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Panipat News: स्ट्रीट लाइटों में घोटाले की बू, अधिकारियों ने मनमर्जी से रेट लगाए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 May 2025 03:17 AM IST
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There is a smell of scam in street lights, officials set rates arbitrarily
पानीपत। शहर में असंध रोड व गोहाना रोड फ्लाईओवर समेत कई स्थानों पर लगाई स्ट्रीट लाइटों में घोटाले की बू आई है। अधिकारियों ने टेंडर और वर्क ऑर्डर में छोटी लाइटों के रेट अधिक पास कर दिए, जबकि कई बड़ी लाइटों को कम रेट में पास कर दिया। निगम में ऐसी करीब ढाई करोड़ की लाइट हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम भी इनकी जांच कर रही है।
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प्रथम दृष्टया जांच में यह गड़बड़ी पकड़ी गई है और ब्यूरो ने इसके सैंपल भी लिए हैं।
नगर निगम ने गत दिनों शहर में कई जगह फैंसी स्ट्रीट लाइट लगवाई थी। मॉडल टाउन में छाबड़ा स्वीट्स रोड पर पांच मीटर ऊंचाई की 15-20 लाइट लगाई थी। यहां प्रति लाइट 58117 रुपये टेंडर में पास किए थे। वहीं गोहाना रोड फ्लाईओवर पर सात मीटर की लाइट लगाई थी। यहां प्रति लाइट 40062 रुपये रेट तय किए थे। अधिकारियों ने ठेकेदार से 30 प्रतिशत डिस्काउंट लिया था। इस आधा पर 35770 रुपये प्रति लाइट का वर्क ऑर्डर दिया था। असंध रोड फ्लाईओवर पर सात मीटर की लाइट लगाई गई। इनका प्रति लाइट 63392 रुपये का वर्क ऑर्डर दिया। मॉडल टाउन में ईजी डे से आठ मरला चौक तक नौ मीटर ऊंचाई की डबल लाइट लगवाई। यहां प्रति लाइट 50664 रुपये का रेटदिया। वार्ड-16 में छह मीटर की स्ट्रीट लाइट लगाई।यहां 53574 रुपये का रेट दिया गया। अधिकारियों ने अपनी मर्जी से रेट कम ज्यादा कर दिया। इसमें ठेकेदार के साथ सांठगांठ सामने आ रहा है।
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अर्थिंग भी ठीक से नहीं की, लोकल सामान लगाया
फाउंडेशन की भी श्रीराम या दूरी लैब से जांच नहीं कराई गई। आरोप हैं कि नियमानुसार अर्थिंग 15 फीट में करनी थी। यहां चार से पांच फीट में अर्थिंग की है। वहीं लाइटों में लोकल कंपनियों का सामान लगाया गया है। नगर निगम में सूर्या, बजाज, फिलिप्स व करंटन कंपनी की लाइट की मंजूर हैं। आरोप हैं कि तारों को भी खुले में लगाया है।
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वर्जन :
स्ट्रीट लाइटों की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम कर रही है। इसके साथ निगम अधिकारियों की भी एक कमेटी गठित की है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही ठेकेदार को पेमेंट की जाएगी।
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम।
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