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निजी अस्पतालों में खाली हुए वेंटिलेटर, आईसीयू बेड व ऑक्सीजन बेड, महज एक प्रतिशत मरीज हो रहे दाखिल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 12:12 AM IST
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The fight for oxygen beds, ventilators and ICU beds is over
कोरोना की दूसरी लहर के दंश से हम धीरे-धीरे बाहर आ रहे हैं। जिले में इस समय कोरोना रोगियों के लिए ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर व आईसीयू बेड की मारामारी खत्म है। दूसरी ओर कोरोना से होने वाली मौतें अभी थमी नहीं हैं। बुधवार को भी दो और लोग अपनी जिंदगी गवां बैठे वहीं 26 कोरोना के नए रोगी मिले। इसके अलावा 92 लोगों ने कोरोना को मात दी।
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फिलहाल अभी जिले में कोरोना के एक्टिव रोगियों की संख्या 527 है। 42 दिन के बाद जिले में कोरोना के एक्टिव रोगियों की संख्या सबसे कम स्तर पर पहुंची है। जिले में अब कोरोना पॉजिटिविटी रेड 1.5 प्रतिशत है। कोरोना से अब तक 471 लोगों की मौत हो चुकी है। जिले में कोरोना के कुल रोगियों की संख्या 30846 हो चुकी है। अब जिले में ऑक्सीजन की डिमांड तीन मीट्रिक टन हो गई है। सिविल अस्पताल में महज कोरोना के 30 रोगी ही दाखिल हैं। ये आंकड़े सुखद है, लेकिन कोरोना से हो रही मौत अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले 32 दिनों से हर रोज औसतन छह लोगों की मौत हो रही है। बुधवार को भी निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दो कोरोना मरीजों की मौत हुई।
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दूसरी ओर आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अभी 52 वेंटिलेटर में से महज 12 पर ही कोरोना के रोगी हैं। 150 आईसीयू बेड में से कोरोना रोगी महज 15 हैं। 80 आईसीयू बेड खाली पड़े हैं। जिले में 700 से अधिक ऑक्सीजन बेड खाली हैं। अब कोरोना के महज एक प्रतिशत रोगी ही अस्पताल में दाखिल हो रहे हैं, जबकि 99 प्रतिशत रोगी घरों में आइसोलेट हैं। 95 गांवों में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड बिलकुल खाली पड़े हैं। किसी भी आइसोलेशन वार्ड में कोई मरीज दाखिल नहीं है।
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ये लापरवाही गंभीर-
कोरोना के मामलों में कमी आते ही प्रशासन ढीला पड़ा है तो आमजन भी लापवाह हो गए हैं। बेवजह सड़कों पर घूमने वाले लोगों पर पुलिस जहां कार्रवाई नहीं कर रही वहीं ज्यादातर लोगों के चेहरे से मास्क उतरने लगे हैं। सिविल अस्पताल की बात करें तो वहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को किनारे कर दिया नजर आ रहा है। सिर्फ अस्पताल ही नहीं बाजार, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है। अस्पताल में आ रहे कई मरीज भी मास्क सही प्रकार से नहीं लगा रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि यदि ये लापरवाही जारी रही तो परिणाम फिर गंभीर हो सकते हैं।

कोरोना मीटर-
जिले में कुल केस- 30846
जिले मे कोरोना से अब तक ठीक हुए- 29741
जिले में अब तक कोरोना से मौत- 471
जिले में अब तक कोरोना के एक्टिव केस- 527
- बुधवार को नए मिले केस- 26
- बुधवार को कोरोना से ठीक हुए लोग- 92
- बुधवार को कोरोना से मौत- 2
टेस्टिंग व वैक्सीनेशन पर जोर दे रहे हम
कोरोना के केस में कमी आई है ये सुखद है। विभाग की ओर से टेस्टिंग व वैक्सीनेशन पर जोर दे रहे हैं। टेस्टिंग पहले के मुकाबले अधिक की जा रही है। अस्पताल के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो मरीजों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करें। लोगों से अपील है कि वे अपने घरों में रहें। वैक्सीनेशन जरूर करवाएं। कोरोना का खतरा अब तक टला नहीं है इसलिए कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन अवश्य करें।
-डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन पानीपत।
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