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ड्रेन नंबर-1 अतिक्रमण मामला : विधायक-मेयर ने लगाया दरबार, दस्तावेजों की जांच तक निगम ने रोकी तोड़फोड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 02:14 AM IST
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Drain No. 1 Encroachment Case: MLA and Mayor Hold Public Hearing
जीटी रोड स्थित रेस्ट हाउस में जनसुनवाई में सेक्टर वासियों से बातचीत करते विधायक प्रमोद विज। संव
पानीपत। शहर की ड्रेन नंबर-1 पर अतिक्रमण और सीमांकन विवाद का रास्ता निकालने के लिए सोमवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में शहरी विधायक प्रमोद विज और मेयर कोमल सैनी ने जनता दरबार लगाया। दरबार करीब एक घंटे तक चला। सेक्टर-12 के 26 लोगों ने अपनी शिकायतें रखीं।
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लोगों ने पुख्ता दस्तावेज होने के बाद भी नगर निगम द्वारा मकान तोड़ने की निशानदेही करने का कड़ा विरोध जताया। लोगों के विरोध और आपत्तियों को देखते हुए विधायक और मेयर ने फिलहाल तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकने के आदेश दिए हैं। अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से दस्तावेजों की जांच कर दोबारा निशानदेही करेगा। जनता दरबार में
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स्थानीय निवासियों का आरोप था कि निगम के अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। इससे पहले शनिवार को सैनी और राजीव कॉलोनी के लोगों ने भी विधायक कार्यालय का घेराव कर सोमवार तक रास्ता न निकालने पर पक्का धरना देने की चेतावनी दी थी।
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डीजीपीएस की निशानदेही और मूल लेआउट प्लान में विसंगति होंगी दूर
विधायक प्रमोद विज, मेयर कोमल सैनी ने दरबार के बाद निगम आयुक्त डॉ. पंकज, एचएसवीपी के एस्टेट अधिकारी प्रतीक हुड्डा, तहसीलदार मनोज कुमार और जिला नगर योजनाकार सहित राजस्व विभाग के अधिकारी के साथ बैठक की। इसमें हर विषय पर बारीकी से चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। इसके लिए मौके की वास्तविक स्थिति, राजस्व रिकॉर्ड, एचएसवीपी के स्वीकृत लेआउट प्लान और जीपीएस/डीजीपीएस के माध्यम से कराई गई निशानदेही का दोबारा मिलान जरूरी है। एचएसवीपी के एस्टेट अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी आवंटनों की मौके पर वैज्ञानिक तरीके से निशानदेही कराई जाए। यदि डीजीपीएस की निशानदेही और मूल लेआउट प्लान में विसंगति पाई जाती है तो उसे दूर किया जाए।

बाईपास रोड का होना है निर्माण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्रेन नंबर-1 को अतिक्रमण मुक्त करने का मुख्य उद्देश्य मुख्य शहर मार्ग से मेगा मित्तल मॉल तक प्रस्तावित बाईपास रोड का निर्माण करना है। निगम ने 237 कब्जों को चिह्नित कर उन्हें अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। बैठक में कुछ कब्जाधारियों द्वारा स्वयं कब्जे हटाने की सराहना की गई और अन्य से भी स्वेच्छा से कब्जे हटाने की अपील की गई।

वैध आवंटी को घबराने की जरूरत नहीं : विधायक

विधायक प्रमोद विज और मेयर कोमल सैनी ने आश्वासन दिया कि किसी भी वैध आवंटी के साथ अन्याय नहीं होगा। निगमायुक्त डॉ. पंकज ने भी आश्वस्त किया कि एचएसवीपी और हाउसिंग बोर्ड के आवंटियों के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच होगी। सुनवाई के दौरान मिली 26 दावों और आपत्तियों को एचएसवीपी के एस्टेट अधिकारी को सौंप दिया गया है, ताकि वे मौके की स्थिति और लेआउट प्लान का मिलान कर उचित निर्णय ले सकें। संपूर्ण सत्यापन के बाद ही ड्रेन की भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

कोट्स फोटो। सेक्टर-12 के चंद्र ने बताया कि उनका मकान छह मरले में है। उनके पास रजिस्ट्री है। इसके बाद भी निगम अधिकारियों ने उनके मकान को चार फीट तोड़ने के लिए निशानदेही की है। उन्होंने बताया कि 1997 में उन्हें यह मकान सरकार की स्वीकृति से मिला था।

कोट्स फोटो

सेक्टर-12 के योगेश ने बताया कि 1997 से मकान में रह रहे हैं। उनके पास मकान के पुख्ता दस्तावेज हैं। इसके बाद भी निगम अधिकारियों द्वारा उनके मकान को सात फीट पीछे की तरफ तोड़ने के लिए निशानदेही दी है।

कोट्स फोटो

सेक्टर-12 के भूषण लाल डावर ने बताया कि उनको 1985 में सरकार द्वारा प्लॉट आवंटित किया था। उनके मकान के सभी दस्तावेज हैं। इसके बाद भी तोड़ने के लिए छह फीट की निशानदेही की गई है।

कोट्स फोटो

सेक्टर-12 निवासी जसविंद्र सिंह ने बताया कि उनका मकान 172 गज में है। इसके पुख्ता दस्तावेज होने के बाद भी उनके मकान को 10 से 12 फुट तोड़ने के लिए निशानदेही की गई है।

