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Panipat News: तापमान में आई भारी गिरावट, ठिठुरने लगे लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद जिले में तापमान में भारी गिरावट आई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 22.1 और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में धूप निकलने के बावजूद लोगों ने ठंड महसूस की और शाम को हाथ-पैर ठिठुरने लगे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले तीन दिनों तक कड़ाके की ठंड रहने की संभावना है।
उधर कृषि उपनिदेशक आत्मा राम गोदारा ने बताया कि इस समय की ठंड गेहूं की पैदावार के लिए फायदेमंद साबित होगी। पिछले साल की तुलना में इस साल पाला जल्दी जमना शुरू हो गया है, जिससे उम्मीद है कि इस साल गेहूं की उपज अच्छी होगी। पश्चिमी विक्षोभ गुजर जाने के बाद हवाओं की दिशा उत्तरी हो गई है, जिससे रात के तापमान में गिरावट आ रही है और ठंड बढ़ रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि अगले दो सप्ताह प्रदेश में मौसम साफ और ठंडा रहेगा। दिन के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास ही रहेगा। सुबह और शाम ठंड का प्रभाव महसूस होगा। किसानों का कहना है कि तापमान में गिरावट से गेहूं की बिजाई और पहले से उग चुकी फसलों की वृद्धि में मदद मिलेगी।
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ठंड रबी फसलों के उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार लाने में भी सहायक होगी। कृषि विभाग के अनुसार दिसंबर के पहले सप्ताह से तापमान में गिरावट गेहूं, सरसों, चना और सब्जियों की बढ़वार के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
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पानीपत। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद जिले में तापमान में भारी गिरावट आई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 22.1 और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में धूप निकलने के बावजूद लोगों ने ठंड महसूस की और शाम को हाथ-पैर ठिठुरने लगे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले तीन दिनों तक कड़ाके की ठंड रहने की संभावना है।
उधर कृषि उपनिदेशक आत्मा राम गोदारा ने बताया कि इस समय की ठंड गेहूं की पैदावार के लिए फायदेमंद साबित होगी। पिछले साल की तुलना में इस साल पाला जल्दी जमना शुरू हो गया है, जिससे उम्मीद है कि इस साल गेहूं की उपज अच्छी होगी। पश्चिमी विक्षोभ गुजर जाने के बाद हवाओं की दिशा उत्तरी हो गई है, जिससे रात के तापमान में गिरावट आ रही है और ठंड बढ़ रही है।
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कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि अगले दो सप्ताह प्रदेश में मौसम साफ और ठंडा रहेगा। दिन के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास ही रहेगा। सुबह और शाम ठंड का प्रभाव महसूस होगा। किसानों का कहना है कि तापमान में गिरावट से गेहूं की बिजाई और पहले से उग चुकी फसलों की वृद्धि में मदद मिलेगी।
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ठंड रबी फसलों के उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार लाने में भी सहायक होगी। कृषि विभाग के अनुसार दिसंबर के पहले सप्ताह से तापमान में गिरावट गेहूं, सरसों, चना और सब्जियों की बढ़वार के लिए उपयुक्त मानी जाती है।