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Panipat News: भाजपा खींचतान के चलते जिप अध्यक्ष का नाम नहीं कर पाई तय, भितरघात के डर से ढाई घंटे पहले चुनाव बैठक स्थगित
Thu, 29 Jan 2026 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:35 AM IST
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जिला परिषद अध्यक्ष की खाली कुर्सी। संवाद
पानीपत। भाजपा बड़े नेताओं में खींचतान के चलते जिला परिषद की अध्यक्ष के लिए नाम ऐन वक्त तक तय नहीं कर पाई, ऐसे में बुधवार को करीब छह महीने बाद कराया जाने वाला अध्यक्ष का चुनाव स्थगित कर दिया गया। चुनाव स्थगित करने का कारण अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज की तबीयत बिगड़ना बताया है। चुनाव बैठक से करीब ढाई घंटे पहले इसकी जानकारी पार्षदों को व्हाटसएप मैसेज और फोन कर दी गई, ऐसे में जिला परिषद अध्यक्ष के लिए चुनावी समीकरण धरे रह गए।
काजल देशवाल की 27 जून 2025 को जिला परिषद सदस्यता रद्द कर दी थी, इसके साथ उनको अध्यक्ष पद से भी हटा दिया था। जिला परिषद की अध्यक्ष का पद रिक्त था। राज्य चुनाव आयोग ने 28 जनवरी को चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। प्रशासन ने इसका शेड्यूल जारी कर दिया था। भाजपा समेत निर्दलीय पिछले 10 दिन से जिप अध्यक्ष के चुनाव की तैयारी में लगे हुए थे। भाजपा में पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा और सुदेश रानी के नाम आगे चल रहे थे। इनके बीच वार्ड-3 से निर्दलीय अनु दहिया मलिक जिप अध्यक्ष के लिए भाजपा के ही पार्षदों के साथ संपर्क में थी। वे भाजपा के ही चार पार्षदों को अपने साथ लेकर चल रही थी, ऐसे में भाजपा को भितरघात का डर सता रहा था।
भाजपा के हाथ में थे 12 पार्षद, चुनाव में 11 का बहुमत जरूरी था
भाजपा जिप अध्यक्ष के लिए पिछले 10 दिन से लगातार बैठक कर रही है। पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा ने पिछले सप्ताह भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट को अपने साथ 10 पार्षद होने का दावा किया था जबकि उनके साथ बैठक में आठ पार्षद ही पहुंचे थे। इसके बाद रविवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने अलग-अलग बैठक में जिप अध्यक्ष के नाम पर चर्चा की थी। भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने इसके अगले दिन सोमवार को पार्षदों के साथ वन-टू-वन बैठक की। पहले इस बैठक में 14 पार्षदों के आने की संभावना थी, लेकिन बैठक में 12 पार्षद ही पहुंच पाए थे। बाकी दो पार्षदों ने फोन पर अपनी राय दी थी। जिला परिषद अध्यक्ष के लिए 11 पार्षदों का बहुमत दिखाना जरूरी था। भाजपा भितरघात के चलते चुनाव कराने से पीछे हट गई।
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बड़े नेता एक नाम पर नहीं राजी
भाजपा के अधिकतर नेता पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा को दोबारा अध्यक्ष बनाने के पक्ष में थे जबकि पार्षद इससे खफा थे। पार्षद रायशुमारी में सुदेश रानी के पक्ष में चुनाव कराने को तैयार थे। इनके नाम पर पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार के अलावा बाकी बड़े नेता राजी नहीं थे। वार्ड-तीन की पार्षद अनु दहिया मलिक भाजपा के चार पार्षदों को अपने साथ लेकर दावेदारी कर रही थी। इन पार्षदों ने चुनाव में वोट करने का भी भरोसा दे दिया था।
जिप अध्यक्ष के लिए पार्षद किसी एक नाम पर राजी नहीं थे। ऐसे में चुनाव में कुछ समीकरण बन सकते थे। भाजपा अध्यक्ष पद के लिए जल्द ही नाम तय करेगी। सभी पार्षदों के चहेते सदस्य को अध्यक्ष बनाया जाएगा।