कोट्स फोटो

सेक्टर-12 निवासी भारत भूषण ने बताया कि 1985 में उनको आवंटित मिला था। अब 90 गज के मकान को 15 फीट तोड़ने के लिए निगम अधिकारी निशानदेही कर गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को घर के सभी दस्तावेज भी दिखाए, लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी।

कोट्स फोटो

सेक्टर-12 निवासी अजय ने बताया कि उनका मकान 120 गज में बना हुआ है। इसके सभी दस्तावेज होने के बाद भी निगम अधिकारियों द्वारा उनके मकान को आठ फीट तोड़ने के लिए निशानदेही की गई है।
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संपादित
ड्रेन नंबर-1 अतिक्रमण मामला :
विधायक-मेयर ने लगाया दरबार, दस्तावेजों की जांच तक निगम ने रोकी तोड़फोड़
सेक्टर-12 के 26 लोगों ने रखी दावे-आपत्तियां, बोले- दस्तावेज होने के बावजूद मकान तोड़ने की निशानदेही
एचएसवीपी और राजस्व विभाग करेगा दोबारा निशानदेही, विधायक बोले- किसी वैध आवंटी के साथ अन्याय नहीं होगा
माई सिटी रिपोर्टर

पानीपत। ड्रेन नंबर-1 पर अतिक्रमण और सीमांकन विवाद का समाधान निकालने के लिए सोमवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में शहरी विधायक प्रमोद विज और मेयर कोमल सैनी ने जनता दरबार लगाया। करीब एक घंटे चले दरबार में सेक्टर-12 के 26 लोगों ने अपनी दावे-आपत्तियां रखीं। लोगों ने आरोप लगाया कि पुख्ता दस्तावेज होने के बावजूद नगर निगम उनके मकानों को तोड़ने की निशानदेही कर रहा है।

आपत्तियों को देखते हुए विधायक और मेयर ने फिलहाल तोड़फोड़ रोकने के निर्देश दिए। अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से दस्तावेजों की जांच कर दोबारा निशानदेही करेगा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निगम अधिकारी उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे थे।

डीजीपीएस निशानदेही और लेआउट प्लान का होगा मिलान
जनता दरबार के बाद विधायक, मेयर ने निगम आयुक्त डॉ. पंकज, एचएसवीपी एस्टेट अधिकारी प्रतीक हुड्डा, तहसीलदार मनोज कुमार और जिला नगर योजनाकार सहित अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें निर्णय लिया गया कि मौके की स्थिति, राजस्व रिकॉर्ड, एचएसवीपी के स्वीकृत लेआउट प्लान और जीपीएस/डीजीपीएस से हुई निशानदेही का दोबारा मिलान किया जाएगा। एस्टेट अधिकारी को सभी आवंटनों की वैज्ञानिक तरीके से निशानदेही कराने के निर्देश दिए गए हैं। विसंगति मिलने पर उसे दूर किया जाएगा।

बाईपास रोड के लिए हटाए जा रहे कब्जे
प्रशासन के अनुसार ड्रेन नंबर-1 को अतिक्रमण मुक्त करने का उद्देश्य मुख्य शहर मार्ग से मेगा मित्तल मॉल तक प्रस्तावित बाईपास रोड का निर्माण है। निगम ने 237 कब्जे चिह्नित कर अंतिम नोटिस जारी किए हैं। बैठक में अधिकारियों ने लोगों से स्वेच्छा से कब्जे हटाने की अपील भी की।


वैध आवंटी को घबराने की जरूरत नहीं : विधायक
विधायक प्रमोद विज और मेयर कोमल सैनी ने कहा कि किसी वैध आवंटी के साथ अन्याय नहीं होगा। निगमायुक्त डॉ. पंकज ने भी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। 26 दावे और आपत्तियां एचएसवीपी एस्टेट अधिकारी को सौंप दी गई हैं। मौके की स्थिति और लेआउट प्लान के सत्यापन के बाद ही अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी।

लोगों ने बताई अपनी परेशानी
छह मरले के मकान की रजिस्ट्री होने के बावजूद चार फीट तोड़ने की निशानदेही की गई है। मकान 1997 में सरकार की स्वीकृति से मिला था। -चंद्र, सेक्टर-12

1997 से मकान में रह रहे हैं और सभी दस्तावेज हैं। इसके बावजूद सात फीट पीछे की ओर तोड़ने की निशानदेही की गई। -योगेश, सेक्टर-12

1985 में सरकार ने प्लॉट आवंटित किया था। दस्तावेज होने के बावजूद छह फीट तोड़ने की निशानदेही की गई है। -भूषण लाल डावर, सेक्टर-12:

172 गज के मकान के पुख्ता दस्तावेज हैं, फिर भी 10 से 12 फीट तोड़ने की निशानदेही की गई। -जसविंद्र सिंह, सेक्टर-12:

1985 में मकान आवंटित हुआ था। 90 गज के मकान को 15 फीट तोड़ने की निशानदेही की गई, जबकि अधिकारियों को दस्तावेज दिखाए गए। -भारत भूषण, सेक्टर-12

120 गज के मकान के दस्तावेज होने के बावजूद आठ फीट तोड़ने की निशानदेही की गई है। -अजय, सेक्टर-12
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