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Panipat News: अस्पताल में इलाज के लिए तड़पती रही प्रसूता, जच्चा-बच्चा दोनों की तबीयत बिगड़ी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Oct 2025 02:34 AM IST
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The pregnant woman was in pain for treatment in the hospital, the health of both mother and child deteriorated.
माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल के मदर्स एंड चाइल्ड वार्ड में झट्टीपुर गांव की प्रसूता शहनाज इलाज के लिए तड़पती रही। चिकित्सकों ने करीब 17 घंटे बाद महिला को संभाला। उस समय तक बच्चे ने महिला के पेट में शौच कर दिया। चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर बच्चे को निकाला। इसके बाद बाद महिला को रक्त स्राव हो गया और उनका रंग पीला पड़ गया। बच्चे की भी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे मंगलवार दोपहर बाद एक निजी अस्पताल में ले गए। जबकि जच्चा जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल हैं।
पट्टीकल्याणा गांव के शहजाद खान ने बताया कि उनके पास पहले चार बच्चे हैं। इनमें तीन लड़के और लड़की हैं। उनकी पत्नी शहनाज गर्भवती थी। वे उनको तीन दिन पहले जिला नागरिक अस्पताल में जांच के लिए लेकर आया था। चिकित्सकों ने उनको सिजेरियन डिलीवरी कराने की बात कही थी। शहनाज को सोमवार दोपहर बाद प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। वह सोमवार शाम करीब सात बजे जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सक और नर्सिंग ऑफिसर को जरूरत अनुसार सिजेरियन डिलीवरी करने की भी रजामंदी दे दी थी। बावजूद इसके डिलीवरी नहीं की।
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सुबह बिगड़ती चली गई तबियत
शहजाद खान ने बताया कि वे सोमवार रातभर अस्पताल में इलाज का इंतजार करते रहे। उन्होंने चिकित्सकों को ऑपरेशन करने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाय कि चिकित्सकों ने रात को भी ऑपरेशन करने से मना कर दिया और मंगलवार सुबह भी टलते रहे। इस बीच शहनाज की मंगलवार सुबह तबियत बिगड़ गई। चिकित्सकों ने सुबह करीब 11 बजे ऑपरेशन किया। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे ने पेट में शौच कर दिया है। शहनाज को रक्त स्राव शुरू हो गया। इसके कुछ देर बाद बच्चे की भी तबियत बिगड़ गई।
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अस्पताल में आई महिला शहनाज में सात ग्राम ही खून था। ऐसी स्थिति में सिजेरियन डिलीवरी करना बच्चा और बच्चा दोनों के लिए घातक साबित हो सकती है। महिला को सोमवार रात को खून चढ़ाया गया था। उनकी मंगलवार सिजेरियन डिलीवरी कराई गई है। परिजन बच्चे को अपनी मर्जी से बाहर इलाज कराने लेकर गए हैं। महिला वार्ड में ही हैं। परिजनों की कोई शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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