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गांवों को आत्मनिर्भर, युवाओं को सक्षम और किसानों को समृद्ध बनाना लक्ष्य : नायब सिंह
Sun, 07 Jun 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 07 Jun 2026 12:58 AM IST
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सेवा साधना केंद्र में संबोधित करते सीएम नायब सिंह सैनी। स्रोत : सूचना विभाग
समालखा (पानीपत)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र के प्रथम स्थापना दिवस पर गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं को सक्षम और किसानों को समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य करेगा। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र की गतिविधियों और सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री सैनी शनिवार को पट्टीकल्याणा स्थित केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा, यह केंद्र सेवा, साधना और समर्पण के संकल्प का उत्सव है। यह समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने केंद्र से जुड़े परिवारों को उनके श्रम और सहयोग के लिए शुभकामनाएं दीं।
सैनी ने कहा कि जब समाज स्वयं अपने विकास का संकल्प लेता है, तो परिवर्तन पीढ़ियों तक जारी रहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की दिशा में गांवों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
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इससे पूर्व श्री माधव जन सेवा न्यास के अध्यक्ष पवन जिंदल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, समालखा के विधायक मनमोहन भड़ाना आदि उपस्थित रहे।
गांवों के समग्र विकास पर केंद्र का ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का मार्ग विकसित गांवों से होकर गुजरता है। यह केंद्र आसपास के 100 गांवों के समग्र विकास पर केंद्रित है। यहां शिक्षा, कौशल, कृषि, स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति और रोजगार के सभी आयामों पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र को सेवा, साधना और ग्राम विकास की त्रिवेणी के रूप में स्थापित किया गया है। यहां कौशल विकास केंद्र की स्थापना की गई है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के साथ कौशल प्रशिक्षण के लिए समझौता ज्ञापन भी हुआ है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और किसानों को सहायता
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। सरकार ने पात्र किसानों के लिए देसी गाय पर मिलने वाली सब्सिडी बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है। भंडारण और प्रसंस्करण के लिए चार ड्रम खरीदने पर प्रत्येक किसान को तीन हजार रुपये की सहायता दी जाती है। एपीडा प्रमाणित प्राकृतिक और जैविक किसानों को पांच वर्ष तक प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता मिलेगी। कृषि विभाग की लगभग 800 एकड़ भूमि ऐसे किसानों को पट्टे पर दी जाएगी।
मंडियों में विशेष स्थान और स्मार्ट कृषि योजना
प्रदेश की 10 मंडियों में प्राकृतिक और जैविक किसानों के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराए जाएंगे। परीक्षण प्रयोगशालाएं और एपीडा द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणन केंद्र भी स्थापित होंगे। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र जिले में दो हजार एकड़ क्षेत्र में स्मार्ट कृषि योजना शुरू की जाएगी। इस योजना में होने वाले नुकसान की भरपाई प्रदेश सरकार करेगी। ये कदम किसानों को आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की ओर प्रोत्साहित करेंगे।
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मुख्यमंत्री सैनी शनिवार को पट्टीकल्याणा स्थित केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा, यह केंद्र सेवा, साधना और समर्पण के संकल्प का उत्सव है। यह समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने केंद्र से जुड़े परिवारों को उनके श्रम और सहयोग के लिए शुभकामनाएं दीं।
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सैनी ने कहा कि जब समाज स्वयं अपने विकास का संकल्प लेता है, तो परिवर्तन पीढ़ियों तक जारी रहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की दिशा में गांवों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
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इससे पूर्व श्री माधव जन सेवा न्यास के अध्यक्ष पवन जिंदल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, समालखा के विधायक मनमोहन भड़ाना आदि उपस्थित रहे।
गांवों के समग्र विकास पर केंद्र का ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का मार्ग विकसित गांवों से होकर गुजरता है। यह केंद्र आसपास के 100 गांवों के समग्र विकास पर केंद्रित है। यहां शिक्षा, कौशल, कृषि, स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति और रोजगार के सभी आयामों पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र को सेवा, साधना और ग्राम विकास की त्रिवेणी के रूप में स्थापित किया गया है। यहां कौशल विकास केंद्र की स्थापना की गई है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के साथ कौशल प्रशिक्षण के लिए समझौता ज्ञापन भी हुआ है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और किसानों को सहायता
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही। सरकार ने पात्र किसानों के लिए देसी गाय पर मिलने वाली सब्सिडी बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है। भंडारण और प्रसंस्करण के लिए चार ड्रम खरीदने पर प्रत्येक किसान को तीन हजार रुपये की सहायता दी जाती है। एपीडा प्रमाणित प्राकृतिक और जैविक किसानों को पांच वर्ष तक प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता मिलेगी। कृषि विभाग की लगभग 800 एकड़ भूमि ऐसे किसानों को पट्टे पर दी जाएगी।
मंडियों में विशेष स्थान और स्मार्ट कृषि योजना
प्रदेश की 10 मंडियों में प्राकृतिक और जैविक किसानों के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराए जाएंगे। परीक्षण प्रयोगशालाएं और एपीडा द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणन केंद्र भी स्थापित होंगे। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र जिले में दो हजार एकड़ क्षेत्र में स्मार्ट कृषि योजना शुरू की जाएगी। इस योजना में होने वाले नुकसान की भरपाई प्रदेश सरकार करेगी। ये कदम किसानों को आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की ओर प्रोत्साहित करेंगे।

सेवा साधना केंद्र में संबोधित करते सीएम नायब सिंह सैनी। स्रोत : सूचना विभाग