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Panipat News: तापमान 43.5 डिग्री पहुंचा, झुलसा रही गर्म हवा
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पानीपत। जिले में तापमान में बढ़ोतरी से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। मंगलवार को दिन का तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। नहीं गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार व वीरवार को तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा घर से निकलने वाले लोग चेहरा समेत पूरा शरीर को ढककर चल रहे हैं। जिससे धूप से शरीर की सुरक्षा होती रहे। तेज धूप व गर्मी बढ़ गई है। वहीं चिकित्सकों ने भी लोगों को बिना कारण घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
जानकारी के अनुसार तेज धूप के साथ पुरवइया हवा भी चलना बंद हो जाने के कारण गर्मी का सितम बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से रोज ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनके बीमार होने की वजह गर्मी है। उल्टी, पैरों में क्रैंप, चक्कर आना, सिर में दर्द जैसी परेशानी हो रही है। औसतन रोज ऐसे तीन से चार मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा डायरिया के भी मामले आ रहे हैं और इसकी वजह बाहर का खाना है। इन दिनों बाहर के खाने से लोगों को पेट में इन्फेक्शन हो रहा है और इसकी वजह से उल्टी और डायरिया की शिकायत आ रही है।
डॉ. सुखदीप कौर ने कहा कि गर्मी में डायरिया व ड्री हाईड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी 1800 पार कर चुकी है। जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों की कुल ओपीडी 10 हजार पार हो चुकी है। सबसे अधिक मरीज डायरिया, हीट स्ट्रोक, पेट दर्द, डी हाईड्रेशन व बुखार के पहुंच रहे हैं। गर्मी में चमड़ी व नेत्र रोगी भी बढ़ रहे हैं। अब हर इमरजेंसी वार्ड में डायरिया के पांच-छह से अधिक केस मिल रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। डायरिया का मुख्य कारण दूषित पानी का सेवन भी है। हमें इस मौसम में बाहर जाने से बचना चाहिए। इन्फेक्शन डायरिया के इलाज के साथ डी-हाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी होना) की स्थिति से बचने के लिए खूब पानी पिएं। उबला हुआ पानी ठंडा करके पिएं। खुले में बिकने वाली चीजें न खाएं। गन्ने का रस पीने से बचें। बासी भोजन बिल्कुल न खाएं। तेज धूप से बचाव करें। साफ-सफाई का ख्याल रखें। भोजन सेवन से पहले साबुन से हाथ धोएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। प्यास लगने पर ओआरएस का घोल पिएं।
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जानकारी के अनुसार तेज धूप के साथ पुरवइया हवा भी चलना बंद हो जाने के कारण गर्मी का सितम बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से रोज ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनके बीमार होने की वजह गर्मी है। उल्टी, पैरों में क्रैंप, चक्कर आना, सिर में दर्द जैसी परेशानी हो रही है। औसतन रोज ऐसे तीन से चार मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा डायरिया के भी मामले आ रहे हैं और इसकी वजह बाहर का खाना है। इन दिनों बाहर के खाने से लोगों को पेट में इन्फेक्शन हो रहा है और इसकी वजह से उल्टी और डायरिया की शिकायत आ रही है।
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डॉ. सुखदीप कौर ने कहा कि गर्मी में डायरिया व ड्री हाईड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी 1800 पार कर चुकी है। जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों की कुल ओपीडी 10 हजार पार हो चुकी है। सबसे अधिक मरीज डायरिया, हीट स्ट्रोक, पेट दर्द, डी हाईड्रेशन व बुखार के पहुंच रहे हैं। गर्मी में चमड़ी व नेत्र रोगी भी बढ़ रहे हैं। अब हर इमरजेंसी वार्ड में डायरिया के पांच-छह से अधिक केस मिल रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। डायरिया का मुख्य कारण दूषित पानी का सेवन भी है। हमें इस मौसम में बाहर जाने से बचना चाहिए। इन्फेक्शन डायरिया के इलाज के साथ डी-हाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी होना) की स्थिति से बचने के लिए खूब पानी पिएं। उबला हुआ पानी ठंडा करके पिएं। खुले में बिकने वाली चीजें न खाएं। गन्ने का रस पीने से बचें। बासी भोजन बिल्कुल न खाएं। तेज धूप से बचाव करें। साफ-सफाई का ख्याल रखें। भोजन सेवन से पहले साबुन से हाथ धोएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। प्यास लगने पर ओआरएस का घोल पिएं।
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