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Panipat News: चिकित्सक ने राजमिस्त्री के दूसरे घुटने का किया था ऑपरेशन
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पानीपत। वैसर गांव निवासी राजमिस्त्री का जीटी रोड स्थित एक निजी अस्पताल के चिकित्सक ने लापरवाही से दूसरे घुटने का ऑपरेशन कर दिया था। जिला नेग्लिजेंसी कमेटी ने अपनी जांच में ऑस्कर अस्पताल के डॉ. हर्ष व विवेक पांडे का राजमिस्त्री के इलाज में लापरवाही बरतना पाया है। डॉक्टरों को जिस घुटने का ऑपरेशन नहीं करना चाहिए था, उसका लापरवाही से ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद डॉक्टर ने दाएं घुटने का एक्सरे देखा फिर भी बाएं घुटने का ऑपरेशन कर दिया। कमेटी ने इस मामले की रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है। सिविल सर्जन रिपोर्ट का अध्ययन कर चुके हैं। अब ये रिपोर्ट डीसी डॉ. वीरेंद्र दहिया को सौंपी जाएगी।
वैसर गांव निवासी राजमिस्त्री रणबीर ने समाधान शिविर में डीसी को शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने बताया था कि अप्रैल में घर में झाडू पाैंछा करते समय उनका पैर फिसल गया था। जिससे उसके घुटने पर सूजन आ गई थी। वह उसे 13 मई को ऑस्कर अस्पताल में आया था। वहां पर डॉ. हर्ष व विवेक पांडे ने उसकी जांच की और दायें पैर के घुटने के ऑपरेशन को कहा था। उसको उसी दिन अस्पताल में दाखिल कर लिया गया था। उसका अगले दिन 14 मई की रात को आयुष्मान योजना के अंतर्गत ऑपरेशन किया गया था। उसे जब होश आया तो उसने देखा कि उसका दायां पैर तो ऐसे ही था, जबकि बाएं पैर के घुटने का ऑपरेशन कर दिया था। उन्होंने डॉक्टर को बुला ऑपरेशन गलत करने की बारे में बताया। इस पर उन्होंने अपनी गलती मान ली और दाएं पैर का भी ऑपरेशन करने की कही। डॉक्टरों ने उसको खर्चे की चिंता न करने का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि अगर वह ठीक नहीं हुआ तो उसे घर बैठे पूरा खर्च दिया जाएगा। इसके एक घंटे बाद उसके दाएं पैर का भी ऑपरेशन कर दिया था। उसको पांच मई को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। अब वह न तो चल पाता है और न कोई काम कर पाता है। वह अपंग हो चुका है। इस शिकायत पर डीसी ने मामले की जांच सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा को सौंप दी थी।
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि मामले की जांच पूरी हो गई है। जिसमें ऑस्कर अस्पताल के चिकित्सकों की इलाज में लापरवाही सामने आई है है। हालांकि मरीज के दोनों घुटनों में दर्द था। वह अपनी रिपोर्ट जल्द डीसी को सौंपेंगे। अस्पताल और चिकित्सकों पर मुख्यालय के निर्देशों पर कार्रवाई की जाएगी।
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वैसर गांव निवासी राजमिस्त्री रणबीर ने समाधान शिविर में डीसी को शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने बताया था कि अप्रैल में घर में झाडू पाैंछा करते समय उनका पैर फिसल गया था। जिससे उसके घुटने पर सूजन आ गई थी। वह उसे 13 मई को ऑस्कर अस्पताल में आया था। वहां पर डॉ. हर्ष व विवेक पांडे ने उसकी जांच की और दायें पैर के घुटने के ऑपरेशन को कहा था। उसको उसी दिन अस्पताल में दाखिल कर लिया गया था। उसका अगले दिन 14 मई की रात को आयुष्मान योजना के अंतर्गत ऑपरेशन किया गया था। उसे जब होश आया तो उसने देखा कि उसका दायां पैर तो ऐसे ही था, जबकि बाएं पैर के घुटने का ऑपरेशन कर दिया था। उन्होंने डॉक्टर को बुला ऑपरेशन गलत करने की बारे में बताया। इस पर उन्होंने अपनी गलती मान ली और दाएं पैर का भी ऑपरेशन करने की कही। डॉक्टरों ने उसको खर्चे की चिंता न करने का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि अगर वह ठीक नहीं हुआ तो उसे घर बैठे पूरा खर्च दिया जाएगा। इसके एक घंटे बाद उसके दाएं पैर का भी ऑपरेशन कर दिया था। उसको पांच मई को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। अब वह न तो चल पाता है और न कोई काम कर पाता है। वह अपंग हो चुका है। इस शिकायत पर डीसी ने मामले की जांच सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा को सौंप दी थी।
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जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि मामले की जांच पूरी हो गई है। जिसमें ऑस्कर अस्पताल के चिकित्सकों की इलाज में लापरवाही सामने आई है है। हालांकि मरीज के दोनों घुटनों में दर्द था। वह अपनी रिपोर्ट जल्द डीसी को सौंपेंगे। अस्पताल और चिकित्सकों पर मुख्यालय के निर्देशों पर कार्रवाई की जाएगी।
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