- दुष्यंत भट्ट, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. पंकज को कराना था, वे अचानक बीमार हो गए। उनको दो दिन का बेड रेस्ट दिया गया है, ऐसे में चुनाव स्थगित किया गया है। इसके लिए दोबारा तिथि तय की जाएगी।
- डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
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काजल देशवाल की 27 जून 2025 को जिला परिषद सदस्यता रद्द कर दी थी, इसके साथ उनको अध्यक्ष पद से भी हटा दिया था। जिला परिषद की अध्यक्ष का पद रिक्त था। राज्य चुनाव आयोग ने 28 जनवरी को चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। प्रशासन ने इसका शेड्यूल जारी कर दिया था। भाजपा समेत निर्दलीय पिछले 10 दिन से जिप अध्यक्ष के चुनाव की तैयारी में लगे हुए थे। भाजपा में पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा और सुदेश रानी के नाम आगे चल रहे थे। इनके बीच वार्ड-3 से निर्दलीय अनु दहिया मलिक जिप अध्यक्ष के लिए भाजपा के ही पार्षदों के साथ संपर्क में थी। वे भाजपा के ही चार पार्षदों को अपने साथ लेकर चल रही थी, ऐसे में भाजपा को भितरघात का डर सता रहा था।
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भाजपा के हाथ में थे 12 पार्षद, चुनाव में 11 का बहुमत जरूरी था
भाजपा जिप अध्यक्ष के लिए पिछले 10 दिन से लगातार बैठक कर रही है। पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा ने पिछले सप्ताह भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट को अपने साथ 10 पार्षद होने का दावा किया था जबकि उनके साथ बैठक में आठ पार्षद ही पहुंचे थे। इसके बाद रविवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने अलग-अलग बैठक में जिप अध्यक्ष के नाम पर चर्चा की थी। भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने इसके अगले दिन सोमवार को पार्षदों के साथ वन-टू-वन बैठक की। पहले इस बैठक में 14 पार्षदों के आने की संभावना थी, लेकिन बैठक में 12 पार्षद ही पहुंच पाए थे। बाकी दो पार्षदों ने फोन पर अपनी राय दी थी। जिला परिषद अध्यक्ष के लिए 11 पार्षदों का बहुमत दिखाना जरूरी था। भाजपा भितरघात के चलते चुनाव कराने से पीछे हट गई।
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बड़े नेता एक नाम पर नहीं राजी
भाजपा के अधिकतर नेता पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा को दोबारा अध्यक्ष बनाने के पक्ष में थे जबकि पार्षद इससे खफा थे। पार्षद रायशुमारी में सुदेश रानी के पक्ष में चुनाव कराने को तैयार थे। इनके नाम पर पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार के अलावा बाकी बड़े नेता राजी नहीं थे। वार्ड-तीन की पार्षद अनु दहिया मलिक भाजपा के चार पार्षदों को अपने साथ लेकर दावेदारी कर रही थी। इन पार्षदों ने चुनाव में वोट करने का भी भरोसा दे दिया था।
जिप अध्यक्ष के लिए पार्षद किसी एक नाम पर राजी नहीं थे। ऐसे में चुनाव में कुछ समीकरण बन सकते थे। भाजपा अध्यक्ष पद के लिए जल्द ही नाम तय करेगी। सभी पार्षदों के चहेते सदस्य को अध्यक्ष बनाया जाएगा।
- दुष्यंत भट्ट, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. पंकज को कराना था, वे अचानक बीमार हो गए। उनको दो दिन का बेड रेस्ट दिया गया है, ऐसे में चुनाव स्थगित किया गया है। इसके लिए दोबारा तिथि तय की जाएगी।
- डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।

जिला परिषद अध्यक्ष की खाली कुर्सी। संवाद