अपने बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। हर बार कार्यालय बंद मिलता है या कर्मचारी हड़ताल का हवाला देकर उन्हें वापस भेज देते हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की।
हड़ताल पर बैठे 40-50 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। बाकी कर्मचारियों को मंगलवार तक काम पर लौटने का समय दिया गया है। यदि वे काम पर नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -अरुण, डीएमसी, नगर निगम
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पानीपत। नगर निगम और दमकल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 33वें दिन भी जारी रही। दूसरी ओर, निगम अधिकारियों ने दावा किया कि चेतावनी के बाद हड़ताल पर बैठे 40 से 50 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। बाकी कर्मचारियों को मंगलवार तक काम पर लौटने का अंतिम समय दिया गया है।
वहीं, यूनियन ने निगम के दावे को खारिज करते हुए कहा कि हड़ताल पर बैठा एक भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटा है। यूनियन ने अधिकारियों के इस बयान को कूटनीति बताया है। नगर निगम और दमकल विभाग के कर्मचारी सोमवार सुबह करीब 10 बजे पालिका बाजार स्थित निगम कार्यालय के नीचे धरने पर बैठ गए।
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इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते पालिका बाजार और देवीलाल कॉम्प्लेक्स स्थित निगम कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
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इकाई प्रधान नरेश कुमार अठवाल और सचिव राजन ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार के साथ सुलह हुई थी, लेकिन इसके बाद सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया और न ही इस संबंध में कोई पत्र जारी किया गया।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी पिछले 33 दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं। मांगें मानने के बजाय सरकार कर्मचारियों को निलंबित करने और सेवा से मुक्त करने की कार्रवाई कर रही है। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। यूनियन ने हड़ताल को नौ सितंबर तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जाएगा। यूनियन नेताओं ने दावा किया कि सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे लोग लौटे : हड़ताल के कारण आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अशोक विहार कॉलोनी निवासी रमेश ने बताया कि कर्मचारियों के गतिरोध का सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। निगम कार्यालय में प्रमाणपत्र तक नहीं बनाए जा रहे हैं। वह सोमवार को प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे थे, लेकिन काम नहीं होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
आजाद नगर निवासी अमित कुमार ने बताया कि वह पिछले तीन सप्ताह से अपने बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। हर बार कार्यालय बंद मिलता है या कर्मचारी हड़ताल का हवाला देकर उन्हें वापस भेज देते हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की।
हड़ताल पर बैठे 40-50 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। बाकी कर्मचारियों को मंगलवार तक काम पर लौटने का समय दिया गया है। यदि वे काम पर नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -अरुण, डीएमसी, नगर निगम